कुरुक्षेत्र के धरती से PM मोदी का प्रहार — नया भारत न डरता है, न रुकता है, न आतंकवाद के सामने झुकता है”ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का उदाहरण देते हुएपाकिस्तान–चीन को सख्त चेतावनी

बी के झा

NSK

नई दिल्ली /कुरुक्षेत्र, 25 नवंबर

धर्मक्षेत्र–कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक भूमि पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सिर्फ एक संबोधन नहीं, बल्कि नए भारत की सुरक्षा नीति का सशक्त घोषणापत्र साबित हुआ।गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और पड़ोसी देशों की नीतियों पर स्पष्ट और कठोर संदेश दिया।“नया भारत किसी से डरने वाला नहीं” — PM मोदीप्रधानमंत्री ने कहा,“नया भारत न डरता है, न रुकता है और न आतंकवाद के आगे झुकता है। नया भारत आतंकवाद का सामना भागकर नहीं, बल्कि सीधे डटकर करता है।”यह वक्तव्य कुरुक्षेत्र के विशाल पंडाल में मौजूद हजारों लोगों के बीच गूंज उठा। तालियों की गड़गड़ाहट ने वातावरण को ऐसा बना दिया मानो पूरा कुरुक्षेत्र नए संकल्प के साथ खड़ा हो।

ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का उल्लेख—भारत ने दिखाई निर्णायक शक्तिPM मोदी ने हाल ही में चर्चा में रहे ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा—“भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखा दिया कि भारत अब प्रतिक्रिया नहीं, कार्रवाई करता है।”विश्लेषक मानते हैं कि यह बयान पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए अप्रत्यक्ष लेकिन बेहद कड़ा संदेश था।

“जो भारत को छेड़ेगा… भारत उसे मिट्टी में मिला देगा”प्रधानमंत्री की यह लाइन पूरे कार्यक्रम की सबसे प्रभावशाली और चर्चित पंक्ति बन गई—“भारत किसी को डराता नहीं, लेकिन जो भारत को छेड़ेगा, भारत उसे मिट्टी में मिलाने का दम रखता है।”कुरुक्षेत्र का मैदान इस घोषणा के बाद लगातार तालियों से गूंजता रहा।

PM मोदी ने यह भी कहा कि पहले की तुलना में आज भारत की विदेश नीति और सुरक्षा नीति कहीं अधिक मजबूत और निर्णायक हुई है।पाकिस्तान–चीन पर अप्रत्यक्ष प्रहारबिना नाम लिए प्रधानमंत्री ने हालिया सीमा विवाद, ड्रोन एक्टिविटी, और आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पड़ोसी देशों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा—“अब समय बदल गया है। जो देश आतंकवाद को समर्थन देंगे, भारत उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उजागर करेगा और जरूरत पड़ने पर जवाब भी देगा।”कार्यक्रम के मायने — संदेश सिर्फ भारत के लिए नहीं, दुनिया के लिए भीगुरु तेग बहादुर की शहादत—धर्म और कर्तव्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान—को याद करते हुए PM मोदी ने कहा कि भारत के पास मजबूत आध्यात्मिक विरासत भी है और आधुनिक रक्षा शक्ति भी।

विश्लेषकों की राय—“भारत सुरक्षित हाथों में है”समारोह के बाद राजनीतिक विश्लेषकों, रक्षा विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को “दृढ़, रणनीतिक और समयानुकूल” बताया।

एक वरिष्ठ विश्लेषक ने कहा—“प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कर दिया कि भारत अब प्रतिक्रियावादी नहीं, बल्कि निर्णायक राष्ट्र बन चुका है। यह भारत के दुश्मनों के लिए चेतावनी और नागरिकों के लिए विश्वास दोनों है।कुरुक्षेत्र से राष्ट्र को संदेशधर्म, साहस और संकल्प की भूमि से प्रधानमंत्री का यह भाषण आने वाले समय में देश की सुरक्षा नीति और राजनीतिक विमर्श दोनों में एक अहम संदर्भ माना जाएगा।

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