लोकसभा में हंगामा: “इस तरह से नहीं चलेगी संसद” — राहुल गांधी पर क्यों भड़के अमित शाह ; मतदाता सूची, वोट चोरी और इतिहास की परतें खोलते हुए गरमाया सदन

बी के झा

NSK

नई दिल्ली , 10 दिसंबर

लोकसभा में बुधवार का दिन संसद की परंपरा, राजनीतिक आक्रामकता और इतिहास के सबसे संवेदनशील अध्यायों का संगम साबित हुआ। चुनाव सुधारों पर सरकार के जवाब के दौरान अचानक सदन का माहौल तब बदल गया जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बीच भाषण में गृह मंत्री अमित शाह को सीधा “डिबेट चैलेंज” दे दिया। इसके बाद जो हुआ, वह एक तीखी संसदीय मुठभेड़ थी—शब्दों की, तर्कों की, और सत्ता-विपक्ष के टकराव की।राहुल का बीच भाषण में चैलेंज, अमित शाह का सख्त जवाबअमित शाह SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर विपक्ष द्वारा फैलाए गए “झूठ और भ्रम” पर बोल रहे थे।तभी राहुल गांधी खड़े हुए और बोले

—“अमित शाह जी, मेरी हरियाणा प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करते हैं।मैं आपको चैलेंज करता हूं!”सदन में अचानक हलचल हुई।इस पर अमित शाह ने गुस्से में तीखा जवाब दिया—“इस तरह से संसद नहीं चलेगी!मेरे भाषण का क्रम मैं तय करूंगा, राहुल गांधी नहीं।”*

*गृह मंत्री ने कहा कि वे 30 साल से जनता के जनादेश से सदनों में चुनकर आते रहे हैं और संसदीय अनुशासन अच्छी तरह समझते हैं।उन्होंने स्पष्ट कहा—“मैं आपके उकसावे में नहीं आऊंगा।हर बात का जवाब दूंगा, लेकिन अपने क्रम से। यह मेरा अधिकार है, जैसे आपका है।”राहुल गांधी ने इसे “डिफेंसिव” और “डरा हुआ जवाब” कहा, जिससे सदन का माहौल और अधिक गर्म हो गया।मतदाता सूची पर घमासान: “घुसपैठिए तय नहीं करेंगे PM-CM”अमित शाह ने कहा कि SIR पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य है—

फर्जी वोटरों को हटाना

विदेशी नागरिकों को सूची से बाहर करना

चुनावों को पवित्र बनाए रखना उन्होंने सख्त लहजे में कहा—“क्या घुसपैठिए तय करेंगे कि भारत में मुख्यमंत्री-कौन होगा, प्रधानमंत्री कौन होगा?”उन्होंने चेताया कि विपक्ष चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाकर देश को भ्रमित कर रहा है।“वोट चोरी का असली इतिहास कांग्रेस ने लिखा” — अमित शाह

अमित शाह ने भाषण को इतिहास की गहराई में ले जाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा—पहली वोट चोरी:कांग्रेस संगठनात्मक चुनावों में 28 प्रदेश अध्यक्षों ने सरदार पटेल को वोट दिया था, केवल 2 ने पं. नेहरू को।फिर भी प्रधानमंत्री नेहरू बने।शाह ने इसे “देश की पहली राजनीतिक वोट चोरी” कहा।दूसरी वोट चोरी:इंदिरा गांधी का रायबरेली से चुनाव “अवैध तरीकों” से जीतना।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीत रद्द की।इसके बाद संसद में कानून लाया गया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ मुकदमा नहीं चल सकता।तीसरी घटना:इंदिरा गांधी द्वारा तीन जजों को सुपरसीड कर चौथे को चीफ जस्टिस बनाना।शाह ने कहा —

“आज विपक्ष आयोग की इम्युनिटी पर सवाल उठा रहा है,लेकिन इंदिरा जी ने अपने लिए पूरी इम्युनिटी बना ली थी।”सोनिया गांधी पर भी किया बड़ा खुलासाअमित शाह ने सदन में कहा—“एक केस आया है कि सोनिया गांधी भारतीय नागरिक बनने से पहले ही मतदाता बन गई थीं।मामला कोर्ट में है। फैसला कोर्ट करेगा।”विपक्ष तुरंत भड़क उठा, लेकिन स्पीकर ने स्पष्ट किया:गृह मंत्री ने केवल तथ्यात्मक मामला बताया है, कोई निर्णय नहीं सुनाया।“वोट चोरी, वोट चोरी चिल्लाते रहो…

पर समस्या नेतृत्व में है”अमित शाह ने कहा कि विपक्ष हर चुनाव परिणाम के बाद एक ही राग अलापता है—हार गए → EVM खराब केस हारे → जज भाजपा एजेंट पत्रकार सवाल पूछे → “गोदी मीडिया”यात्रा निकाली → जनता फिर भी न मानें भाजपा जीते → “

वोट चोरी”उन्होंने कहा—“आप यात्रा निकालते रहिए, लेकिन हार का असली कारण आपका नेतृत्व है।एक दिन कांग्रेस कार्यकर्ता आपसे खुद हिसाब मांगेंगे।इम्पीचमेंट पर टिप्पणी: “पहली बार वोट बैंक के लिए जज के खिलाफ प्रस्ताव”अमित शाह ने विपक्ष के जज के खिलाफ इम्पीचमेंट प्रस्ताव को “वोट बैंक की मजबूरी” बताया।

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बिना पढ़े हस्ताक्षर कर दिए—यहां तक कि उद्धव ठाकरे ने भी।जनता इसे माफ नहीं करेगी।”सदन में सत्ता-विपक्ष की सबसे गर्म भिड़ंतों में से एकयह सत्र केवल बहस नहीं था—यह एक राजनीतिक शक्तिपरीक्षा थी,जहां—

राहुल गांधी ने चैलेंज दियाअमित शाह ने सख्त संसदीय अनुशासन का पाठ पढ़ाया कांग्रेस पर “ऐतिहासिक वोट चोरी” के आरोप लगे ंSIR और EVM पर विपक्ष की नीति को “भ्रम फैलाने” की कोशिश कहा गयाऔर देश की चुनाव प्रणाली को लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे

निष्कर्ष

आने वाली राजनीति का संकेत इस दिन सदन में जो हुआ, वह सिर्फ एक बहस नहीं थी—यह आने वाले चुनावी मौसम की प्रस्तावना था।भाजपा “घुसपैठ, नागरिकता, मतदाता सूची शुद्धिकरण” को राष्ट्रीय बहस बनाना चाहती हैकांग्रेस “सिस्टम की पारदर्शिता” का मुद्दा उठाकर सरकार पर दबाव बढ़ाना चाहती है लेकिन बुधवार की घटना ने यह साफ कर दिया—

अमित शाह बनाम राहुल गांधी की यह सीधी टक्कर आने वाले महीने देश की राजनीति को गर्माएगी।

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