बी के झा
NSK

सीवान / न ई दिल्ली, 28 अक्टूबर
छठ पर्व की रौनक खत्म होते ही बिहार की सियासत फिर से गरमा गई है।बुधवार को सीवान के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर पहुंचे, तो पूरा मैदान “जय श्रीराम!” और “हर हर महादेव!” के नारों से गूंज उठा।मंच से योगी ने अपने अंदाज में राजद प्रत्याशी और दिवंगत बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा साहेब पर तीखा हमला बोला —नाम सुनो ज़रा… जैसा नाम, वैसा काम!”भीड़ ठहाकों और तालियों से गूंज उठी।
योगी का भाषण जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, हर लाइन पर जनता की तालियां और जयघोष ने रैली को चुनावी उत्सव में बदल दिया।
“इंद्रदेव भी एनडीए को जीताने में जुटे हैं” — योगी की आकाशवाणीयोगी आदित्यनाथ ने भाषण की शुरुआत में ही मौसम पर टिप्पणी करते हुए कहा —मैं जैसे ही इस धरती पर आया, इंद्रदेव की कृपा बरसने लगी! ये संकेत है कि सीवान की हर सीट एनडीए को मिलने वाली है।”उन्होंने बिहार की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए नालंदा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, कर्पूरी ठाकुर और बाबू जगजीवन राम जैसे नेताओं को नमन किया, फिर तीखे स्वर में सवाल उछाला —
ऐसी महान धरती पर पहचान का संकट किसने खड़ा किया? कौन लोग हैं जिन्होंने बिहार को पीछे धकेल दिया?
भीड़ से जवाब आया — “आरजेडी!”
“नाम देखो… जैसा नाम वैसा काम!” —
योगी का ओसामा पर हमलारैली का सबसे तीखा पल तब आया जब योगी ने राजद प्रत्याशी पर बिना नाम लिए निशाना साधा।यहाँ से जो प्रत्याशी दिया गया है, वह अपनी खानदानी अपराधी छवि के लिए सिर्फ बिहार में नहीं, बल्कि दुनिया भर में कुख्यात रहा है।
नाम तो देखो… जैसा नाम वैसा काम!
”योगी के इस बयान पर पूरा मंच गूंज उठा। तालियों और “बाबा बुलडोज़र जिंदाबाद!” के नारों ने माहौल को बिजली सा बना दिया।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह बिहार में भी अपराध और माफियागिरी पर जीरो टॉलरेंस का वक्त आ गया है।हमने यूपी में कहा था — अपराधी या तो जेल में होंगे, या राम नाम सत्य!”
“राम का विरोध करने वालों को जनता जवाब देगी” —
योगी की गर्जनायोगी आदित्यनाथ ने आरजेडी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा —ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी अयोध्या में भगवान श्रीराम के रथ को रोका था।
कांग्रेस कहती थी राम है ही नहीं। समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोली चलवाई थी। और अब यही लोग फिर बिहार को जंगलराज की ओर ले जाना चाहते हैं।
”उन्होंने आगे कहा कि सीतामढ़ी की धरती माता जानकी की है, और ये लोग वहीं के विकास कार्यों का विरोध करते हैं। जिनके भीतर राम और जानकी के प्रति भक्ति नहीं, वे बिहार की जनता की भलाई क्या करेंगे?
तेजाब कांड की याद दिलाई,
कहा — अपराधी फिर सिर न उठा पाएयोगी आदित्यनाथ ने सीवान के चर्चित तेजाब कांड की याद दिलाते हुए कहा —जिस धरती पर चांद बाबू के बेटे पर तेजाब फेंका गया था, वही अपराधी आज फिर चुनाव मैदान में है। ये बिहार के लिए अपमान है। ऐसे अपराधियों को फिर से ज़िंदा नहीं होने देना है।
”उन्होंने कहा कि एनडीए का संकल्प है —बिहार अब जंगलराज में नहीं लौटेगा।
अब यहां बुलडोजर न्याय का प्रतीक बनेगा!”
स्थानीय समाजसेवी बोले — ‘योगी जी जैसा नेता अगर बिहार में होता तो तस्वीर बदल जाती!’
रैली के बाद एक स्थानीय समाजसेवी ने एक अखबार से कहा —योगी जी के भाषण में गजब की ताकत है। वह सिर्फ नेता नहीं, सनातन धर्म के सच्चे रक्षक हैं।
उन्हें सत्ता का मोह नहीं — वे कल भी योगी थे, आज भी योगी हैं और कल भी योगी रहेंगे।
उन्होंने आगे कहा —जहां-जहां योगी जी जाएंगे, एनडीए उम्मीदवार की जीत तय है। योगी और मोदी जब तक हैं, देश में हिंदुस्तान की पहचान अक्षुण्ण रहेगी।
”टिप्पणी — ‘बाबा का बुलडोज़र अब बिहार की मिट्टी पर भी गरजा!’
योगी आदित्यनाथ ने रघुनाथपुर से जो हुंकार भरी, उसने न सिर्फ सीवान बल्कि पूरे बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।एक तरफ राहुल गांधी बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं, वहीं योगी अपने बुलडोज़र और रामभक्ति के दम पर एनडीए की राजनीति में नई जान फूंक रहे हैं।
नाम ओसामा हो या शाहबुद्दीन — बाबा ने साफ कर दिया है कि बिहार में अब नाम नहीं, काम चलेगा!”
रैली की भीड़ और नारों से एक बात तो तय दिखी —बिहार का मैदान अब केवल चुनाव नहीं, धर्म, विकास और पहचान की जंग बन चुका है।
निष्कर्ष:
रघुनाथपुर में योगी की गरज ने विपक्ष के खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है।
सीवान की गलियों में अब एक ही चर्चा —बाबा आए थे… और जाते-जाते हवा का रुख बदल गए!”
