बी के झा
NSK

लखनऊ / नई दिल्ली, 9 अक्टूबर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर भव्य महारैली आयोजित की। रैली में लाखों कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ी। मंच से पार्टी सुप्रीमो मायावती ने जहां अपने गुरु कांशीराम को श्रद्धांजलि दी, वहीं उन्होंने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। इस बीच उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ कर सबको चौंका दिया।कांशीराम को दी श्रद्धांजलि, रैली में उमड़ा जनसैलाबमायावती ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा —आज की इस सभा में भीड़ के मामले में हमने अपने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लाखों की संख्या में लोग अपने नेता, बहुजन आंदोलन के पुरोधा मान्यवर कांशीराम जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे हैं। इसके लिए मैं आप सभी का तहे दिल से धन्यवाद करती हूं।”उन्होंने कहा कि कांशीराम का समर्पण, संघर्ष और बहुजन समाज के लिए किए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।योगी सरकार की तारीफ — “हम आभारी हैं”भाजपा सरकार की सराहना करते हुए मायावती ने कहा —हम वर्तमान राज्य सरकार यानी योगी सरकार की भी बहुत-बहुत आभारी हैं। क्योंकि इस स्मारक स्थल की मरम्मत और रखरखाव के लिए जो पैसा टिकटों से जमा होता है, उसे सपा सरकार की तरह दबाकर नहीं रखा गया। भाजपा सरकार ने इस स्थल की देखरेख पर पूरा खर्च किया है।”मायावती का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। इससे पहले मायावती ने किसी भी भाजपा सरकार के प्रति सार्वजनिक रूप से इस तरह का आभार शायद ही कभी व्यक्त किया हो। सपा पर तीखा हमला — “हवा-हवाई बातें करने वाली पार्टी”मायावती ने अपने भाषण में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा —जब यूपी में सपा की सरकार थी, तब कांशीराम स्मारक स्थल की हालत बेहद खराब थी। न रखरखाव किया गया, न ही किसी तरह की मरम्मत। जब सत्ता से बाहर हो जाते हैं, तभी समाजवादी पार्टी को बहुजन आंदोलन की याद आती है और संगोष्ठियों की बात करती है। ये पार्टियां सिर्फ हवा-हवाई बातें करके समाज को गुमराह करती हैं।आरक्षण और पिछड़े वर्गों के मुद्दे पर बोलीं मायावतीबसपा सुप्रीमो ने सपा और कांग्रेस दोनों पर पिछड़े वर्गों और दलितों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा —आरक्षण को लेकर इन पार्टियों ने हमेशा पिछड़े और आदिवासी वर्गों के साथ अन्याय किया। सपा और कांग्रेस दोनों ने अपने शासनकाल में आरक्षण की व्यवस्था को कमजोर किया। कानून व्यवस्था की स्थिति भी बेहद खराब रही।” कांशीराम स्मारक स्थल का जिक्रमायावती ने याद दिलाया कि जब बसपा की सरकार थी, तब कांशीराम स्मारक स्थल का निर्माण पूरे सम्मान के साथ कराया गया था। उन्होंने कहा हमने इस स्थल के निर्माण के समय ही इसकी आय और रखरखाव की व्यवस्था की थी। लेकिन सपा सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब योगी सरकार ने जो संवेदनशीलता दिखाई है, उसके लिए हम धन्यवाद देते हैं।” राजनीतिक संदेश स्पष्टराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मायावती का यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। वह भाजपा से सीधा टकराव लेने के बजाय बहुजन और दलित वोट बैंक को सपा से अलग करने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, रैली में भीड़ देखकर बसपा कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ा है।
