किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला: जंगली जानवरों और जलभराव से फसल खराब होने पर भी मिलेगा PM फसल बीमा योजना का मुआवजा

बी के झा

NSK

नई दिल्ली, 21 नवंबर देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि अब जंगली जानवरों के हमले तथा अतिवृष्टि के कारण बाढ़ या पानी भरने से फसल को होने वाले नुकसान को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में शामिल कर लिया गया है। यह दोनों नुकसान अब तक योजना के दायरे से बाहर थे, लेकिन किसानों की लगातार उठाई जा रही मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे मंजूरी दे दी।

किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी — अब हर नुकसान पर सुरक्षा कवच कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा:प्रिय किसान बहनों और भाइयों, आज आपको एक बहुत बड़ी खुशखबरी दे रहा हूँ। प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान पर प्रधानमंत्री मोदी जी ने फसल बीमा योजना शुरू की थी, पर इसमें दो नुकसान शामिल नहीं थे—पहला—जंगली जानवरों द्वारा फसल की तबाही दूसरा—

अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ या जलभराव से फसल को नुकसानअब आपकी मांग को स्वीकार करते हुए इन दोनों को भी योजना में शामिल कर लिया गया है।”उन्होंने आगे कहा कि अब यदि खेतों मेंनीलगाय, सूअर, जंगली सुअर, हिरण आदि जंगली जानवरों के हमलेया लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर जानासे फसल बर्बाद होती है, तो किसान को उसका पूर्ण मुआवजा मिलेगा।चौहान ने किसानों से अपील की—अब देर मत कीजिए, अपनी फसलों का बीमा अवश्य करवाइए।”

खाद्यान्न उत्पादन में देश ने बनाया रिकॉर्ड—इस साल 357.73 मिलियन टनकिसानों के लिए राहत भरी इस घोषणा के बीच कृषि मंत्री ने उत्पादन के नए आंकड़े भी जारी किए।वर्ष 2024–25 के अंतिम अनुमान के अनुसार—भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन पहुँच गया है।यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8% अधिक है।पिछले 10 वर्षों में खाद्यान्न उत्पादन में 106 मिलियन टन की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।इन उपलब्धियों का श्रेयकिसानों की मेहनत,आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग,और केंद्र सरकार की कृषि-हितैषी नीतियोंको दिया गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

कृषि जोखिम अब व्यापक रूप से कवर भारत में हर वर्ष लाखों किसानों की फसलजंगली जानवरोंया बारिश से उत्पन्न बाढ़/जलभरावके कारण नष्ट हो जाती है।ये नुकसान पहले बीमा योजना में शामिल न होने के कारण किसानों को भारी आर्थिक झटका देते थे।

किसानों को मिलेगा सुरक्षा कवचअब किसानों को न केवल प्राकृतिक आपदाओं से, बल्कि जैविक एवं पर्यावरणीय दोनों प्रकार के जोखिमों से सुरक्षा मिलेगी।

बीमा दावा अब होगा मजबूतनए प्रावधान के बाद राज्यों में बीमा दावा प्रक्रियाओं को भी और सरल एवं तेज करने की तैयारी चल रही है।

निष्कर्ष —

किसान हितों के लिए केंद्र की सबसे बड़ी पहल जंगली जानवरों और जलभराव से फसल खराब होने पर मुआवजा देने का फैसला प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सबसे बड़ा विस्तार माना जा रहा है।यह कदम किसानों की वर्षों पुरानी मांग का समाधान है और आने वाले समय में लाखों किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *