ट्रंप का बड़ा खुलासा: “पाकिस्तान कर रहा है सक्रिय परमाणु परीक्षण” — दुनिया में बढ़ी बेचैनी

बी के झा

NSK

वॉशिंगटन / न्यूयॉर्क / न ई दिल्ली, 3 नवंबर

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भूचाल ला देने वाला बयान दिया है। सीबीएस न्यूज़ के प्रसिद्ध कार्यक्रम “60 मिनट्स” को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने खुलासा किया कि पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जो सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं।ट्रंप ने कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान लगातार परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका अकेला ऐसा देश है जो खुलकर ऐसा नहीं करता। उन्होंने इसे “परमाणु संतुलन के ख़तरे” की चेतावनी बताते हुए कहा कि अब अमेरिका के पास भी परीक्षण फिर से शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

“दूसरे कर रहे हैं परीक्षण, हम क्यों न करें?” — ट्रंपट्रंप ने साक्षात्कार में कहा —रूस परीक्षण कर रहा है, चीन परीक्षण कर रहा है, लेकिन वे इसके बारे में बोलते नहीं। हम एक खुला समाज हैं — हम बात करते हैं, और हमें करनी पड़ती है। उनके पास ऐसे पत्रकार नहीं हैं जो सवाल करें, हमारे पास हैं।उन्होंने आगे कहा,हम भी परीक्षण करेंगे, क्योंकि बाकी देश कर रहे हैं — उत्तर कोरिया कर रहा है, पाकिस्तान कर रहा है। अगर वे सब कर सकते हैं, तो अमेरिका क्यों नहीं?ट्रंप का यह बयान अमेरिकी विदेश नीति और वैश्विक सुरक्षा संतुलन के लिए एक गूढ़ संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान न सिर्फ पाकिस्तान की परमाणु गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय निगाहें केंद्रित करेगा, बल्कि अमेरिका की आगामी रक्षा नीति में भी नए अध्याय खोलेगा।

“हमारे पास दुनिया को 150 बार उड़ाने की ताकत” — ट्रंप का दावाइंटरव्यू में ट्रंप ने अमेरिका की परमाणु क्षमता का बखान करते हुए कहा —हमारे पास किसी भी देश से अधिक परमाणु हथियार हैं। मैंने राष्ट्रपति पुतिन और शी जिनपिंग से परमाणु निरस्त्रीकरण पर बात की है, लेकिन सच्चाई यह है कि हमारे पास इतनी ताकत है कि दुनिया को 150 बार खत्म कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि अमेरिका अब और “संयम की राजनीति” नहीं अपनाएगा, क्योंकि ऐसा करने से “रणनीतिक असमानता” बढ़ती है।

रूस की ‘घातक मिसाइल’ से फिर छिड़ी दौड़रूस के हालिया परीक्षण ने भी इस बयान को और विस्फोटक बना दिया है। बताया जा रहा है कि रूस ने हाल ही में एक “परमाणु ऊर्जा चालित मिसाइल” का सफल परीक्षण किया है, जो लगातार 15 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भर सकती है।अमेरिकी खेमे में इसे शीतयुद्ध जैसी नई प्रतिस्पर्धा की शुरुआत माना जा रहा है।रूस की “Poseidon Underwater Drone” और अन्य एडवांस्ड प्रणालियों की खबरों के बीच ट्रंप ने संकेत दिए कि अमेरिका भी गुपचुप तौर पर नए सिरे से परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा है, हालांकि उन्होंने समय या स्थान का खुलासा करने से इनकार किया।

विश्लेषण:

वैश्विक असंतुलन की ओर बढ़ती दुनियाराजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह खुलासा केवल बयान नहीं, बल्कि एक “रणनीतिक दबाव” है।यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण एशिया में भारत-पाक तनाव, चीन की आक्रामक नीति और रूस-अमेरिका प्रतिस्पर्धा एक साथ उभर रही हैं।अगर ट्रंप का दावा सही निकलता है तो यह दक्षिण एशिया के परमाणु परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकता है।क्योंकि पाकिस्तान का सक्रिय परमाणु परीक्षण न केवल भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर असर डालेगा, बल्कि वैश्विक अप्रसार संधि (NPT) की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा।🕊️ क्या नई शीतयुद्ध की आहट है यह?ट्रंप का यह बयान वैश्विक राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ चुका है —क्या यह परमाणु शक्ति संतुलन का युग वापस लौट आया है?क्या अमेरिका और रूस एक बार फिर ‘हथियारों की दौड़’ में उतरने जा रहे हैं?कई रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परमाणु परीक्षणों की प्रतिस्पर्धा फिर शुरू होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की शांति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति पर पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *