राबड़ी आवास विवाद पर सियासत चरम पर: RJD का अल्टीमेटम—“जो करना है करेंगे, डेरा खाली नहीं करेंगे”

बी के झा

NSK

नई दिल्ली /पटना, 26 नवंबर

बिहार की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को बदले जाने के फैसले ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है।राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने नीतीश कुमार सरकार को तीखे शब्दों में चेतावनी देते हुए साफ कहा है—

“जो करना है करेंगे, लेकिन 10 सर्कुलर रोड वाला डेरा खाली नहीं होगा।”पिछले 19 वर्षों से राबड़ी देवी को आवंटित यह बंगला लालू परिवार का स्थायी निवास रहा है। एनडीए सरकार के पुनर्गठन के बाद राबड़ी देवी को नया सरकारी आवास 39, हार्डिंग रोड पर आवंटित कर दिया गया है, जिसके बाद 10 सर्कुलर रोड को खाली करने का आदेश जारी किया गया।“सरकार लालू-राबड़ी के प्रति जहर से भरी है”—

RJD का सीधा हमलाRJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने बुधवार को प्रेस से बात करते हुए इस फैसले को“द्वेषपूर्ण राजनीति” करार दिया।उन्होंने तीखे लहजे में आरोप लगाया—“सरकार के मन में लालू यादव और राबड़ी देवी के प्रति जहर बैठा है। बंगला खाली करवाना इसी बदले की राजनीति का हिस्सा है।”सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया कि 39, हार्डिंग रोड वाला बंगला विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए कर्णांकित है।लेकिन RJD ने इस तर्क पर भी सवाल उठाए।“

20 साल से CM हैं, तब क्यों नहीं किया?”—मंगनीलाल का तंजRJD अध्यक्ष ने नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए पूछा—“आप 20 साल से मुख्यमंत्री हैं। तो अब तक यह बंगला कर्णांकित क्यों नहीं किया गया? अचानक अब क्यों याद आया?”

उन्होंने बताया कि—विधानसभा में नेता प्रतिपक्षविधान परिषद के सभापतिडिप्टी सीएमइन सभी पदों के सरकारी आवास पहले ही कर्णांकित किए जा चुके थे।“तो फिर केवल विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष का आवास अब तक क्यों नहीं तय किया गया था?”इसके पीछे मंडल ने राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया।“PM मोदी और BJP का भरोसा हासिल करने की कोशिश”—

RJD का आरोप मंगनीलाल मंडल ने चौंकाने वाली टिप्पणी करते हुए कहा—“नीतीश कुमार ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व का भरोसा हासिल कर सकें।”RJD ने आरोप लगाया कि “कर्णांकित” शब्द का इस्तेमाल लालू-राबड़ी को हटाने और उन्हें अपमानित करने के लिए किया जा रहा है।“कानूनी लड़ाई भी करेंगे, लेकिन डेरा नहीं छोड़ेंगे”कानूनी लड़ाई की संभावना पर मंगनीलाल मंडल ने साफ कहा—“जो कुछ करना होगा करेंगे, अदालत भी जाएंगे, लेकिन 10 सर्कुलर रोड वाला डेरा किसी कीमत पर खाली नहीं किया जाएगा।”इधर नीतीश सरकार द्वारा आवास खाली कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, उधर RJD ने मोर्चा खोल दिया है।यह टकराव अब सीधी चुनौती में बदल चुका है।

लालू-राबड़ी की सीधी चुनौती:

“घर नहीं खाली करेंगे, जो करना है कर लें”पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू यादव ने भी सरकार को खुली चेतावनी दी है—“किसी हालत में घर खाली नहीं करेंगे।”लालू यादव की अस्वस्थता और उम्र को देखते हुए यह विवाद और संवेदनशील हो गया है।अब सवाल यह है कि सरकार कठोर कदम उठाएगी या राजनीतिक संतुलन साधेगी।

विश्लेषक का व्यंग्य—“देखना है CM नीतीश भाई-भाभी वाला धर्म निभाते हैं या नहीं

”एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक ने इस विवाद पर तंज कसते हुए कहा—“अब देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने ‘बड़े भाई’ लालू यादव और ‘भाभी’ राबड़ी देवी को, जो दो दशक से वहीं रह रहे हैं, क्या वाकई घर से बाहर निकालते हैं या भाईचारे का धर्म निभाते हैं।”उन्होंने आगे कहा—“जो भी हो, बिहार की राजनीति में बड़े उथल-पुथल की शुरुआत हो चुकी है।”नीतीश सरकार की अगली चाल पर सभी की निगाहें पूरा बिहार अब इस राजनीतिक रस्साकशी पर नज़र लगाए बैठा है।

क्या सरकार प्रशासनिक कार्रवाई करेगी?

या RJD का दबाव बढ़ेगा?

इतना निश्चित है कि राबड़ी आवास विवाद आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को और तेज़, और तीखा बनाने वाला है।

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