बी के झा
NSK

गोपालगंज/बैकुंठपुर, (बिहार ) 8 नवंबर
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र में मतदान खत्म होते ही तनाव बढ़ गया है। आरोप है कि एक दलित परिवार को BJP को वोट देने के शक में गांव के दबंगों ने सरेआम रोककर बेरहमी से पीटा। घटना ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।घटना सिधवलिया थाना क्षेत्र के बुचेया गांव की है, जहां वोट डालकर लौट रहे दलित परिवार के तीन लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से चोटें आईं। पीड़ितों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।“
किसे वोट दिया बताओ”— जवाब न देने पर टूटी लाठी-डंडे की बारिश
पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि वोट देकर घर लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और पूछा कि उन्होंने किसे वोट दिया। आरोप है कि परिवार के लोगों ने मतदान गोपनीयता का हवाला देते हुए जवाब देने से इनकार किया, जिसके बाद हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया।पीड़ितों ने अखिलेश यादव, विशाल यादव समेत कई लोगों को पहचानने का दावा किया है। परिवार का कहना है कि हमलावरों ने BJP समर्थक होने का आरोप लगाते हुए जमकर मारपीट की।
बैकुंठपुर विधानसभा में तीन जगह मारपीट की घटनाएँ दर्जएसडीपीओ राजेश कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों की पुष्टि करते हुए बताया कि बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान के बाद कुल तीन अलग-अलग जगहों पर मारपीट की शिकायतें सामने आई हैं—
बंगरा (बैकुंठपुर थाना)देवकुली (मुहम्मदपुर थाना)बुचेया (सिधवलिया थाना)तीनों मामलों में अलग-अलग पीड़ितों ने RJD समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घायलों से मिलने पहुंचे BJP प्रत्याशी मिथिलेश तिवारी घटना की सूचना मिलते ही BJP प्रत्याशी मिथिलेश तिवारी सदर अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा—“RJD विधायक प्रेम शंकर यादव की संभावित हार से हताश होकर उनके समर्थक बौखलाहट में हमला कर रहे हैं। BJP को समर्थन देने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।”
उन्होंने बताया किबंगरा में संजीत मिश्रा,देवकुली में सुमन सिंह,और बुचेया में दलित परिवार के सदस्यों पर हमला किया गया है।तिवारी ने प्रशासन से 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।इलाके में तनाव, पुलिस सतर्क – प्रशासन ने शांति की अपील की
लगातार तीन जगहों पर मारपीट की घटनाओं के बाद बैकुंठपुर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। पुलिस ने गांवों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की है।
स्थानीय पत्रकारों ने जताई नाराज़गी— “मतदाताओं का अधिकार छीना जा रहा”गोपालगंज के स्थानीय पत्रकारों ने घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की। उनका कहना है—“अगर कोई सिर्फ BJP को वोट देने के शक में इतनी निर्ममता से पीटा जाता है, तो यह लोकतंत्र और मतदाता अधिकार दोनों पर हमला है। बिहार में आज भी लोग अपनी इच्छा से वोट डालने में डर रहे हैं, यह बेहद शर्मनाक है।”पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द हिरासत में लेकर उदाहरणीय सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी मतदाता के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करने की हिम्मत न कर सके।
महागठबंधन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
घटना को लेकर जहां BJP ने इसे राजनीतिक हमले के रूप में उठाया है, वहीं स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि RJD या महागठबंधन के किसी बड़े नेता ने अब तक इस मामले पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। विरोधियों का कहना है कि इस चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच जारी — प्रशासन ने दिए कड़े निर्देशपुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान होते ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा कि लोगों को भयमुक्त चुनावी माहौल देना उनकी पहली प्राथमिकता है।
