बी के झा
NSK

गोरखपुर, (उत्तर प्रदेश ) / नई दिल्ली, 22 अक्टूबर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह के अंतर्गत मंगलवार को आयोजित “विचार-परिवार कुटुंब स्नेह मिलन” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हलाल सर्टिफिकेट को लेकर बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि “हलाल के नाम पर आतंकवाद और धर्मांतरण के लिए फंडिंग की जा रही है। इसलिए नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और सामान खरीदते समय हलाल सर्टिफिकेशन अवश्य जांचें।”“हलाल के नाम पर साजिश चल रही है”
सीएम योगी ने कहा,हलाल सर्टिफिकेट के नाम पर एक बहुत बड़ा षड्यंत्र चल रहा था। यूपी में हमने इस पर प्रतिबंध लगाया है। आप आश्चर्य करेंगे कि साबुन, कपड़े, यहां तक कि माचिस तक पर भी हलाल लिखा हुआ था।
क्या माचिस झटका वाला होता है, हलाल वाला नहीं —
क्योंकि अगर हलाल करेंगे तो जलेगा नहीं!उन्होंने आगे कहा कि हलाल सर्टिफिकेशन से करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता था, लेकिन न भारत सरकार और न ही किसी राज्य सरकार ने इसे कभी मान्यता दी। यह पैसा आतंकवाद, धर्मांतरण और लव जेहाद जैसे कृत्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इसलिए प्रदेश सरकार ने इस पर कड़ी कार्रवाई की है।”
अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव में अगर समझ होती तो ऐसे बचकाने बयान न देते।
गद्दी विरासत में मिलती है, बुद्धि नहीं — उसके लिए प्रयास करना होता है। कुछ लोगों का बचपना जीवनभर नहीं जाता।”उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को दीपावली और हिंदू पर्वों से भी दिक्कत है।उन्होंने कहा था दीप जलाने की क्या आवश्यकता है, यानी उन्हें दीपावली से भी नफरत है। वह न केवल रामद्रोही हैं, बल्कि कृष्णद्रोही भी हैं।”
मधुबनी, झंझारपुर: महादलित बालक आदित्य की हत्या से फैला तनाव बिहार
के मधुबनी जिले के झंझारपुर अनुमंडल के अररिया संग्राम के पिपरोलिया गांव में महादलित समुदाय के 11 वर्षीय आदित्य की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि बालक का पहले अपहरण किया गया, फिर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। फिरौती न मिलने पर उसकी निर्ममता से हत्या कर दी गई।
हालांकि पुलिस तीन हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, गिरफ्तार किए गए अपराधी ने हत्या करने की बात कबूल कर लिया है इस घटना में गांव के ही कुछ मुस्लिम युवकों – फयाज, जिलानी और गुलनवाज – के नाम सामने आए हैं। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रभावशाली लोग आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए इलाके में कड़ी चौकसी बरती है।
झंझारपुर,
यहाँ स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का गृह क्षेत्र के साथ ही इनका गांव अररिया संग्राम है, वहां इससे पहले भी कई बार सांप्रदायिक तनाव की घटनाएँ हो चुकी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि “मिथिलांचल और सीमांचल क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की बड़ी आबादी होने के कारण यहां के सामाजिक समीकरण बहुत संवेदनशील हैं।”
भागलपुर में मंदिर तोड़फोड़, सैकड़ों घरों में हंगामा
भागलपुर के करोली बाजार में 21 अक्टूबर को धार्मिक पोस्टर फाड़े जाने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भीड़ ने काली मंदिर में तोड़फोड़ की और आसपास के कई घरों व दुकानों में नुकसान पहुंचाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दस थानों की पुलिस तैनात की गई। पुलिस ने कहा कि हालात अब नियंत्रण में हैं, लेकिन माहौल में अभी भी तनाव है।
चुनाव से पहले बढ़ती सांप्रदायिक घटनाएँ
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है।
प्रयागराज से लेकर मधुबनी और भागलपुर तक लगातार धार्मिक तनाव की घटनाएँ सामने आ रही हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा —झंझारपुर में महादलित बच्चे की हत्या इस्लामी कट्टरपंथियों ने की, लेकिन राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे नेता मौन हैं, क्योंकि मरने वाला हिंदू है और हत्यारा मुसलमान।”गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि “सीमांचल और मिथिलांचल में कट्टरपंथी ताकतें सक्रिय होकर चुनावी माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं।”
योगी के बयान से उठे राजनीतिक संकेत
कई सामाजिक संगठनों ने भी कहा कि सीएम योगी का बयान कहीं न कहीं इस बदलते माहौल का प्रतिबिंब है।
एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक ने कहा,योगी आदित्यनाथ का हलाल सर्टिफिकेट पर बयान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आर्थिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अहम है। देश के ताने-बाने को कमजोर करने की साजिश लंबे समय से चल रही है, जिसे पहचानने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित है” – हिंदू संगठनों का दावा
हिंदू संगठनों ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार न होती तो “सपा और कांग्रेस जैसी पार्टियाँ अपने सत्ता के लोभ में प्रदेश को अस्थिर कर देतीं।”
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की धरती पर सभी धर्म सुरक्षित हैं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक संतुलित, दृढ़ शासन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
निष्कर्ष
मधुबनी, भागलपुर और सीमांचल में बढ़ते साम्प्रदायिक तनाव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हलाल सर्टिफिकेट पर बयान एक बड़े विमर्श को जन्म दे रहा है। एक ओर यह धार्मिक कट्टरता और आर्थिक साजिशों पर चोट करता है, तो दूसरी ओर आने वाले चुनाव में राजनीतिक ध्रुवीकरण का संकेत भी देता है।
देश के सामाजिक सौहार्द और आंतरिक सुरक्षा के लिए यह समय सतर्कता और विवेक का है।
