बी के झा
NSK

नई दिल्ली, 15 नवंबर
दिल्ली के लाल किले के सामने हुए धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे परत दर परत चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। प्रारंभिक फॉरेंसिक रिपोर्ट ने एक अहम खुलासा किया है—
धमाके में शामिल डॉक्टर उमर मोहम्मद बम बनाने में प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से बेहद दक्ष था। घटनास्थल से उसकी मौजूदगी और উদ্ধার हुए एक्सहिबिट्स इस पूरे ऑपरेशन की भयावह सच्चाई को सामने ला रहे हैं।
60% एक्सहिबिट्स उमर की भूमिका की ओर इशारा करते हैंमौके से बरामद i-20 कार के लगभग 60% मलबे और फॉरेंसिक सैंपल्स ने यह संकेत साफ किया है कि धमाके की प्लानिंग अत्यंत सटीकता के साथ की गई थी।फॉरेंसिक विशेषज्ञों को घटनास्थल से:बेहद पतले कॉपर वायर,डेटोनेटर,टाइमिंग सर्किट,और कम समय में तैयार होने वाले अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटक के अंश मिले हैं।
ये सभी संकेत बताते हैं कि ब्लास्ट में टाइमर-डिटोनेशन तकनीक का उपयोग किया गया था, और इसमें किसी नौसिखिये का नहीं बल्कि प्रशिक्षित व्यक्ति का हाथ था। इसी वजह से जांच एजेंसियां मान रही हैं कि उमर बम बनाने में माहिर था।
48 सैंपलों का गहराई से विश्लेषण जांच एजेंसियों से प्राप्त
सूत्रों के अनुसार फॉरेंसिक टीम को अब तक 48 अहम सैंपल्स मिल चुके हैं।इनमें कार के टुकड़ों से लेकर मिट्टी, धातु कण, पिघले प्लास्टिक, वायरिंग फ्रैग्मेंट—सबकुछ शामिल है।ये सैंपल्स इस बात की जांच में महत्वपूर्ण हैं कि:
1. विस्फोटक मिश्रण कैसे तैयार किया गया?
2. क्या किसी बाहरी मॉड्यूल का प्रयोग हुआ?3. उमर ने बम कहां और किस समय बनाया?सूत्रों की मानें तो उमर ने अमोनियम नाइट्रेट में किसी उच्च-स्तरीय सेकेंडरी एक्सप्लोसिव को मिलाकर बम तैयार किया। यह मिश्रण कम समय में तैयार हो जाता है और इसकी विस्फोटक क्षमता अत्यधिक होती है।
क्या लाल किले की पार्किंग में 3 घंटे के अंदर बना बम?इस मामले का सबसे बड़ा सवाल अब यही है—क्या उमर ने धमाके से ठीक पहले पार्किंग में ही बम तैयार किया था?जांच एजेंसियां इस पर गंभीरता से काम कर रही हैं क्योंकि:उमर के फोन लोकेशन से पता चला कि वह ब्लास्ट से 3 घंटे पहले भी उसी इलाके में मौजूद था
पार्किंग में उसके ठहरने का समय तकनीकी रूप से बम तैयार करने के लिए पर्याप्त थाऔर कार के भीतर पाए गए बचे हुए तार, उपकरण और इम्प्रोवाइज़्ड मैटेरियल उसी ओर संकेत करते हैं
यदि यह सत्य साबित होता है, तो यह धमाका सिर्फ आतंकवादी साजिश नहीं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को खुली चुनौती देने जैसा प्रयास था।उधर कश्मीर में नौगाम धमाका: 9 की मौत,
2 अलग बयानदिल्ली की इस जांच के बीच श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन के बाहर अचानक हुए विस्फोट ने हालात और तनावपूर्ण बना दिए।यह विस्फोट उस विस्फोटक सामग्री से हुआ था जो फरीदाबाद से बरामद की गई थी, और इसकी चपेट में आकर:9 लोगों की मौत हो गईकई अन्य घायल हुएदिलचस्प बात यह है कि:गृह मंत्रालय ने इसे आतंकी घटना न मानते हुए इसे एक “दुर्घटना” कहा
वहीं जम्मू-कश्मीर के DGP ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच अभी जारी है, लेकिन यह एक अत्यधिक गंभीर घटना हैदोनों बयानों ने इस विस्फोट की प्रकृति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूरी साजिश का जाल और बड़ा हो रहा दिल्ली ब्लास्ट की जांच में उमर, अदील, शाहीन और श्रीनगर मॉड्यूल के बीच कई गहरे तार जुड़ते जा रहे हैं।
फॉरेंसिक सबूत मोबाइल लोकेशन डेटोनेटर और टाइमर सर्किटऔर कार की पार्किंग से जुड़ी जानकारी सबके आधार पर जांच एजेंसियां मान रही हैं कि उमर बम का मुख्य तकनीकी मास्टरमाइंड था।आने वाली रिपोर्ट्स इस साजिश के और बड़े चेहरों को बेनकाब कर सकती हैं।
