बी के झा
NSK

लखनऊ / नई दिल्ली, 6 अक्टूबर
राजधानी लखनऊ के आउटर रिंग रोड पर सोमवार तड़के दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। बिहार के मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही 40 यात्रियों से भरी बस तेज रफ्तार में आगे चल रहे कंटेनर में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चालक को जिंदा बाहर निकाला, जिसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।सुबह चार बजे हुआ हादसा, रफ्तार बनी दुश्मनजानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा सोमवार तड़के करीब 4 बजे काकोरी थाना क्षेत्र के उदत खेड़ा अंडरपास के पास आउटर रिंग रोड पर हुआ। बिहार से दिल्ली जा रही निजी ट्रैवल्स की बस में लगभग 40 यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि बस तेज रफ्तार में चल रही थी और अचानक आगे जा रहे कंटेनर ने गति धीमी की, जिससे बस सीधे पीछे से उसमें जा घुसी।घटनास्थल पर मची अफरा-तफरीटक्कर के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग सीटों से उछलकर गिर पड़े। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में काकोरी पुलिस और आलमबाग फायर स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने कटिंग टूल्स से बस की बॉडी काटी और करीब 60 मिनट की मेहनत के बाद चालक नफीस को बाहर निकाला।चालक नफीस की हालत गंभीरपुलिस के मुताबिक, बस चालक नफीस बागपत जिले के पलड़ा गांव का रहने वाला है। हादसे में उसका पैर और सीना बुरी तरह दब गया था। फिलहाल उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।सभी यात्री सुरक्षित, दूसरी बस से रवाना किया गयाकाकोरी थानाध्यक्ष ने बताया कि बस में सवार सभी 40 यात्री सुरक्षित हैं। हादसे के बाद उन्हें नजदीकी ढाबे पर सुरक्षित पहुंचाया गया। यात्रियों को दिल्ली भेजने के लिए दूसरी बस की व्यवस्था की गई। वहीं, क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाया गया और आवागमन बहाल किया गया।स्थानीय लोगों ने जताई नाराज़गीस्थानीय लोगों ने बताया कि आउटर रिंग रोड के इस हिस्से पर भारी वाहन अक्सर तेज रफ्तार से गुजरते हैं। सड़क पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतों की कमी के कारण यहां हादसे आम हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मार्ग पर स्पीड मॉनिटरिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।फिलहाल जांच जारीकाकोरी पुलिस ने कंटेनर चालक को हिरासत में लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में अत्यधिक रफ्तार और लापरवाही को वजह माना जा रहा है।संपादकीय टिप्पणी:यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक रफ्तार की लापरवाही मासूम जानों को जोखिम में डालती रहेगी। लखनऊ जैसे बड़े शहर में ट्रैफिक अनुशासन और सड़क सुरक्षा के कड़े प्रावधानों की जरूरत है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे ब्लाइंड ज़ोन और हाई-स्पीड इलाकों में निगरानी बढ़ाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
