गाजीपुर की दो सीटों पर मुस्लिम वोट बढ़े, योगी सरकार सतर्क सीएम ने वाराणसी में ली मंडलस्तरीय समीक्षा—फर्जी वोटरों पर कड़ी निगरानी के निर्देश* “सिर्फ आंकड़ों नहीं, धरातल पर दिखे मेहनत

बी के झा

NSK

नई दिल्ली/वाराणसी/लखनऊ, 12 दिसंबर

पूर्वांचल की राजनीति इस समय मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अत्यंत संवेदनशील हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वाराणसी मंडल के सभी 29 विधानसभा क्षेत्रों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में गाजीपुर जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों—

जमानिया और मुहम्मदाबाद—में मुस्लिम मतदाताओं की तेजी से बढ़ती संख्या का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा।गाजीपुर भाजपा जिलाध्यक्ष ने सीएम के सामने नवीन आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि हाल के वर्षों में दोनों सीटों पर 7 से 10 प्रतिशत तक वोटर बढ़े हैं, जिनमें बड़ी संख्या मुस्लिम मतदाताओं की है। यह मामला उठा तो मुख्यमंत्री योगी ने इसे “गंभीर और संवेदनशील” बताते हुए सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।सीएम योगी: “फर्जी मतदाताओं पर पैनी नजर जरूरी, कोई अपात्र नाम सूची में न आए”सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में वोटरों की असामान्य वृद्धि की स्थिति में तत्काल जांच आवश्यक है।

उन्होंने जिला इकाइयों, जनप्रतिनिधियों और बूथ स्तर के पदाधिकारियों को चेताया—सीएम के मुख्य निर्देशकिसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे, औरकिसी अपात्र या संदिग्ध व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न होने पाएबाहरी, मृतक, स्थानांतरित और अनमैप्ड मतदाताओं की विशेष जांचटीमें गठित कर हर बूथ पर एजेंट भेजे जाएं मिलते-जुलते नाम और गलत वल्दियत की सूक्ष्म छानबीनशिफ्टेड वोटरों के डेटा को लाइन-बाई-लाइन खंगाला जाए संदिग्ध मामलों पर नियमानुसार आपत्तियां दर्ज की जाएं योगी बोले—“

केवल आंकड़े सुधारने से काम नहीं चलेगा, धरातल पर प्रभावी कार्रवाई दिखनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि कुछ क्षेत्रों में बाहरी राज्यों के लोगों के नाम सूची में दर्ज पाए गए हैं। ऐसी प्रविष्टियों को गंभीरता से जांचने का निर्देश दिया गया।सीएम के पास हर विधानसभा के ‘एक-एक बूथ’ का डेटाबैठक में मौजूद विधायकों और पदाधिकारियों के बीच खास चर्चा इस बात की रही कि मुख्यमंत्री योगी वाराणसी मंडल के हर विधानसभा क्षेत्र के एक-एक बूथ की रिपोर्ट लेकर बैठक में पहुंचे थे।यह तथ्य दर्शाता है कि सरकार इस SIR अभियान को लेकर कितनी संवेदनशील और सक्रिय है।उन्होंने साफ कहा—“

मैं हर बूथ का डेटा देख रहा हूं। किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”अभियान का फोकस: घर-घर सत्यापन

सीएम योगी ने निर्देश दिया कि कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि व्यक्तिगत स्तर पर जनता तक पहुंचें।मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश:हर बूथ पर जाकर घर-घर पता करें किसने SIR फॉर्म भरा है?

किसने नहीं भरा?

फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया को पूरी ईमानदारी से संचालित करें मतदाता सूची में जनता को जोड़ना भाजपा की “संगठनात्मक जिम्मेदारी” है

योगी बोले—“SIR के लिए मिली अतिरिक्त समय-सीमा का हर सेकंड सदुपयोग होना चाहिए। यह सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी है।”क्या है राजनीतिक पृष्ठभूमि?क्यों बढ़े मुस्लिम वोटर—गाजीपुर में बढ़ती चर्चा गाजीपुर की जमानिया और मुहम्मदाबाद क्षेत्र पूर्व विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी के पारंपरिक प्रभाव वाले इलाके माने जाते हैं। पिछले एक दशक में यहां जनसांख्यिकीय बदलाव की आशंकाएं बार-बार उठती रही हैं।

भाजपा की स्थानीय इकाई का कहना है कि—बाहरी जिलों से माइग्रेशन,किराएदारों का बढ़ता रजिस्ट्रेशन,और वोटर लिस्ट में संदिग्ध नए नामों का जुड़नाइन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या बढ़ने का प्रमुख कारण हो सकते हैं।सीएम योगी का यह सख्त रुख सरकार की इस चिंता को रेखांकित करता है कि 2027 विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट का हर नाम शुद्ध और प्रमाणिक होना चाहिए।

निष्कर्ष:

पूर्वांचल में चुनावी संवेदनशीलता बढ़ी, सरकार अलर्ट मोड में मतदाता सूची के SIR अभियान के दौरान दो विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम वोटरों की असामान्य बढ़ोतरी ने राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश साफ हैं—“पारदर्शिता ही सर्वोपरि। वोटर लिस्ट में कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं।”सरकार, संगठन और प्रशासन—

तीनों स्तरों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।समय रहते जांच पूरी करने के बाद ही अंतिम मतदाता सूची का स्वरूप तय होगा, जो सीधे 2027 की राजनीतिक तस्वीर को प्रभावित करेगा।

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