चुनावी बिगुल से पहले एनडीए का बड़ा दांव — नीतीश ने 2100 करोड़ भेजे, 21 लाख दीदियों के खाते में पहुंचे 10-10 हजार रुपये

बी के झा

NSK

पटना / नई दिल्ली, 6 अक्टूबर

बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बड़ा कदम उठाया। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत 21 लाख जीविका दीदियों के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की। कुल 2100 करोड़ रुपये की यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी गई।अब तक एक करोड़ 21 लाख से अधिक दीदियों को इस योजना के तहत लाभ मिल चुका है।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कई मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने इस मौके पर कहा कि “राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। जीविका आंदोलन के जरिए महिलाओं ने समाज में नई पहचान बनाई है, सरकार उनके हर कदम पर साथ खड़ी है।महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकसइस योजना के तहत महिलाओं को अपने पसंद के रोजगार शुरू करने के लिए 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। आगे चलकर उनके काम के आकलन के आधार पर दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद भी दी जाएगी।सरकार का उद्देश्य है कि हर जीविका परिवार की एक महिला को इस योजना का लाभ मिले। अन्य महिलाएं भी जीविका से जुड़कर इसका फायदा उठा सकती हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि “बिहार की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। हमारा लक्ष्य है कि उन्हें न सिर्फ आर्थिक बल्कि शैक्षणिक, राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाया जाए।”मोदी-नीतीश की ‘दो भाइयों’ वाली जोड़ी का जिक्रयाद दिला दें कि 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से रिमोट दबाकर बिहार की 75 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया था। उस दौरान पीएम ने कहा था कि “बिहार की महिलाओं के दो भाई हैं — नीतीश और नरेंद्र — जो उनके सुख और समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”इसके बाद 3 अक्टूबर को सीएम नीतीश कुमार ने 25 लाख दीदियों के खाते में राशि भेजी थी। अब सोमवार को तीसरी किश्त के रूप में 21 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचाया गया।तेजस्वी और कांग्रेस ने साधा निशानादूसरी ओर, विपक्ष ने इस कदम को चुनावी स्टंट करार दिया है।आरजेडी सुप्रीमो तेजस्वी यादव ने कहा —नीतीश कुमार ने 2100 करोड़ रुपये बांटकर साबित कर दिया है कि बिहार में एनडीए की जमीन खिसक चुकी है। अब वे सरकारी खजाने को खाली कर वोट खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस बार बिहार की जनता ऐसा सबक सिखाएगी जिसे इतिहास याद रखेगा।कांग्रेस नेता ने भी केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा —प्रधानमंत्री मोदी अपनी राजनीतिक इज्जत बचाने के लिए धन-बल का इस्तेमाल कर रहे हैं। चुनाव आयोग आंख मूंदे ‘धृतराष्ट्र’ की तरह सब कुछ देख रहा है।”आज मेट्रो उद्घाटन और मुजफ्फरपुर में विकास योजनाओं का शिलान्यासमुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को पटना मेट्रो परियोजना के पहले फेज का उद्घाटन करने वाले हैं। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर में करीब 300 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे।राजनीतिक गलियारों में इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे सरकार विकास और महिला सशक्तिकरण दोनों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।राजनीतिक हलचल तेज — शाम चार बजे हो सकता है चुनावी ऐलानइधर, भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसमें बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने की संभावना है।राज्य के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। एनडीए अपनी योजनाओं और वादों के साथ जनता तक पहुंचने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष इसे “लुभावनी राजनीति” बता रहा है।संपादकीय टिप्पणी:-बिहार की राजनीति में विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं को लेकर मुकाबला तेज हो गया है। एक ओर सरकार ‘महिला सशक्तिकरण’ का नारा बुलंद कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे “राजनीतिक लाभ का खेल” बता रहा है। अब देखना यह है कि जनता किसे सच्चा ‘सेवक’ मानती है।

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