चुनाव बाद नीतीश कुमार ‘हाथ’ के साथ होंगे: पप्पू यादव के बयान से मचा सियासी तूफ़ान, वरिष्ठ विश्लेषकों ने भी जताई आशंका — “14 नवंबर के बाद साफ होगा बिहार का भविष्य”

बी के झा

NSK

पटना/ नई दिल्ली, 21 अक्टूबर

बिहार चुनाव के माहौल में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक धमाका हुआ है। पूर्णिया के कांग्रेस सांसद पप्पू यादव के ताज़ा बयान ने सियासत में हलचल मचा दी है। यादव ने दावा किया है कि “चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी नहीं, बल्कि कांग्रेस का हाथ थामेंगे।”

पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा और चिराग पासवान के बीच पहले से “जुगलबंदी” चल रही है और नीतीश कुमार को धीरे-धीरे अलग-थलग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा,नीतीश जी को सिर्फ कांग्रेस ही सम्मान दे सकती है। बीजेपी में उन्हें हाशिए पर धकेला जा रहा है। ये चुनाव सिर्फ स्ट्राइक रेट का खेल है, और नीतीश जी इसे बखूबी समझ चुके हैं।

“नीतीश को पीठ में भोंका गया खंजर” —

पप्पू यादव का तंज कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह नीतीश कुमार को कमजोर करने की चाल चल रही है। उन्होंने कहा,नीतीश कुमार मगध के हैं, शांत रहते हैं लेकिन सब समझते हैं।

बीजेपी का गुप्त एजेंडा अब उनके सामने खुल चुका है।उन्होंने दावा किया कि “चुनाव के बाद बिहार का राजनीतिक नक्शा बदल जाएगा और महागठबंधन की सरकार बनेगी।”

महागठबंधन में दरार, 9 सीटों पर आपसी टक्कर

जहां एक ओर पप्पू यादव नीतीश को ‘महागठबंधन का भावी साथी’ बता रहे हैं, वहीं खुद महागठबंधन के भीतर भी फूट के संकेत मिलने लगे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, 243 सीटों वाले बिहार में गठबंधन के दलों ने कुल 252 उम्मीदवार उतार दिए हैं।

यानी 9 सीटों पर घटक दल आपस में ही आमने-सामने हैं।इन सीटों पर राजद, कांग्रेस और वामदलों के बीच सीधा मुकाबला होगा — और इन सभी के सामने एनडीए के उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

यह स्थिति महागठबंधन की “रणनीतिक एकजुटता” पर सवाल खड़ा कर रही है।पहला चरण पूरा, 1314 उम्मीदवार मैदान मेंचुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान होना है। इस चरण के लिए 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं।

61 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए जबकि 300 से अधिक के नामांकन रद्द कर दिए गए।दूसरे चरण के लिए अब 23 अक्टूबर तक नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है।दिलीप जायसवाल का राहुल गांधी पर वारइसी बीच, भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा,राहुल गांधी ‘जननायक’ शब्द को करपूरी ठाकुर से छीनने की कोशिश कर रहे हैं। यह बिहार और पिछड़े समाज का अपमान है।”यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को “जननायक” कहकर संबोधित किया था।

आरजेडी प्रत्याशी सिद्धार्थ गिरफ्तार

चुनावी माहौल में एक और बड़ा झटका आरजेडी को लगा है।21 साल पुराने मामले में आरजेडी उम्मीदवार सिद्धार्थ की गिरफ्तारी ने पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है।ऐसे वक्त में जब पार्टी पहले से ही अंदरूनी खींचतान का शिकार है, यह गिरफ्तारी नई समस्या बन गई है।

विश्लेषक बोले – पप्पू का बयान हवा-हवाई नहीं पटना के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पप्पू यादव का यह बयान “सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी” नहीं है।

उनके मुताबिक, जब से गृहमंत्री अमित शाह ने यह कहा कि “विजेता विधायक ही तय करेंगे कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा,” तभी से NDA के भीतर अविश्वास की दरार दिखने लगी थी।भले ही शाह ने बाद में नीतीश से मुलाकात कर हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन अंदरूनी असहमति अब साफ झलक रही है।नीतीश-कांग्रेस समीकरण पर नई चर्चा

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि राहुल गांधी भी अब लालू परिवार से दूरी बनाकर नीतीश कुमार और प्रशांत किशोर (PK) पर भरोसा जता रहे हैं।एक वरिष्ठ पत्रकार ने नाम न बताने की शर्त पर कहा —राहुल गांधी को लगता है कि नीतीश कुमार जैसी छवि वाले नेता के साथ जाना कांग्रेस के लिए सुरक्षित विकल्प हो सकता है। वहीं प्रशांत किशोर भी अंदरखाने नीतीश को तरजीह दे रहे हैं।”

निष्कर्ष:

बिहार की राजनीति ‘महाभारत’ के मोड़ परराजनीतिक पंडितों का कहना है कि बिहार की राजनीति इस समय महाभारत के उस अध्याय पर है, जहाँ हर पक्ष अपने “धर्म” और “हित” के बीच फंसा है।

कौन बनेगा पांडव, कौन दुर्योधन — इसका फैसला अब जनता के हाथ में है।और जैसा कि एक विश्लेषक ने कहा बिहार का सियासी भविष्य अब गर्भ में है, और 14 नवंबर के बाद ही जन्म लेगा।

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