नीतीश नहीं बने तो राजनीति छोड़ दूंगा: अनंत सिंह का बड़ा ऐलान, बोले— “दूसरा नीतीश कुमार पैदा नहीं होगा”

बी के झा

NSK

पटना/मोकामा / नई दिल्ली, 27 अक्टूबर

बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक माहौल हर दिन नई सरगर्मी के साथ बदल रहा है। अब मोकामा सीट से जेडीयू के बाहुबली नेता और उम्मीदवार अनंत सिंह ने ऐसा बयान दे दिया है, जिसने पूरे बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है।

अनंत सिंह ने साफ शब्दों में कहा—अगर इस बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनते, तो मैं विधायक बनकर भी कुर्सी पर नहीं बैठूंगा। राजनीति छोड़कर घर चला जाऊंगा। वही (नीतीश कुमार) हमें राजनीति में लाए हैं, अगर वे नहीं रहेंगे तो मैं भी इस लाइन में नहीं रहूंगा।

नीतीश बाबू हमारे राजनीतिक जीवन के सूत्रधार हैं”न्यूज़ पिंच को दिए इंटरव्यू में अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और भावनात्मक जुड़ाव को खुलकर व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें राजनीति में अवसर दिया और जनसेवा का मार्ग दिखाया।बिहार के विकास और स्थिरता का चेहरा सिर्फ नीतीश कुमार हैं। उनकी दूरदर्शी सोच ने बिहार को नए युग में प्रवेश कराया। ऐसा नेता दोबारा पैदा नहीं होगा,”अनंत सिंह ने कहा।

प्रशांत किशोर पर चुटकी— “क्या अब वे मुख्यमंत्री बनेंगे?”

प्रशांत किशोर के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि 14 नवंबर के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, अनंत सिंह ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा—अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे तो क्या प्रशांत किशोर बनेंगे? बिहार में नीतीश जैसा दूसरा कोई नहीं। भूतो ना भविष्यति— ऐसा नेता फिर जन्म नहीं लेगा।

प्रतिद्वंद्वियों पर निशाना, “काम ही हमारा चेहरा”मोकामा सीट पर इस बार अनंत सिंह का मुकाबला बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी (आरजेडी) से है।अपने प्रतिद्वंद्वियों पर सीधा हमला करने के बजाय अनंत सिंह ने कहा—हम मुकाबले की राजनीति नहीं करते। जनता के बीच काम और ईमानदारी ही हमारी पहचान है। सड़कों से लेकर पानी तक, क्षेत्र के हर घर में हमारा काम बोलता है।”

नीतीश को हटाने की अटकलों पर JDU का पलटवार, बोले संजय झा—

“सीएम वही बनेंगे”इधर, भाजपा नेताओं के बयानों से उठे सवालों के बीच जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर उठ रही तमाम अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है।

उन्होंने इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा—एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ रहा है और चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री भी वही बनेंगे। हर राज्य की राजनीति अलग होती है, महाराष्ट्र से तुलना करना गलत है।”“तेजस्वी का नाम ब्लैकमेलिंग से तय हुआ”महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित किए जाने पर संजय झा ने चुटकी लेते हुए कहा—

कांग्रेस पहले तेजस्वी के नाम पर सहमत नहीं थी। जब उन्होंने प्रचार से इनकार कर दिया, तब ब्लैकमेलिंग के बाद उनका नाम तय हुआ। अब इसका फायदा हमें मिलेगा, क्योंकि इससे हम जनता को फिर से ‘जंगलराज’ के दिन याद दिला पाएंगे।“एनडीए में सबको सम्मान मिला है”सीट बंटवारे को लेकर उठे सवालों पर झा ने कहा—

हर दल चाहता है कि उसकी सीटें बढ़ें, लेकिन अंत में फैसला आपसी सहमति से होता है। एनडीए के सभी घटक दलों को उनके पिछले प्रदर्शन और ताकत के हिसाब से सम्मानजनक सीटें दी गई हैं।”बिहार की सियासत में ‘मोकामा फैक्टर’ की गूंजमोकामा की लड़ाई इस बार सिर्फ सीट नहीं, बल्कि नीतीश वफादारी बनाम सत्ता समीकरण का प्रतीक बन गई है।

अनंत सिंह का यह भावनात्मक बयान न केवल जेडीयू के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि पार्टी के पुराने नेता आज भी नीतीश कुमार को ही बिहार की स्थिरता का गारंटर मानते हैं।

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