बी के झा
NSK


औरंगाबाद/भागलपुर/पटना, 7 नवंबर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक हमले भी और तेज होते जा रहे हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह ने आरजेडी और महागठबंधन पर जमकर प्रहार किया।
वहीं कई विशेषज्ञों व शिक्षाविदों ने इन बयानों पर सवाल उठाते हुए एनडीए सरकार की कार्यप्रणाली को भी कठघरे में खड़ा किया।
तेजस्वी पर पीएम मोदी का हमला:
“भैया की सरकार आएगी तो कट्टा, दोनाली और फिरौती चलेगी”औरंगाबाद में एनडीए की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने तीखे शब्दों में आरजेडी पर हमला करते हुए कहा—ये कह रहे हैं कि भैया की सरकार आएगी तो कट्टा, दोनाली, रंगदारी, फिरौती—यही सब चलेगा।”उन्होंने आरजेडी पर आरोप लगाया कि वे बच्चों तक को अपराध की राह दिखाने वाले बयान दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने जनता से आग्रह किया—“बिहार को कट्टा सरकार नहीं चाहिए।”“बिहार को फिर से जंगलराज नहीं चाहिए।”“बिहार को विश्वास है कि एनडीए ही राज्य को विकसित बना सकता है।”उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन में गहरी फूट है और आरजेडी ने कांग्रेस को “अपमानित” कर कमजोर सीटें दीं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की “कनपट्टी पर कट्टा रखकर” आरजेडी ने सीएम उम्मीदवार का फैसला छीना।
छठी मैया और आस्था पर भी बोले पीएम मोदी
छठ पूजा पर दिए गए कथित बयान को लेकर पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा—छठ महापर्व को ड्रामा कहने वालों को जनता वोट से सजा दे।उन्होंने कहा कि विपक्ष हमारी परंपराओं, पर्व-त्योहारों और आस्था का बार-बार अपमान करता है।पीएम ने दावा किया कि 14 नवंबर को एनडीए की अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज होने वाली है और कार्यकर्ताओं को “विजय उत्सव” की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
भागलपुर से अमित शाह का दावा
“आधा बिहार में RJD साफ”भागलपुर के पीरपैंती में गृह मंत्री अमित शाह ने भी आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने कहा—6 नवंबर के मतदान में आधे बिहार में लालू की पार्टी का सुपड़ा साफ हो गया है। बाकी आधे में भी यही हाल होने वाला है।उन्होंने आरोप लगाया कि:महागठबंधन की ना कोई नीति है, ना नेता।विपक्षी दल आपस में ही टकरा रहे हैं।जंगलराज पुनः लाने की साजिश हो रही है।
शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को टिकट देने पर RJD पर तीखा हमला
अमित शाह ने कहा—अगर शहाबुद्दीन का बेटा जीत गया, तो भागलपुर फिर से दंगों की आग में झुलसेगा। पुराने घाव ताजा नहीं होने चाहिए।
उन्होंने बिहार को “फिर से डर और दहशत वाले दिनों” की ओर वापस न जाने की अपील की।
जवाब में उठे सवाल:
क्या एनडीए ने भी अपनी गलतियां छुपाईं?
पीएम और शाह के बयानों के बीच पटना के एक वरिष्ठ शिक्षाविद ने तीखा पलटवार करते हुए कहा—
“लालू शासन में गलतियां थीं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि तेजस्वी वही गलती दोहराएंगे।”“नीतीश-बीजेपी राज में भ्रष्टाचार और जमीन कब्जे की घटनाएं चरम पर हैं।”
“पत्रकारों की जमीन तक छीनी जा रही है
फिर आम जनता का क्या हाल होगा?”उन्होंने कहा कि जंगलराज का भय दिखाकर वर्तमान सरकार अपनी कमियों को ढंक नहीं सकती।
राजनीतिक विश्लेषक: “
फ्री रेवड़ियों और जीविका दीदी के 10 हजार से माहौल बदला
”एक राजनीतिक विश्लेषक ने चुनावी रणनीतियों पर टिप्पणी करते हुए कहा—“एनडीए की वापसी एक समय असंभव लग रही थी।”“पर चुनाव घोषणा से ठीक पहले खाते में 10,000 रुपये भेजने और मुफ्त सुविधाओं ने मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।”“इसके बावजूद 11 नवंबर का मतदान निर्णायक मोड़ साबित होगा।”
मतदान की अग्निपरीक्षा बाकी—दूसरे चरण पर टिकी सबकी नज़रपहले चरण में रिकॉर्ड 64.66% मतदान हो चुका है। अब 11 नवंबर को दूसरे चरण में वोट डाले जाएंगे।14 नवंबर को नतीजे आएंगे और तय होगा कि:क्या “जंगलराज” बनाम “डबल इंजन विकास” की लड़ाई में एनडीए जीत दर्ज करेगा या जनता बदलाव के मूड में है?
बिहार की राजनीति इस समय चरम पर है—और हर बयान, हर रैली चुनावी हवा का रुख बदलने की क्षमता रखती है।
