बी के झा
NSK

पटना / नई दिल्ली, 6 अक्टूबर
बिहार की सियासत इन दिनों अपने चरम पर है। विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किसी भी वक्त होने वाला है, और ऐसे माहौल में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी का आत्मविश्वास कुछ अलग ही रंग दिखा रहा है। रविवार शाम डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर हुई महागठबंधन की अहम बैठक के बाद सहनी के तेवर और भी बदले-बदले नजर आए।बैठक से बाहर निकलते हुए वे मुस्कुराते हुए बोले “शुभ-शुभ बोलो यार, हमारी सरकार बनेगी और हम डिप्टी सीएम बनेंगे।”उनकी आवाज में वह ठसक और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था जो बताता है कि इस बार कुछ बड़ा होने वाला है।तीन घंटे चली महागठबंधन की बैठकरविवार की शाम 6 बजे से 9 बजे तक तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की बैठक चली। इसमें राजद, कांग्रेस, वाम दल और वीआईपी के प्रतिनिधि मौजूद थे।सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सीट बंटवारे पर लंबी चर्चा हुई। हालांकि अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, पर सूत्र बताते हैं कि वीआईपी को महागठबंधन में उचित हिस्सेदारी देने पर सहमति बन चुकी है।तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता अजीत शर्मा और राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी समेत कई नेताओं ने मिलकर चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।सबकुछ फाइनल हो गया है” — सहनी का दावाबैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुकेश सहनी ने कहा,सबकुछ फाइनल हो गया है, कोई विवाद नहीं है। अगले दो-तीन दिन में सब कुछ ऐलान कर दिया जाएगा। आप लोग तैयार रहिए, हमारे प्रेस कॉन्फ्रेंस में ब्रेकिंग न्यूज चलेगी।सहनी ने जब यह कहा, तब उनके चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। पत्रकारों ने जब वीआईपी के लिए तय सीटों की संख्या पूछी, तो वे मुस्कराते हुए बोले —अरे, वो सब भी बताया जाएगा, अभी थोड़ा सस्पेंस रहने दीजिए।”महागठबंधन में सीट बंटवारे का फार्मूला तयसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महागठबंधन के भीतर यह सहमति बन चुकी है कि राजद और कांग्रेस अपने कोटे की सीटों में से वीआईपी को एडजस्ट करेंगी।वीआईपी ने पहले ही 60 सीटों की मांग रखी थी, हालांकि इतनी बड़ी संख्या मिलना मुश्किल माना जा रहा है। फिर भी, पार्टी को पर्याप्त सीटें देकर मल्लाह समाज और पिछड़े वोट बैंक को साधने की कोशिश की जाएगी।सियासी गलियारों में नई चर्चा — “डिप्टी सीएम सहनी?”सहनी का डिप्टी सीएम बनने का दावा नया नहीं है। वे कई बार यह बात कह चुके हैं, लेकिन इस बार उनकी बॉडी लैंग्वेज और राजनीतिक समीकरण कुछ अलग संकेत दे रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजद यदि सत्ता में आती है, तो मल्लाह समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए सहनी को बड़ी भूमिका दी जा सकती है।एक वरिष्ठ राजनीतिक टिप्पणीकार ने कहा —तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी का साथ सामाजिक समीकरणों की दृष्टि से महागठबंधन के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। मल्लाह और यादव समुदायों का मेल महागठबंधन की वोट गणित को मजबूत करेगा।” राजद और कांग्रेस ने रखी दूरीहालांकि मुकेश सहनी के दावे के बावजूद राजद और कांग्रेस के नेताओं ने अब तक उनकी बात की पुष्टि नहीं की है।राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा —चुनाव परिणाम आने के बाद ही डिप्टी सीएम या अन्य पदों का फैसला होगा। फिलहाल हम सीटों के बंटवारे और प्रचार रणनीति पर केंद्रित हैं।”वहीं, कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने भी कहा कि “महागठबंधन में सब कुछ आपसी सहमति से होगा, किसी एक की घोषणा को अंतिम नहीं माना जा सकता।” मल्लाह वोट बैंक पर नजरमुकेश सहनी, जिन्हें “सन ऑफ मल्लाह” कहा जाता है, 2020 में एनडीए से अलग होकर अब महागठबंधन के साथ हैं। बिहार की राजनीति में मल्लाह समुदाय लगभग 6-7% वोट शेयर रखता है।राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यदि सहनी अपने समाज को लामबंद कर लेते हैं, तो कई सीटों पर यह निर्णायक प्रभाव डाल सकता है। यही कारण है कि महागठबंधन उन्हें मुख्य चेहरा बनाकर पिछड़े वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। संपादकीय टिप्पणी:बिहार की राजनीति में आत्मविश्वास कई बार परिणामों से ज्यादा मायने रखता है। मुकेश सहनी का यह कहना — “शुभ-शुभ बोलो यार, डिप्टी सीएम बनेंगे” — महज बयान नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संकेत है। अब देखना यह होगा कि यह आत्मविश्वास सियासत की जमीन पर कितनी मजबूती से टिक पाता है या चुनावी हवा के साथ बह जाता है।
