बी के झा
NSK

पटना, 7 नवंबर
बिहार चुनाव के बीच लालू परिवार के भीतर की कलह एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने मनेर से पार्टी प्रत्याशी और विधायक भाई वीरेंद्र पर खुला हमला बोलते हुए सियासी तापमान को और बढ़ा दिया।शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेज प्रताप गुस्से में फट पड़े।
उन्होंने कहा—“भाई वीरेंद्र जैसे गुंडे-मवाली लोगों ने ही बिहार को बर्बाद किया है। चाहे वह किसी भी दल के हों, ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”उनका यह बयान उस समय आया जब मनेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भाई वीरेंद्र एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। चुनाव के दौरान पुलिस पदाधिकारी से अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप में उनके खिलाफ नई FIR दर्ज की गई है।मनेर में मतदान के दौरान बवाल—
पुलिस अधिकारी को जला देने की धमकी!गुरुवार को मतदान के दौरान महिनावां हाई स्कूल बूथ पर अचानक तनाव फैल गया। आरोप है कि एक महिला मतदाता की सहायता करने को लेकर विधायक भाई वीरेंद्र और दारोगा भरत तिवारी के बीच विवाद हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की FIR के अनुसार, विधायक ने दारोगा को जातिसूचक शब्द कहे और जला देने की धमकी तक दे डाली।
पुलिस पदाधिकारी भरत तिवारी द्वारा दिए गए आवेदन पर FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है।मामले को गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि विधायक के खिलाफ पहले भी एससी–एसटी थाने में एक मामला दर्ज है, जिसमें पंचायत सेवक से गाली-गलौज और दुर्व्यवहार का आरोप है। इसकी ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।
तेज प्रताप लगातार हमलावर
बोले, “दलितों को पीटते हैं ऐसे नेता”भाई वीरेंद्र पर चल रहे मामलों पर जैसे ही पत्रकारों ने तेज प्रताप से सवाल किया, वे भड़क उठे।
उन्होंने कहा—“ये वही लोग हैं जो दलितों की पिटाई करते हैं। बिहार को बदनाम करते हैं। पार्टी कोई भी हो, सरकार को ऐसे गुंडे-मवालियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”तेज प्रताप ने साफ कहा कि पार्टी अनुशासन और कानून-व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह राजद का ही क्यों न हो।लालू परिवार में बढ़ती दूरी?
चुनावी समय में बड़ा संकेत
तेज प्रताप द्वारा अपनी ही पार्टी के विधायक पर खुलेआम हमला बोलना राजनीतिक मायने भी रखता है।राजद के अंदर ही दो धड़ों के बीच तनाव की चर्चा पहले से चल रही है।भाई वीरेंद्र, जो तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं, उन पर तेज प्रताप की यह तीखी टिप्पणी सियासी पंडितों के लिए भी संकेत है कि राजद में अंदरूनी खींचतान चुनावी माहौल में चरम पर पहुंच गई है।
मनेर की राजनीति पर पड़ेगा असर?
भाई वीरेंद्र का मनेर में मजबूत जातीय आधार माना जाता है, लेकिन लगातार विवादों से उनकी छवि धूमिल हो रही है।अब तेज प्रताप के तीखे बयान ने राजनीतिक समीकरण को और जटिल बना दिया है।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि“तेज प्रताप का यह बयान सीधे मनेर की चुनावी हवा को प्रभावित करेगा। पार्टी के भीतर की इस लड़ाई का फायदा विपक्ष उठा सकता है।”
आगे क्या?
पुलिस FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।राजद नेतृत्व इस मामले को लेकर अभी तक सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बोला है, लेकिन तेज प्रताप के बयान के बाद पार्टी के अंदर हलचल तेज हो चुकी है।बिहार की राजनीति में यह पहला मौका नहीं है जब तेज प्रताप ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर सवाल उठाए हों, लेकिन मतदान के बीच इस तरह का बड़ा बयान राजद के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
