बी के झा
NSK

नई दिल्ली, 23 नवंबर
देश की राजधानी दिल्ली अब प्रशासनिक रूप से एक नए युग में प्रवेश करने जा रही है। शासन-प्रशासन को अधिक चुस्त-दुरुस्त और जनता के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने राजस्व जिलों के बड़े पुनर्गठन (Redistricting) का निर्णय किया है। प्रस्ताव को कैबिनेट की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा जाएगा।इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद दिल्ली में 11 जिलों की जगह 13 जिले होंगे, जबकि सब-डिवीज़न 33 से बढ़कर 39 किए जा रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि नए जिले नगर निगम के जोन के आधार पर बनाए गए हैं, ताकि प्रशासनिक कार्यों का केंद्रीकरण हो और नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
क्यों किया जा रहा है ये बड़ा बदलाव?
दिल्ली सरकार का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में एक ही इलाके की समस्याओं के लिए नागरिकों को कई विभागों और अलग-अलग इमारतों में जाना पड़ता है।कभी कोई मामला राजस्व का होता है, कभी लाइसेंस का, तो कभी किसी अन्य विभाग का। परिणाम—फाइलें भटकती हैं, लोग भटकते हैं।नई व्यवस्था के तहत सरकार हर जिले में एक मिनी सचिवालय स्थापित करना चाहती है, जहाँ—राजस्व,लाइसेंस,जनकल्याण,अन्य नागरिक सेवाओंसबका समाधान एक ही छत के नीचे मिले।यही वजह है कि जिलों का परिसीमन निगम जोन के अनुरूप किया गया है, ताकि भूगोल, जनसंख्या और प्रशासनिक आवश्यकताओं के बीच तालमेल स्थापित हो सके।दिल्ली के नए 13 जिले: नाम और उनके सब-डिवीजन नीचे वह सूची है जो दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे का नया चेहरा बनने जा रही है:
1. पुरानी दिल्ली जिला सदर बाजार चांदनी चौक
2. मध्य डिफेंस डिफेंस कॉलोनी कालकाजी
3. नई दिल्ली जिला दिल्ली कैंट नई दिल्ली
4. सिविल लाइंस अलीपुर आदर्श नगर बादली
5. करोल बाग मोती नगर करोल बाग
6. केशव पुरम शालीमार बाग शकूर बस्ती मॉडल टाउन
7. नरेला मुंडका नरेला बवाना
8. नजफगढ़ जिला कापसहेड़ा द्वारका नजफगढ़ बिजवासन–वसंत विहार
9. रोहिणी जिला किराड़ी मंगोलपुरी रोहिणी
10. शाहदरा दक्षिण गांधी नगर विश्वास नगर कोंडली
11. शाहदरा उत्तर करावल नगर सीमापुरी सीलमपुर शाहदरा
12. दक्षिण जिला महरौली मालवीय नगर देवली आर.के. पुरम 13. पश्चिम जिला विकासपुरी जनकपुरी मादीपुर
कौन से पुराने जिले खत्म या बदले जाएंगे?
पूर्वी जिला और उत्तर-पूर्वी जिला अब अस्तित्व में नहीं रहेंगे।उनकी जगह दो नए जिले — शाहदरा उत्तर और शाहदरा दक्षिण बनाए जा रहे हैं।उत्तरी जिला को विभाजित कर सिविल लाइंस और पुरानी दिल्ली जिला बनाया गया है।दक्षिण-पश्चिम जिला का बड़ा हिस्सा अब नज़फगढ़ जिले में शामिल होगा।
लोगों को क्या लाभ होगा?
एक ही दफ्तर में सभी काममिनी सचिवालय मॉडल के लागू होने के बाद नागरिकों को लाइनों, चक्कर और कागजी भागदौड़ से बड़ी राहत मिलेगी।
प्रशासन की गति बढ़ेगीजिले संरचनात्मक रूप से छोटे और बेहतर संगठित होंगे, जिससे फाइलों का निपटारा तेज होगा।
निगम और राजस्व विभाग के बीच तालमेल पहली बार दिल्ली में दोनों तंत्र एक जैसी भौगोलिक सीमाओं का पालन करेंगे, जिससे भ्रम और लंबे प्रक्रियात्मक चक्र समाप्त होंगे।
बड़े जिलों का बोझ कम होगा पुराने जिले अत्यधिक बड़े और घनी आबादी वाले थे। नए ढांचे से भीड़ का भार समान रूप से वितरित होगा।दिल्ली के भविष्य की नई रूपरेखा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह कदम दिल्ली के प्रशासनिक इतिहास में मील का पत्थर बनने जा रहा है।
नई जिलाबंदी न सिर्फ शासन को सरल बनाने वाली है, बल्कि यह राजधानी के तेज़ी से बढ़ते जनसंख्या दबाव और शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करेगी।सरकार को उम्मीद है कि यह कदम दिल्ली में सुविधा, सुशासन और सरलता की नई कहानी लिखेगा।
