बी के झा
NSK

नई दिल्ली, 11 नवंबर
दिल्ली में सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अब यह साफ होता जा रहा है कि यह एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी, जिसमें फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी का नेटवर्क भी गहराई से जुड़ा हुआ है।दिल्ली पुलिस, एनआईए और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की साझा जांच में जो प्रारंभिक तथ्य सामने आए हैं, वे इस पूरे मॉड्यूल की गंभीरता, पैमाने और नेटवर्क का अंदाजा देते हैं। इस बीच, फरीदाबाद पुलिस ने अपने ऐक्शन को तेज करते हुए अल फलाह यूनिवर्सिटी में बड़ी छापेमारी की है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी में दबिश—52 से पूछताछ, 6 हिरासत में सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद पुलिस ने यूनिवर्सिटी कैंपस में देर रात तक कई चरणों में छापेमारी की। इस दौरान 52 छात्रों, फैकल्टी सदस्यों और प्रिंसिपल से पूछताछ की गई।पुलिस ने संदेह के आधार पर 6 व्यक्तियों को हिरासत में उठाया, जिनसे इस पूरे मॉड्यूल से जुड़े रिश्तों की गहराई से पूछताछ की जा रही है।
हमलावर उमर का अल फलाह यूनिवर्सिटी कनेक्शन पक्का जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि डॉ. उमर नबी, जिसे अब दिल्ली धमाके का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, अल फलाह यूनिवर्सिटी के फैकल्टी और रिसर्च से जुड़ा हुआ था।उमर दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के लेथपोरा का निवासी है।वह कथित तौर पर वही हुंडई i20 कार चला रहा था, जिसमें धमाका हुआ।कार में मौजूद विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट और एक अन्य अत्यधिक घातक पदार्थ होने की आशंका है।सूत्रों के अनुसार, पुलवामा में उसके साथियों की धरपकड़ के बाद उमर बुरी तरह घबरा गया था और आधे तैयार IED को ठिकाने लगाने की जल्दी में था। इसी दौरान कार में विस्फोट हो गया।
तारिक भी गिरफ्तार—कार उपलब्ध कराने का आरोप अधिकारियों ने बताया कि पुलवामा निवासी तारिक, जिसने उमर को i20 कार उपलब्ध कराई थी, उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। टीम यह भी पता लगा रही है कि कार को कब, कैसे और किस उद्देश्य से उपलब्ध कराया गया था।उमर की भाभी मुजम्मिल के अनुसार—उमर ने शुक्रवार को बताया था कि वह परीक्षाओं में व्यस्त है। वह अकेला रहता था और घर आने वाला था।”
तीन डॉक्टरों समेत आठ लोग पहले ही गिरफ्तार—सभी का यूनिवर्सिटी लिंकधमाके से पहले दिल्ली पुलिस और एनआईए ने जिस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, उसमें तीन डॉक्टरों समेत आठ लोग गिरफ्तार किए गए थे:डॉ. मुजम्मिल गनईडॉ. शाहीन सईदऔर अब डॉ. उमर नबीये तीनों ही अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए थे।
2,900 किलो विस्फोटक बरामद—मॉड्यूल कश्मीर-हरियाणा-UP तक फैला हुआफरीदाबाद से 2,900 किलो विस्फोटक जब्त किया जाना इस मॉड्यूल के पैमाने और गंभीरता को दिखाता है।सूत्र कहते हैं यह नेटवर्क:कश्मीरहरियाणाउत्तर प्रदेशतक फैला हुआ है। यूपी पुलिस भी कई जिलों में तेजी से छापेमारी कर रही है।
सीसीटीवी से हमलावर की पहचान की कोशिश दिल्ली पुलिस ने कई टीमें बनाकर लाल किले के आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिए हैं।ध्यान इस बात पर है कि धमाके से पहले कार को कौन-कौन देख रहा था, और किसने उसे दिल्ली में एंट्री दिलाई।
सुरक्षा एजेंसियों को पहले से इनपुट था—बड़ा हमला टला?जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि राष्ट्रव्यापी बढ़ी हुई सतर्कता न होती, तो यह हमला कई गुना विनाशकारी हो सकता था।ये मॉड्यूल कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से प्रेरित माना जा रहा है।
निष्कर्ष
फरीदाबाद और दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों के आक्रामक ऐक्शन से यह स्पष्ट है कि दिल्ली धमाका कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी ऑपरेशन का हिस्सा था।फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी का लगातार सामने आ रहा नाम इस जांच को और संवेदनशील बना रहा है। जांच तेज है, और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की आशंका है।
