बी के झा
NSK

नई दिल्ली /लखनऊ, 12 नवंबर
राष्ट्रीय राजधानी को दहलाने की साजिश रचने वाले संदिग्ध आतंकियों के नेटवर्क की परतें अब तेजी से खुलने लगी हैं। दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। अब यह सामने आया है कि संदिग्धों के पास I20 के अलावा एक और लाल रंग की Ford EcoSport कार भी थी।दिल्ली पुलिस ने अब इस लाल कार की तलाश के लिए पूरे NCR और आसपास के राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया है। हर थाने, पुलिस चौकी और बॉर्डर पोस्ट पर इस कार को लेकर सख्त निगरानी शुरू हो गई है।
राजधानी में हाई अलर्ट — लाल EcoSport की तलाश में जुटी दिल्ली पुलिस की 5 टीमेंजांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि संदिग्धों की दूसरी गाड़ी लाल रंग की Ford EcoSport (नंबर DL10CK0458) थी, जो दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके के एक पते पर पंजीकृत है। दस्तावेज़ों के अनुसार, यह कार 22 नवंबर 2017 को खरीदी गई थी।दिल्ली पुलिस की पाँच विशेष जांच टीमें (SIT) इस कार की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह कार संदिग्ध आतंकियों के मूवमेंट में इस्तेमाल की गई थी और इसके गायब होने से जांच का दायरा और गहराया है।
डॉ. परवेज़ और डॉ. शाहीन के घर से मिले अहम सबूतइस बीच, जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। डॉ. शाहीन के भाई, डॉ. परवेज़ के घर से कई अहम दस्तावेज़, गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ बरामद हुए हैं।घर की तलाशी के दौरान पुलिस को कीपैड मोबाइल, चाकू, लैपटॉप और कई संवेदनशील दस्तावेज़ मिले हैं। कल यूपी एटीएस और जम्मू पुलिस ने संयुक्त रूप से डॉ. परवेज़ और डॉ. शाहीन के पिता के घर पर भी छापेमारी की थी। हालांकि पिता के घर से कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।पिता का फोन जांच के बाद एटीएस ने वापस कर दिया, लेकिन डॉ. परवेज़ के बंद घर से मिले लैपटॉप ने कई राज़ खोल दिए हैं।
तीनों डॉक्टर ऑनलाइन जुड़े थे, डॉ. मुज़म्मिल ने किया ‘रैडिकलाइज़’लैपटॉप डेटा की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि डॉ. परवेज़, डॉ. शाहीन और डॉ. मुज़म्मिल एक-दूसरे से लगातार ऑनलाइन संपर्क में रहते थे।सूत्र बताते हैं कि डॉ. मुज़म्मिल ही वह व्यक्ति था जिसने पहले डॉ. शाहीन को और फिर डॉ. परवेज़ को कट्टरपंथ की राह पर धकेला। यह तिकड़ी पिछले दो से तीन सालों से किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रही थी और कई संवेदनशील जगहों की रेकी भी की गई थी।
सहारनपुर कनेक्शन भी आया सामने दिल्ली पुलिस ने यह भी पता लगाया है कि डॉ. परवेज़ के घर के बाहर खड़ी एक गाड़ी सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से खरीदी गई थी। जांच एजेंसियां अब इस वाहन के पिछले मालिकों और संभावित इस्तेमाल की कड़ियों को खंगाल रही हैं।
देश में बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने के संकेत दिल्ली ब्लास्ट केस की यह नई परतें साफ संकेत दे रही हैं कि देश में एक संगठित आतंकी नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें शिक्षित युवाओं की भूमिका चौंकाने वाली है। जांच एजेंसियां अब साइबर ट्रेल, बैंकिंग ट्रांजैक्शंस और डिवाइस रिकवरी के आधार पर पूरे नेटवर्क की जड़ें तलाशने में लगी हैं।राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, “संदिग्धों के पास दो कारों का होना यह साबित करता है कि यह साजिश बेहद योजनाबद्ध और तकनीकी तौर पर तैयार की गई थी।
(जांच जारी है… अगले 48 घंटे इस केस में निर्णायक साबित हो सकते हैं)
