बी के झा
तिरुवनंतपुरम / नई दिल्ली, 13 दिसंबर
तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव के नतीजों ने केरल की राजनीति में एक ऐसा अध्याय जोड़ दिया है, जिसे आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के संसदीय क्षेत्र और वामपंथ का पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले तिरुवनंतपुरम में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है। 101 सदस्यीय नगर निगम में एनडीए ने 50 सीटें जीतकर न सिर्फ सत्ता के दरवाजे पर दस्तक दी है, बल्कि चार दशक से चले आ रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) के वर्चस्व को भी समाप्त कर दिया है।
चार दशक बाद टूटा वाम किला तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर करीब 40 वर्षों से वामपंथी दलों का दबदबा रहा है। यह जीत केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस राजनीतिक धारणा को भी तोड़ती है कि केरल की शहरी राजनीति में भाजपा की कोई ठोस जमीन नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम राज्य की राजनीति में गहरे बदलाव का संकेत है, जहां मतदाता पारंपरिक यूडीएफ और एलडीएफ के विकल्प के तौर पर अब भाजपा-एनडीए को गंभीरता से देखने लगे हैं।
शशि थरूर के गढ़ में संदेश साफ तिरुवनंतपुरम को शशि थरूर का गढ़ माना जाता रहा है। थरूर यहां से कई बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं और उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता भी रही है। ऐसे में उनके ही क्षेत्र में भाजपा की इस जीत को कांग्रेस के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, यह परिणाम सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव का नहीं, बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक आधार और नेतृत्व पर उठते सवालों का भी संकेत है।
पीएम मोदी का संदेश:
‘केरल चाहता है बदलाव’।इस ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए इसे राज्य की राजनीति में निर्णायक मोड़ बताया। सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार संदेशों में प्रधानमंत्री ने कहा कि केरल की जनता अब यूडीएफ और एलडीएफ दोनों से ऊब चुकी है और विकास व सुशासन के लिए एनडीए को एकमात्र विकल्प के रूप में देख रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा-एनडीए को मिला जनादेश इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास, अवसर और बेहतर ‘ईज ऑफ लिविंग’ चाहते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एनडीए इस जीवंत शहर के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करेगा।कार्यकर्ताओं की मेहनत का मिला फल
प्रधानमंत्री मोदी ने खास तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना की और कहा कि यह जीत वर्षों के संघर्ष, धैर्य और जमीनी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि केरल में पीढ़ियों से पार्टी कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच काम करते रहे हैं और आज उसी संघर्ष का फल सामने आया है।
मतदान प्रतिशत और जनादेश नगर निगम चुनाव में दो चरणों में हुए मतदान में करीब 73.7 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह उच्च मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत माना जा रहा है कि जनता ने इस चुनाव को गंभीरता से लिया और बदलाव के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया।
आगे क्या?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, तिरुवनंतपुरम में भाजपा की यह जीत आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। यह परिणाम न सिर्फ भाजपा के लिए उत्साहवर्धक है, बल्कि यूडीएफ और एलडीएफ दोनों के लिए आत्ममंथन का विषय भी बन गया है।
एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों की प्रतिक्रिया:
पीएम मोदी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव जीतकर केरल के राजनीतिक फिजा बदल दिया कुल मिलाकर, तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव ने यह साफ कर दिया है कि केरल की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर खड़ी है, जहां परंपरागत ध्रुवीकरण से आगे बढ़कर मतदाता नए विकल्पों को आजमाने के लिए तैयार दिखाई दे रहे हैं।
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