इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने EU को दी चेतावनी — कहा, “रूस की संपत्ति पर हाथ डालना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” — यूरोपीय राजनीति में भूचाल, मेलोनी ने ब्रिटेन को भी दिया झटका

बी के झा

NSK

रोम/ब्रसेल्स / न ई दिल्ली, 23 अक्टूबर

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोप की सियासत में एक नया तूफ़ान उठ खड़ा हुआ है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने यूरोपीय संघ (EU) को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि रूस की फ्रीज की गई संपत्तियों का इस्तेमाल किसी भी कीमत पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा।

मेलोनी का यह बयान उस समय आया है, जब यूरोपीय आयोग ने प्रस्ताव रखा है कि रूस की लगभग 210 अरब यूरो की संपत्तियों से यूक्रेन को दिए जाने वाले कर्ज की गारंटी दी जाए।

मेलोनी का सख्त रुख — “नियमों का सम्मान ज़रूरी”यूरोपीय परिषद के ब्रसेल्स शिखर सम्मेलन से पहले पत्रकारों से बातचीत में मेलोनी ने कहा,हम मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून और सिद्धांतों का सम्मान किया जाना चाहिए। किसी देश की फ्रीज संपत्तियों को अपने हित में उपयोग करना न्यायसंगत नहीं है।

”उन्होंने यह भी जोड़ा कि यूरोपीय संघ को रूस पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाना चाहिए, लेकिन इस प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

ब्रिटेन को भी झटका — “इटली के सैनिक यूक्रेन नहीं जाएंगे”ब्रिटेन की ओर से हाल ही में यह संकेत दिए गए थे कि वह यूक्रेन में अपनी सेना भेजने पर विचार कर रहा है।

इस पर इटली की पीएम ने साफ कहा —इटली किसी भी सूरत में अपने सैनिक यूक्रेन नहीं भेजेगा।”इस बयान के साथ ही मेलोनी ने ब्रिटेन की पहल से खुद को अलग कर लिया है, जिससे यूरोपीय एकजुटता की तस्वीर पर सवाल उठने लगे हैं।

यूरोपीय आयोग की योजना क्या है?यूरोपीय आयोग ने प्रस्ताव रखा है कि यूरोप में फ्रीज की गई रूसी संपत्तियों से मिलने वाले ब्याज का उपयोग यूक्रेन को आर्थिक मदद देने में किया जाए। यह कदम तब सुझाया गया जब अमेरिका की ओर से यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य सहायता में कमी आई और यूरोपीय देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ा।

अंतरराष्ट्रीय कानून का पक्ष अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक, किसी संप्रभु देश की संपत्तियों को जब्त करना या उनका उपयोग करना अवैध है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक, IMF और कई देशों ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसा कोई भी कदम वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को अस्थिर कर सकता है।

रूस की तीखी प्रतिक्रिया — “यह सीधी चोरी है”रूस ने यूरोप के इन कदमों को “चोरी” करार दिया है। रूसी वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव ने पहले ही कहा था कि अगर यूरोपीय देश हमारी संपत्तियों का उपयोग करते हैं, तो मॉस्को ‘जैसे को तैसे’ जवाब देगा।

गौरतलब है कि फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस की लगभग 300 अरब डॉलर की संपत्तियां फ्रीज की थीं, जिनमें से करीब 200 अरब यूरो ब्रसेल्स स्थित Euroclear क्लियरिंग हाउस में रखे गए हैं।

समय आने पर होगा हिसाब”रूस का कहना है कि यूरोप द्वारा उसकी संपत्ति से मिलने वाले ब्याज को यूक्रेन की मदद में देना भी नैतिक और कानूनी रूप से अनुचित है। रूसी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि “समय आने पर इसका हिसाब जरूर होगा।

विश्लेषण:

मेलोनी के बयान से साफ है कि यूरोपीय संघ के भीतर अब एकजुटता की दीवारों में दरार दिखने लगी है।

अमेरिका की घटती भूमिका के बीच यूरोप के देशों में यह असमंजस बढ़ रहा है कि रूस के खिलाफ कितनी दूर तक जाना उचित है।

इटली की पीएम ने जो रुख अपनाया है, वह यूरोप में ‘संतुलन की राजनीति’ को नए सिरे से परिभाषित करता दिख रहा है — न पूरी तरह रूस के खिलाफ, न ही अंध समर्थन यूक्रेन का।

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