बी के झा
NSK

पटना / न ई दिल्ली, 19 नवंबर
बिहार की राजनीति में नए सत्र की शुरुआत स्थिरता और संगठनात्मक विश्वास के संदेश के साथ हुई है। भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में एक बार फिर सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई।
दोनों नेता पूर्व की तरह उपमुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी संभालेंगे।सामाजिक और संगठनात्मक समीकरणों में ‘फिट’ सम्राट चौधरी अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले सम्राट चौधरी का कद भाजपा में पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है। संगठन ने उनके सामाजिक आधार, विस्तार क्षमता और प्रशासनिक तालमेल को देखते हुए उन्हें पुनः उपमुख्यमंत्री बनाए रखने का निर्णय लिया।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सम्राट की स्वीकार्यता और संघर्षशील छवि बिहार की सत्ता समीकरणों में मजबूती देती है।विवाद से दूर और स्वच्छ छवि के साथ विजय सिन्हा फिर कमान में विजय सिन्हा का कार्यकाल पूरी तरह निर्विवाद रहा। प्रशासन और संगठन के साथ बेहतर तालमेल, शांत स्वभाव और कार्यशील था ने
उन्हें भाजपा विधायकों के बीच भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित किया है। यही कारण है कि उपनेता के रूप में चुने जाने के साथ ही उन्हें दोबारा उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई।विधायक दल की बैठक में पहले की तरह सम्राट चौधरी को नेता तथा विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया। यही दोनों राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
नीतीश कुमार फिर से नेता, गुरुवार सुबह 11:30 बजे लेंगे शपथ उधर, जेडीयू में भी नेतृत्व को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है। नीतीश कुमार को पुनः जेडीयू विधानमंडल दल का नेता चुना गया।
वे गुरुवार सुबह 11:30 बजे गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसी समारोह में सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और लगभग 20 नए मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।सूत्रों के अनुसार पहला चरण पूरा होने के बाद एक और विस्तृत कैबिनेट विस्तार किया जा सकता है।
सम्राट चौधरी ने कहा—‘पार्टी ने जो भरोसा दिया, उस पर खरा उतरूंगा’निर्णय के बाद सम्राट चौधरी ने कहा,“मैं पार्टी नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे पहले की तरह समर्पण और मेहनत से निभाता रहूंगा।”
भाजपा नेता नित्यानंद राय ने इस फैसले को ‘सर्वसम्मति का निर्णय’ बताते हुए कहा कि शपथ ग्रहण समारोह भी ऐतिहासिक होने जा रहा है।विजय सिन्हा ने जताया आभार विजय सिन्हा ने केंद्रीय नेतृत्व, विधायकों और पार्टी संगठन का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह भरोसा उन्हें और जिम्मेदार बनाता है।
उन्हें उम्मीद है कि एनडीए सरकार प्रदेश के विकास की गति और तेज करेगी। आज शाम 3:30 बजे एनडीए की बैठक बुलाई गई है, जिसमें औपचारिक रूप से नीतीश कुमार को एनडीए का नेता चुना जाएगा।
