बी के झा
NSK

नई दिल्ली/श्रीनगर, 12 नवंबर
लाल किले के बाहर हुए भीषण धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के मेवात इलाके से एक मौलवी को हिरासत में लिया है, जो कथित तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद के ‘व्हाइट कॉलर’ मॉड्यूल से जुड़ा बताया जा रहा है। यह मॉड्यूल फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर से संचालित हो रहा था।
2500 किलो विस्फोटक बरामद, मौलवी इश्तियाक से पूछताछ जारी हिरासत में लिया गया
मौलवी इश्तियाक यूनिवर्सिटी परिसर के पास किराए के मकान में रह रहा था। जब पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारा, तो वहां से 2500 किलो से अधिक अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम क्लोरेट और सल्फर बरामद हुआ —
जो बड़े पैमाने पर विस्फोटक तैयार करने में इस्तेमाल होते हैं।जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि मौलवी को श्रीनगर लाया गया है और उससे पूछताछ चल रही है। यह इस मामले में नौवीं गिरफ्तारी है।धमाके में गई 12 जानें, कार चला रहा था आतंकी डॉक्टर जांच में सामने आया है कि सोमवार शाम लाल किले के पास विस्फोटक से लदी कार वही डॉ. उमर नबी चला रहा था, जो यूनिवर्सिटी से जुड़े मॉड्यूल का सदस्य था। वह पहले श्रीनगर के एक मेडिकल कॉलेज में छात्र रहा है। उसके साथ डॉ. मुजम्मिल गनी उर्फ मुसैब ने मिलकर यह विस्फोटक तैयार किया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उमर नबी ने कार पार्क करते समय रिमोट ट्रिगर से ब्लास्ट किया। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और 12 लोगों की मौके पर मौत हो गई। कई अन्य घायल अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
मौत की पहचान: अब तक 8 शवों की हुई शिनाख्त मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। अब तक 8 मृतकों की शिनाख्त हो चुकी है और परिजनों को शव सौंप दिए गए हैं।
पहचाने गए लोगों में शामिल हैं —
1. अमर कटारिया (35)
2. अशोक कुमार (34)
3. मोहसिन मलिक (35)
4. दिनेश कुमार मिश्रा (35)
5. लोकेश कुमार अग्रवाल (52)
6. पंकज सैनी (23)
7. मोहम्मद नौमान (19)
8. मोहम्मद जुम्मन (35)
फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, कई शवों में “क्रॉस इंजरी पैटर्न” पाया गया
यानी धमाके की लहर से लोग दीवारों या सड़कों से टकरा गए। कुछ शवों में आंतरिक अंगों पर ब्लास्ट वेव के निशान भी मिले हैं।दिल्ली में हाई अलर्ट, हर गाड़ी की तलाशी धमाके के बाद पूरी दिल्ली हाई अलर्ट पर है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
सभी प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर कड़ी जांच चल रही है —
गाजीपुर, सिंघु, टिकरी और बदरपुर बॉर्डर पर वरिष्ठ अधिकारी खुद मौजूद हैं।मेट्रो स्टेशन, बाजार, धार्मिक स्थल और मॉल में सघन तलाशी अभियान जारी है।भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारा लक्ष्य सिर्फ संदिग्धों को पकड़ना नहीं बल्कि नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
सरकार एक्शन में: NIA संभालेगी जांच, पीएम की अध्यक्षता में अहम बैठक
धमाके के बाद केंद्र सरकार ने जांच की कमान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक की थी।आज शाम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक होगी, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन होगा।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक उनके आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर बुलाई गई है।सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर पुलिस के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे, ताकि इंटर-स्टेट आतंकी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके।पुलिस सूत्रों का दावा: मॉड्यूल का मकसद था ‘प्रतीकात्मक धमाका’जांच में शुरुआती संकेत मिले हैं कि यह धमाका किसी धार्मिक आयोजन या भीड़भाड़ वाले इलाके में करने की योजना नहीं थी, बल्कि इसे “प्रतीकात्मक आतंकी संदेश” के रूप में अंजाम दिया गया।
सुरक्षा एजेंसियां इस कोण से भी जांच कर रही हैं कि क्या इसे चुनावी मौसम में दहशत फैलाने के लिए चुना गया था।🕊️ देश दहला, पर सुराग मजबूत हैं — दिल्ली पुलिस, NIA और सेना की इंटेलिजेंस टीमें अब एकजुट होकर आतंक के इस जाल को सुलझाने में जुटी हैं।
