बी के झा
NSK

दुबई / नई दिल्ली, 22 नवंबर
दुबई एयर शो—जहाँ दुनिया अपने सबसे तेज, सबसे उन्नत और सबसे खतरनाक एयरोबैटिक करतबों का प्रदर्शन करती है। यही वह मंच था जहां भारतीय वायुसेना का स्वदेशी फाइटर जेट LCA तेजस, अपनी चपलता, शक्ति और तकनीक के दम पर भारत का परचम लहराने निकला था। लेकिन 21 नवंबर की दोपहर ने एक ऐसा मंजर देखा, जिसे कोई दर्शक कभी नहीं भूल पाएगा। तेजस ने एक नेगेटिव G टर्न लिया—और पलक झपकते ही नियंत्रण खोकर जमीन पर गिर गया।
पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल अपनी जान गंवा बैठे।भारत के इस गौरवशाली लड़ाकू विमान का यह हादसा पिछले एक दशक में सिर्फ दूसरा था, लेकिन इतना गहरा था कि इसने “तेजस कितना सुरक्षित है?”—इस बहस को फिर से जीवित कर दिया। यह रिपोर्ट केवल एक दुर्घटना का विवरण नहीं, बल्कि समझने की कोशिश है कि क्या हुआ, क्यों हुआ और तेजस के आगे का सफर क्या है।
दुबई एयर शो: उत्साह से चीख तक का सफरदुबई एयर शो दुनिया के एविएशन उद्योग का सबसे बड़ा मंच है।बाकी दिनों की तरह आखिरी दिन भी रोमांचक था। हजारों लोगों की भीड़, एयरलाइंस के अरबों डॉलर के सौदे, और आसमान में उड़ते धुआंधार जेट—हर ओर उत्साह था।2:15 बजे स्थानीय समय पर तेजस को उड़ान भरनी थी।45वीं स्क्वाड्रन का यह विमान 2016 से IAF की रीढ़ बन चुका है।शुरुआत शानदार रही—लूप्स, इन्वर्टेड रोल्स, हाई-स्पीड टर्न्स…दर्शक दांत तले उंगलियां दबाए देख रहे थे।और फिर हुआ वह घातक करामात
नेगेटिव G टर्न।वीडियो फुटेज में साफ दिखता है—तेजस लूप पूरा करके नीचे आता है, अचानक नाक और नीचे गिरती है।जेट धीरे-धीरे नहीं बल्कि रॉकेट की गति से ऊंचाई खोने लगता है।
पायलट रिकवर करने की कोशिश करता है… लेकिन बहुत देर हो चुकी होती है।जमीन से टकराते ही तेजस आग के विशाल गोले में बदल जाता है।आसमान में काला धुआं तैरता है और दर्शकों में चीखें गूंज उठती हैं।नेगेटिव G टर्न आखिर है क्या?आसमान का सबसे खतरनाक ‘उल्टा नृत्य’हमारे शरीर और विमान—दोनों पर उड़ान में G-फोर्स काम करती है।1G = वह बल जो हमें जमीन पर सीधा खड़ा रखता है।पॉजिटिव G क्या करता है?पायलट को सीट में दबाता हैखून पैरों की ओर जाता हैब्लैकआउट का खतरा नेगेटिव G क्या करता है?
पायलट को सीट से ऊपर उछालता हैखून सिर की ओर जाता हैआंखों में लाल धब्बे दिखने लगते हैं—इसे कहते हैं ‘रेडआउट’अत्यधिक होने पर पायलट बेहोश—G-LOC (Loss of Consciousness)यह सबसे जटिल क्यों?क्योंकि नेगेटिव G के दौरान विमान उल्टा या नोज-डाउन स्थिति में होता है।पायलट को कुछ ही सेकंड में—
हवा की दिशा ऊंचाई शरीर की प्रतिक्रिया कंट्रोल इनपुटसब एक साथ संभालने होते हैं।यह वह मैन्युवर है जिसमें पायलट की एक छोटी सी गलती और विमान की एक छोटी-सी तकनीकी चूक—दोनों में से कुछ भी हो, क्रैश लगभग तय होता है।क्या हुआ तेजस के साथ?एविएशन एक्सपर्ट्स तीन प्रमुख संभावनाएं गिना रहे हैं—
1. ऊंचाई बहुत कम थीलो-ऑल्टीट्यूड नेगेटिव G टर्न दुनिया के किसी विमान के लिए भी रिस्की माना जाता है।25–30 सेकंड की बजाय पायलट के पास सिर्फ 4–5 सेकंड ही बचे होंगे।
2. टेम्परेरी डिसोरिएंटेशनतेज नेगेटिव G में पायलट को दिशा का अंदाजा खो सकता है।वर्टिकल स्पीड का गलत आकलन घातक होता है।
3. कंट्रोल या इंजन ने रिस्पॉन्ड नहीं किया यह भी संभव है—कंट्रोल सरफेस (एलीवेटर) फंस गया इंजन थ्रस्ट सही नहीं आया फ्लाइट कंप्यूटर ने गलत इनपुट दर्शा्ली अभी तक यह केवल अनुमान हैं।ब्लैक बॉक्स का डेटा ही असली कहानी बताएगा।
तेजस: 24 साल में सिर्फ दो क्रैश—फिर भी ‘शानदार’ क्यों माना जाता है?
LCA तेजस हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की सबसे सफल परियोजनाओं में से एक है।शानदार रिकॉर्ड:2001 में पहली उड़ान2016 में IAF में शामिलअब तक 24 साल के सफर में सिर्फ 2 हादसे दुनिया के हल्के, चपल, अत्याधुनिक 4.5 जनरेशन विमानों में शामिल इससे पहले मार्च 2024 में क्रैश हुआ था, जिसमें पायलट ने पैराशूट से जान बचा ली थी।
क्यों सुरक्षित माना जाता है?
मल्टी-रोल क्षमता डिजिटल फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम AESA रडार सुपरसोनिक स्पीडस्टील्थ डिज़ाइन यह MiG-21 के मुकाबले 20 गुना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।क्या इस क्रैश से तेजस पर सवाल उठेंगे?“
हर क्रैश पूछता है—क्यों?”
लेकिन हर क्रैश दोष नहीं साबित करता।विश्व भर के प्रमुख एयर शो—जैसे पेरिस, फारनबरो, MAKS—सभी ने अपनी आंखों के सामने:F-16Sukhoi-27EurofighterHawk Trainerजैसे दिग्गज विमानों को गिरते हुए देखा है।एयर शो में उड़ान हमेशा रिस्क की सीमा पर होती है।वहां जेट युद्ध नहीं लड़ता—वह दर्शकों के लिए अपनी सीमाओं का प्रदर्शन करता है।फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार भारत का तेजस हारा—लेकिन उसका गर्व नहीं।
बहादुर पायलट के नाम…विंग कमांडर नमांश स्याल—एक प्रशिक्षित, अनुभवी और उत्कृष्ट पायलट।उनकी कुर्बानी केवल शोक का विषय नहीं,बल्कि हर आने वाले भारतीय पायलट के लिए प्रेरणा है कि—“आसमान केवल रोमांच नहीं, ज़िम्मेदारी भी है।”जांच क्या बताएगी?
IAF ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी बैठा दी है।जांच में शामिल होगा:ब्लैक बॉक्स डेटाडिजिटल फ्लाइट रिकॉर्डरATC बातचीत इंजन और कंट्रोल सिस्टम के लॉगदुर्घटना स्थल की फोरेंसिक रिपोर्टनतीजे जो भी हों—उम्मीद यही है कि तकनीक और ट्रेनिंग दोनों और मजबूत होकर सामने आएंगे।अंत में… यह हादसा संख्या नहीं—सबक हैतेजस का करियर अब भी चमकदार है।
एक हादसा उसकी क्षमता, उसकी तकनीक, उसकी सफलता को कम नहीं करता।लेकिन यह याद जरूर दिलाता है—आसमान में गलती की कोई गुंजाइश नहीं।और भारत का स्वदेशी विमान—अपनी अगली उड़ान में और भी सुरक्षित, और भी मजबूत होकर लौटेगा।
