बी के झा
NSK

पटना / न ई दिल्ली 28 अक्टूबर
बिहार विधानसभा चुनाव में अब सियासी मुकाबला चरम पर है। महागठबंधन की ओर से प्रचार अभियान को धार देने के लिए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार, 29 अक्टूबर से राज्य के दौरे पर आ रहे हैं। वे मुजफ्फरपुर के सकरा विधानसभा और दरभंगा ग्रामीण में दो चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे।यह राहुल और तेजस्वी यादव की पहली संयुक्त सभा होगी, तेजस्वी को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए जाने के बाद।
राहुल गांधी का तीखा प्रहार: “नीतीश-मोदी सरकार ने बिहार को गर्त में धकेला”दौरे से एक दिन पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तीखा हमला बोला।
उन्होंने लिखा —अब बिहार बदलने का वक्त आ गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों की दुर्दशा के लिए बीजेपी-जेडीयू सरकार जिम्मेदार है।
बीते 20 वर्षों में इस मोदी-नीतीश सरकार ने बिहार के युवाओं की आकांक्षाओं का गला घोंट दिया है। प्रदेश को लावारिस छोड़ दिया गया है और हर पैमाने पर पीछे धकेल दिया गया है।
”राहुल ने आगे कहा,जितने भी बिहारी युवाओं से मैं मिला हूं, सभी बेहद होनहार और समझदार हैं।
अपनी काबिलियत और मेहनत के दम पर वे हर जगह चमक सकते हैं — पर सरकार ने उन्हें अवसरों की जगह बेरोजगारी और निराशा दी है। अब बदलाव का वक्त आ गया है।”
तेजस्वी यादव बोले — “मिथिलांचल से बदलाव का ऐलान होगा”राहुल गांधी के बिहार दौरे को लेकर महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके साथ राहुल गांधी की साझा रैली से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी।
तेजस्वी ने कहा —दरभंगा और मुजफ्फरपुर की रैलियों में कांग्रेस के जन नेता राहुल गांधी के आगमन से गठबंधन के कार्यकर्ताओं में एक नया जोश और उम्मीद का संचार होगा।
हमारा मकसद साफ है — यह दिखाना कि बीजेपी के विधायक, मंत्री और स्थानीय नेता किस तरह सत्ता के बल पर आम जनता की जमीन पर कब्जा कर बैठे हैं।”उन्होंने आरोप लगाया कि दरभंगा शहर में चिराग पासवान के समर्थन से कुछ लोगों ने “आतंक का माहौल” बनाया हुआ है, जबकि प्रशासन “मौन व्रत धारण कर सबकुछ होते देख रहा है।
”तेजस्वी ने कहा,इस बार मिथिलांचल की धरती से बदलाव का बिगुल बजेगा। अगर सवर्ण मतदाता वर्ग का 10-15 प्रतिशत भी महागठबंधन की ओर आता है, तो एनडीए की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।”
घोषणापत्र से लेकर रणनीति तक: महागठबंधन ने कस ली कमर
महागठबंधन की ओर से मंगलवार, 28 अक्टूबर को साझा घोषणापत्र जारी किया जाएगा। इसमें कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे शामिल रहेंगे। पहले इस मौके पर प्रियंका गांधी वाड्रा की मौजूदगी तय थी, लेकिन उनका बिहार दौरा फिलहाल आगे की तारीख तक टाल दिया गया है।
इस घोषणापत्र में शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा और किसानों के हित से जुड़े कई वादों के शामिल होने की संभावना है।राजनीतिक माहौल गरमाया:
राहुल-तेजस्वी की जोड़ी पर निगाहें
बिहार के राजनीतिक गलियारों में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की संयुक्त सभा को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। यह जोड़ी न केवल महागठबंधन की एकता का प्रतीक मानी जा रही है, बल्कि विपक्षी वोटों के समेकन का संकेत भी दे रही है।
स्थानीय राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि “राहुल-तेजस्वी की जोड़ी मिथिलांचल से चुनावी हवा का रुख बदल सकती है।”
राजनीतिक विश्लेषण
कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस और राजद के बीच की यह नई केमिस्ट्री बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। खासकर मिथिलांचल और सीमांचल के इलाके में अगर अल्पसंख्यक और सवर्ण मतदाता का आंशिक झुकाव महागठबंधन की ओर हुआ, तो मुकाबला बेहद दिलचस्प हो जाएगा।
निष्कर्ष:
बिहार में अब चुनावी जंग पूरी तरह गर्म हो चुकी है। राहुल गांधी के आगमन के साथ ही महागठबंधन ने मैदान में अपनी पूरी ताकत झोंकने का संकेत दे दिया है। अब देखना होगा कि ‘बदलाव के वक्त’ का यह नारा मतदाताओं के दिल में कितनी गूंज पैदा करता है।
