*राजभवन बनाम TMC – हथियार बाँटने के आरोप पर राज्यपाल का पलटवार—“माफी मांगो, नहीं तो कानूनी कार्रवाई होगी”

बी के झा

NSK

कोलकाता, 16 नवंबर

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है।TMC और राजभवन के बीच टकराव ने नया रूप तब लिया जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस पर अभूतपूर्व आरोप लगाते हुए दावा किया कि राजभवन को “हथियार वितरण केंद्र” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

राज्यपाल ने इन आरोपों को “बेतुका, बेबुनियाद और राजनीतिक नाटक” करार देते हुए तीखा पलटवार किया और कहा—

राजभवन में हथियार ढूँढना ऐसा है जैसे अंधेरे में एक अंधे आदमी का काली बिल्ली खोजने की कोशिश करना—

जो वहां है ही नहीं।

राजभवन जनता के लिए खोला—सुबह 5 बजे से निरीक्षणआरोपों की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल बोस ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया—

उन्होंने राजभवन को सिविल सोसाइटी और मीडिया के लिए सुबह 5 बजे से खोल दिया, ताकि हर कोई स्वयं देख सके कि परिसर में कोई हथियार या गोला-बारूद मौजूद है या नहीं।

राज्यपाल का स्वर तीखा था—अगर TMC को सच का पता है तो वे आकर दिखाएं।राजभवन में कुछ नहीं है—सिर्फ पारदर्शिता है।”“

क्या यह राज्य पुलिस पर अविश्वास है?”—

राज्यपाल का सीधा सवाल राज्यपाल ने पलटवार करते हुए TMC पर बड़ा सवाल उठाया—

जब सत्तारूढ़ पार्टी का सांसद कहता है कि राजभवन में हथियार हैं,तो क्या वह राज्य पुलिस की विफलता का आरोप लगा रहा है?या TMC की आंतरिक राजनीति का पोल खोल रहा है?उन्होंने कहा कि ऐसा कहना कोलकाता पुलिस की साख पर सीधा हमला है,क्योंकि राजभवन की सुरक्षा राज्य पुलिस के हाथों में है।

कल्याण बनर्जी पर राज्यपाल का अल्टीमेटम राज्यपाल बोस ने कल्याण बनर्जी को दो टूक संदेश दिया—

या तो बंगाल की जनता से माफी मांगिए,नहीं तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहिए।”

राजभवन सूत्रों के अनुसार राज्यपाल कानूनी राय ले रहे हैं और मानहानि या अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई के विकल्प पर विचार भी कर रहे हैं।

TMC का आरोप:

“राजभवन BJP अपराधियों का अड्डा बन गया”शनिवार को सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया था कि—राज्यपाल भाजपा अपराधियों को राजभवन में ठहरा रहे हैं

उन्हें हथियार और गोला-बारूद देकर TMC कार्यकर्ताओं पर हमले करवाए जा रहे हैंराज्य में संप्रदायिक तनाव बढ़ाकर बंगाल सरकार को अस्थिर करने की साज़िश हो रही हैउन्होंने कहा—

जब तक यह राज्यपाल पद पर हैं, बंगाल में शांति नहीं रह सकती।”बनर्जी का संकेत साफ था—

वे राज्यपाल को भाजपा का राजनीतिक मोहरा बता रहे थे।TMC बनाम राजभवन: टकराव की आग और भड़की राज्यपाल आनंद बोस ने इन आरोपों को “कानून और लोकतंत्र के खिलाफ बदनाम करने की साज़िश” करार दिया और कहा—

TMC अपनी राजनीतिक कमजोरियों को छिपाने के लिए राजभवन को निशाना बना रही है।राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि2026 के विधानसभा चुनावों के करीब आते ही TMC और राजभवन के रिश्ते और तल्ख होंगे।राज्यपाल और सत्तारूढ़ दल का ऐसा टकराव बंगाल की राजनीति में नया नहीं,लेकिन इस बार आरोप बेहद गंभीर और विस्फोटक हैं।

विश्लेषण:

आरोपों की राजनीति का ‘आतंरिक संदेश’TMC चाहती है कि भाजपा को “बाहरी खतरे” के रूप में चित्रित करें भाजपा

TMC शासन को “कानून-व्यवस्था विफल” साबित करना चाहती है

राज्यपाल–सरकार टकराव बंगाल में चुनावी माहौल का स्थायी हिस्सा बन चुका है हथियार जैसे आरोप बंगाल की संवेदनशील राजनीति में बड़ा राजनीतिक तूफान ला सकते हैं

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