बी के झा
NSK

तेहरान/ न ई दिल्ली, 7 मार्च
मध्य-पूर्व में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान की सत्ता संरचना को लेकर नई खबरों ने वैश्विक राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। हालिया रिपोर्टों में कहा गया है कि संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मृत्यु हो चुकी है। हालांकि इस घटनाक्रम के बीच यह जानकारी सामने आई है कि उनके चारों बेटे सुरक्षित हैं और उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।इससे पहले युद्ध की अफवाहों और अपुष्ट रिपोर्टों के बीच यह खबर फैल गई थी कि खामेनेई के एक बेटे की भी मौत हो गई है। लेकिन अब सामने आई तस्वीरों और सूत्रों के अनुसार खामेनेई के सभी बेटे सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
कौन हैं खामेनेई के चारों बेटे?
ईरान के सर्वोच्च नेता रहे Ali Khamenei के चार बेटे हैं, जो लंबे समय से धार्मिक और राजनीतिक हलकों में सक्रिय माने जाते हैं।उनके बेटों के नाम इस प्रकार बताए जाते हैं:Mostafa KhameneiMojtaba KhameneiMasoud KhameneiMeitham Khameneiइनमें से Mojtaba Khamenei को लंबे समय से ईरान की सत्ता संरचना में प्रभावशाली माना जाता रहा है और कई विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में वे सर्वोच्च नेतृत्व की दौड़ में प्रमुख दावेदार बन सकते हैं।
खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा तनाव
रिपोर्टों के अनुसार संयुक्त सैन्य अभियान में United States और Israel की कार्रवाई के दौरान Ali Khamenei की मौत हुई।हालांकि इस घटना को लेकर आधिकारिक स्तर पर कई तरह की सूचनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इतना स्पष्ट है कि इस घटनाक्रम ने Iran और अमेरिका के बीच दुश्मनी की खाई को और गहरा कर दिया है।दोनों देशों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों की खबरें आ रही हैं, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में तनाव का माहौल बना हुआ है।
ईरान में उत्तराधिकार की चर्चा तेज
खामेनेई की मृत्यु की खबर के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अब ईरान का अगला सर्वोच्च नेता कौन होगा।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान की सत्ता व्यवस्था में सर्वोच्च नेता का चयन धार्मिक परिषद और राजनीतिक संस्थानों की जटिल प्रक्रिया से होता है।लेकिन कई विशेषज्ञों का कहना है कि Mojtaba Khamenei को लंबे समय से सत्ता के गलियारों में प्रभावशाली माना जाता रहा है, इसलिए उनके नाम की चर्चा तेज हो सकती है।
ट्रंप के दावे और बढ़ती बयानबाजी
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर कई बड़े दावे किए थे।ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सैन्य अभियानों के कारण ईरान की सेना, नौसेना और संचार प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा है और कई बड़े सैन्य नेता मारे गए हैं।उनके इन बयानों ने दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है।
मध्य-पूर्व में बढ़ता युद्ध का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा टकराव इसी तरह बढ़ता रहा तो यह केवल Iran और United States तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व को एक बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है।कई विश्लेषकों का कहना है कि खामेनेई के परिवार के सुरक्षित होने की खबर के बाद यह भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या उनके समर्थक या उत्तराधिकारी इस संघर्ष को और तेज करेंगे।
अब दुनिया की नजर ईरान पर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर ईरान की आंतरिक राजनीतिक स्थिति और उसके अगले कदमों पर टिकी हुई है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान अपने सर्वोच्च नेता की मौत के बाद बदले की नीति अपनाएगा या फिर कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने की कोशिश करेगा।
फिलहाल मध्य-पूर्व की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में यह तय होगा कि यह संकट किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
