बी के झा
NSK

पटना / नई दिल्ली, 26 अक्टूबर
बिहार विधानसभा चुनावी रण में राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने रविवार को अपने “चुनावी पिटारे” से एक के बाद एक ऐलान कर सबको चौंका दिया।
उन्होंने कहा कि “अबकी बार मौका 20 साल वालों को नहीं, 20 महीने वालों को दीजिए” — इशारा था सीधे नीतीश कुमार की ओर, जिनके शासन को उन्होंने “ठहरा हुआ पानी” करार दिया।तेजस्वी ने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनी, तो पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर पीडीएस डीलरों तक, हर वर्ग की जेब में राहत पहुँचेगी।
प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने जो मुख्य घोषणाएं कीं, वे इस प्रकार हैं—
तेजस्वी के वादों की झलक
पंचायत प्रतिनिधियों को दोगुना मानदेय और पेंशन तेजस्वी ने ऐलान किया कि त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय और भत्ता दोगुना किया जाएगा।साथ ही पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन देने की शुरुआत की जाएगी — यह व्यवस्था पहले से कई राज्यों में लागू है।
50 लाख का बीमा, ग्राम कचहरी को नई ताकतहर पंचायत प्रतिनिधि का ₹50 लाख का बीमा कराया जाएगा।साथ ही ग्राम कचहरियों की कानूनी और प्रशासनिक शक्तियाँ बढ़ाई जाएंगी, ताकि ग्रामीण स्तर पर न्याय तंत्र मजबूत हो सके।
पीडीएस डीलरों के लिए खुशखबरी
तेजस्वी ने कहा कि जन वितरण प्रणाली (PDS) के डीलरों को अब मानदेय दिया जाएगा।प्रति क्विंटल मार्जिन मनी (कमीशन) भी बढ़ाया जाएगा और 58 वर्ष की आयु सीमा को समाप्त कर दिया जाएगा।
परंपरागत कारीगरों को बिना ब्याज लोन
लोहार, कुम्हार, बढ़ई, नाई जैसे परंपरागत व्यवसायों को आगे बढ़ाने के लिए ₹5 लाख तक का ब्याज रहित ऋण दिया जाएगा, जिसे पाँच साल में चुकाना होगा।
नीतीश, मोदी और शाह पर तेजस्वी का हमला
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया।उन्होंने कहा —बीजेपी बिहार में कोई फैक्ट्री नहीं लगाएगी, क्योंकि अमित शाह खुद साफ कह चुके हैं। मोदीजी हर बार आते हैं, जुमले सुनाते हैं और फैक्ट्री गुजरात में लगाते हैं। वोट लेने बिहार आते हैं, रोजगार देने गुजरात।तेजस्वी ने कहा कि 20 साल के शासन में नीतीश कुमार बिहार को ठहरा हुआ पानी बना चुके हैं — “जो रुक गया, वो सड़ गया। अब बदलाव का वक्त है।
वादों की बरसात या ‘फ्री रेवड़ी’ की दौड़?तेजस्वी यादव इससे पहले भी “हर घर सरकारी नौकरी” का वादा कर चुके हैं।उन्होंने कहा था कि “सरकार बनने के 20 दिनों में अध्यादेश लाकर रोजगार योजना शुरू की जाएगी।
”अब पंचायत प्रतिनिधि, पीडीएस डीलर और कारीगरों को शामिल कर उन्होंने अपने जनाधार को गाँव-गाँव तक मजबूत करने की रणनीति दिखाई है।बिहार की राजनीति में इस वक्त हर दल मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने-अपने “सपनों का पिटारा” खोल चुका है —कोई फ्री गैस सिलिंडर बाँटने की बात कर रहा है, तो कोई पक्के मकान, नौकरी, या भत्ता देने का वादा कर रहा है।
लेकिन असली सवाल यही है – क्या बिहार के मतदाता फ्री की रेवड़ियों के पीछे भागेंगे या रोजगार, शिक्षा और सुदृढ़ कानून व्यवस्था की उम्मीद में वोट देंगे?
“हम काम से जवाब देंगे, जुमलों से नहीं” — प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोश से लबरेज तेजस्वी यादव
