बी के झा
NSK

किशनगंज, 9 नवंबर
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने रविवार को बिहार के किशनगंज में आयोजित विशाल जनसभा में केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर तीखे हमले बोले। बहादुरगंज खेल मैदान में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश इस समय “दो विचारधाराओं की लड़ाई” से गुजर रहा है—एक तरफ “आरएसएस और बीजेपी की विभाजनकारी सोच”, दूसरी तरफ “कांग्रेस और महागठबंधन की जोड़ने वाली सोच”
EC पर गंभीर आरोप:
मोदी-शाह वोट चोरी कर चुनाव जीतते हैं”राहुल गांधी ने अपनी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने और उनकी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।राहुल के शब्द थे:“हमने चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग नरेंद्र मोदी से मिलकर वोट चोरी कर रहा है। मोदी और अमित शाह चुनाव नहीं जीतते, आपका वोट चोरी कर चुनाव जीतते हैं।”उन्होंने कहा कि “वोट चोरी रोकना” अब उनकी और जनता दोनों की जिम्मेदारी है। राहुल ने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र के भविष्य की रक्षा की लड़ाई है।
“नफरत बनाम मोहब्बत” राहुल का वैचारिक प्रहार
राहुल गांधी ने अपने राष्ट्रव्यापी “यात्रा” का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने “चार हजार किलोमीटर पैदल यात्रा इसलिए की ताकि देश में फैली नफरत को खत्म किया जा सके।”उन्होंने कहा,“नरेंद्र मोदी की सोच में नफरत है। वे देश को बांटना चाहते हैं। हम नफरत के बाज़ार को बंद कराना चाहते हैं।”राहुल ने दावा किया कि बीजेपी और आरएसएस का एजेंडा समाज को बांटना है, जबकि कांग्रेस और महागठबंधन का उद्देश्य देश को जोड़ना और युवाओं को अवसर देना है।
बिहार में रोजगार और शिक्षा पर बड़ा हमला
राहुल गांधी ने बिहार की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति पर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया।उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले दो दशक में “न तो उद्योग पनपे, न रोजगार बढ़ा”।राहुल ने कहा कि:बिहार के युवक देश-विदेश में मजदूरी करते मिलते हैं — “
दुबई तक में बिहार के मेहनतकश दिख जाते हैं।”बिहार में कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद हो रही हैं या बेची जा रही हैं।“मोबाइल के पीछे मेड इन चाइना लिखा रहता है, हम चाहते हैं मेड इन बिहार लिखा हो।”
उन्होंने पूछा कि “नीतीश जी ने 20 वर्षों में कितने फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाए?” और इसे बिहार के औद्योगिक पिछड़ेपन का उदाहरण बताया।बिहार की क्षमता पर जोर — ‘मखाना का असली फायदा जनता को नहीं’राहुल ने मखाना उद्योग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्पाद अमेरिका जैसे देशों में महंगे दामों पर बिकता है, लेकिन बिहार के किसानों को इसका लाभ नहीं मिलता।उन्होंने NDA नेताओं के उस दावे को झूठ बताया, जिसमें कहा जाता है कि “बिहार में उद्योग लगाने के लिए जमीन नहीं है।शिक्षा सुधार का वादा: सरकारी स्कूल बनाए जाएंगे ‘इंग्लिश मीडियम’राहुल गांधी ने कहा कि यदि महागठबंधन की सरकार बनती है, तो बिहार में:सरकारी स्कूलों को इंग्लिश मीडियम मॉडल पर चलाया जाएगा
उच्च गुणवत्ता वाली यूनिवर्सिटी और कॉलेज खोले जाएंगे
शिक्षा को आधुनिक और सुलभ बनाया जाएगाउन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार को फिर से “ज्ञान–केंद्र” बनाना होगा।अंबानी, सोशल मीडिया और युवाओं पर संदेशराहुल गांधी ने कहा कि:महंगाई पर मोदी सरकार जनता को भ्रमित कर रही है“आप जो रील देखते हैं, उसका पैसा मुकेश अंबानी की जेब में जाता है”
21वीं सदी का नशा सोशल मीडिया है, लेकिन यह युवाओं को रोजगार नहीं देता
बिहार का युवा नौकरी चाहता है, न कि वर्चुअल दुनिया का नशा उन्होंने कहा कि मोदी सरकार न युवाओं से बात करती है, न उनकी जरूरतों को समझती है।
महागठबंधन बनाम NDA — चुनावी जमीन पर सियासी ताप
राहुल ने रैली को यह संदेश देते हुए समाप्त किया कि बिहार का चुनाव सिर्फ सत्ता का चुनाव नहीं, बल्कि “देश की आत्मा की रक्षा” का चुनाव है। उन्होंने दावा किया कि “कांग्रेस, राजद और महागठबंधन देश को जोड़ने की ताकत है, जबकि बीजेपी-आरएसएस का उद्देश्य समाज को विभाजित करना है।
