अल-फलाहा यूनिवर्सिटी में NIA की बड़ी बरामदगी: शाहीन के लॉकर से नकदी, पेन ड्राइव और उर्दू दस्तावेज; दिल्ली धमाका केस की कड़ियाँ और गहरी

बी के झा

NSK

दिल्ली/नूंह, 29 नवंबर

दिल्ली बम धमाका मामले की तह में जाने की कोशिशें अब नए मोड़ ले रही हैं। एनआईए की टीम ने गुरुवार देर रात अल-फलहा यूनिवर्सिटी में छापेमारी कर आरोपी डॉक्टर शाहीन सईद के लॉकर से नकदी, पेन ड्राइव, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और उर्दू में लिखे अनेक गुप्त दस्तावेज बरामद किए हैं। इन दस्तावेज़ों में क्या लिखा है—यह फिलहाल जांच एजेंसी ने गोपनीय रखा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह सामग्री “साजिश की दिशा और पैमाना, दोनों बदल सकती है।”जांच टीम रात 2 बजे तक परिसर में मौजूद रही, जिसके दौरान सुरक्षा के अभेद्य इंतज़ाम किए गए थे।उर्दू में दस्तावेज: गिरफ्तारी के बाद पहला बड़ा सुराग

सूत्रों के अनुसार शाहीन सईद उर्दू की बेहद माहिर जानकार है। वह जानबूझकर हिंदी या अंग्रेज़ी के बजाय उर्दू में नोट्स लिखती थी, ताकि उसके संदेश सीमित लोग ही समझ सकें।एनआईए अधिकारी का कहना है—“लॉकर से बरामद सामग्री बेहद महत्वपूर्ण है। कई दस्तावेज़ कोडेड या संदिग्ध प्रतीकों में लिखे मिले हैं। इन्हें विशेषज्ञों द्वारा डिकोड कराया जा रहा है।”टीम को हालांकि उस कथित निकाह प्रमाणपत्र का कोई दस्तावेज़ नहीं मिला, जिसकी चर्चा पिछले दिनों पूछताछ में सामने आई थी।शाहीन की निशानदेही पर लगातार छापेमारी एनआईए की टीम ने गुरुवार को शाहीन को पहले नेहरू ग्राउंड स्थित केमिकल की दुकान और फिर अल-फलहा कैंपस ले जाकर कई ठिकानों की वीडियो ग्राफी के साथ तलाशी ली।इसके बाद टीम खोरी जमालपुर के उस किराए के मकान तक पहुंची, जिसे आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल अहमद ने पूर्व सरपंच से किराए पर लिया था। शाहीन भी वहां कई बार आती रही थी।रात भर की पड़ताल के बाद एनआईए टीम अलसुबह लौट गई।

जासूसी मॉड्यूल का खुलासा: पाकिस्तान लिंक और हवाला कनेक्शन नूंह पुलिस समानांतर रूप से पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़े गए दो आरोपियों—रिजवान (अधिवक्ता) और अजय अरोड़ा (मिठाई विक्रेता व हवाला डीलर)— से पूछताछ कर रही है।जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि:अजय अरोड़ा हवाला के ज़रिए रकम रिजवान के बैंक खाते में डालता थाइस धन का उपयोग पंजाब में आतंक फैलाने के लिए किया जा रहा था दोनों आरोपी आठ दिन की पुलिस रिमांड पर हैं

डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने कहा—“जांच अत्यंत संवेदनशील है। अभी किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी।”बाकी आरोपी भी लाए जा सकते हैं नूंह सूत्रों के मुताबिक NIA इस केस में गिरफ्तार बाकी आरोपियों को भी नूंह लाने की तैयारी में है, जिनमें शामिल हैं—इमाम इश्तियाक (अल-फलहा यूनिवर्सिटी)शोएब, जिसने दिल्ली धमाके में मारे गए डॉक्टर उमर को नूंह में ठिकाना दिलाया था डॉक्टर आदिल, जिसे सहारनपुर से पकड़ा गया और जो अक्सर अल-फलहा आता-जाता था।

सूत्र बताते हैं कि आरोपी डॉक्टरों ने अपने वेतन का हिस्सा भी इस साजिश में झोंक दिया था, जो एक सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।सुरक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी: “चिकित्सा क्षेत्र में घुसपैठ खतरनाक संकेत”राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के जानकार ब्रिगेडियर (से.नि.) आर.के. मेहरा का कहना है—“डॉक्टरों के नेटवर्क का आतंक गतिविधियों में शामिल होना बेहद खतरनाक संकेत है। ये लोग आम जनता में घुल-मिलकर बिना शक के मूव कर सकते हैं। यह मॉडल पाकिस्तान के पुराने मॉड्यूल जैसा है।

”पूर्व IB अधिकारी नसीम कुरैशी कहते हैं—“उर्दू दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और हवाला ट्रेल—तीनों मिलकर बड़े मॉड्यूल की ओर इशारा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ निश्चित हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का तहमीर “NIA का दायरा अब केवल आतंक नहीं—

शैक्षणिक संस्थान भी जांच के दायरे में”

राजनीतिक विश्लेषक प्रो. समीर भटनागर का कहना है—“अल-फलहा यूनिवर्सिटी और इससे जुड़े कई नामों का सामने आना केंद्र की उन चिंताओं को बल देता है कि शैक्षणिक संस्थानों में कट्टरपंथी नेटवर्क धड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। आने वाले महीनों में सरकार की काउंटर-टेरर नीति में कठोर बदलाव संभव है।”एक अन्य विश्लेषक डॉ. शिखा त्रिपाठी कहती हैं—“यह केस सिर्फ धमाके का नहीं, बल्कि एक वैचारिक और आर्थिक गठजोड़ का खुलासा भी है। राजनीतिक विमर्श इसकी दिशा तय करेगा।”नतीजा: केस अब एक ‘मल्टी-लेयर नेटवर्क’ की ओर बढ़ रहा है बरामद दस्तावेज़, हवाला चैन, चिकित्सा पेशेवरों की संलिप्तता और कई राज्यों में फैला नेटवर्क—ये सभी संकेत देते हैं कि दिल्ली धमाका केस एक एकल घटना नहीं, बल्कि एक बहुस्तरीय संगठित मॉड्यूल का हिस्सा है।जांच एजेंसियों के आगे अभी कई परतें खुलनी बाकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *