दुश्मन पर फेंकी गई मिट्टी भी मिसाइल बन जाती है’—आसिम मुनीर की गीदड़भभकी पर भारत का करारा जवाब

बी के झा

NSK

नई दिल्ली, 19 नवंबर

पाकिस्तान की आदतों में कोई बदलाव नहीं आया है। एक बार फिर उसके सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भारत को लेकर भड़काऊ बयान दिया है और अपने झूठे सैन्य ‘विजयों’ के ढोल पीटे हैं। जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के सम्मान में आयोजित लंच कार्यक्रम में मुनीर ने दावा किया कि “दुश्मन पर फेंकी गई मिट्टी भी मिसाइल में बदल जाती है”, और पाकिस्तान की सेना को “अल्लाह की फौज” करार देते हुए भारत को अप्रत्यक्ष धमकी दी।

हालाँकि, भारत में राजनीतिक विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों ने इस बयान को न सिर्फ हास्यास्पद, बल्कि पाकिस्तानी सेना की हताशा का प्रमाण बताया है।

मुनीर का झूठा दावा—‘मई के युद्ध में हमने भारत को हराया’पाकिस्तानी अखबार दैनिक जंग के अनुसार, आसिम मुनीर ने भारत के साथ मई में हुए चार दिवसीय संघर्ष का जिक्र करते हुए दावा किया कि पाकिस्तान ने “भारत को मात दी” और “सिर ऊँचा” रखा।

मुनीर ने कहा—जब मुसलमान अल्लाह पर भरोसा करता है तो दुश्मन पर फेंकी गई मिट्टी भी मिसाइल में बदल जाती है… हमने भारत के हमलों का मजबूती से मुकाबला किया।”

विश्लेषकों के अनुसार यह बयान सत्य से कोसों दूर है। भारत ने उस समय पाकिस्तान की हर उकसावे वाली कार्रवाई का सटीक, संयमित और निर्णायक जवाब दिया था। किसी भी अंतरराष्ट्रीय संस्था या सैन्य रिपोर्ट ने पाकिस्तान की किसी “विजय” की पुष्टि नहीं की।

भारतीय राजनीतिक विश्लेषकों की प्रतिक्रिया—“ये वक्तव्य हार का दर्द छुपाने की कोशिश

”1. प्रो. समीर कुलकर्णी (राजनीतिक विश्लेषक)पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ICU में है, IMF की शर्तें गले पर तलवार की तरह लटक रही हैं। ऐसे में सेना को अपनी जनता को यह दिखाना पड़ता है कि वह ‘अब भी ताकतवर’ है।आसिम मुनीर का बयान घरेलू राजनीति के लिए है, न कि भारत को डराने के लिए।

2. मेजर जनरल (से.नि.) आर.के. नायर (रक्षा विशेषज्ञ)यह वही पाकिस्तान है जिसने 1971 में अपने आधे देश को खोया और 90,000 सैनिक भारत के सामने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। मिट्टी को मिसाइल में बदलने की बातें सिर्फ अंदरूनी भ्रम फैलाने के लिए की जाती हैं। वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान के पास अपनी सेना को वेतन तक देने के पैसे नहीं हैं।

”भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का जवाब—“मिट्टी नहीं, पाकिस्तान की मानसिकता ध्वस्त”

एयर मार्शल (से.नि.) एस. बख्शीभारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। पाकिस्तान के पास न तकनीक है न संसाधन।

मिट्टी मिसाइल बनती नहीं—हाँ, पाकिस्तान की मिट्टी में उग रही कट्टरपंथी सोच जरूर क्षेत्र में अस्थिरता का कारण बनती है।

”ले. जनरल (से.नि.) चेतन चौहानपाकिस्तान की सेना के लिए ये बयान परंपरागत है—

धमकी दो, झूठ बोलो, और फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भीख माँगो। भारत को डराने की कोशिश करना उस बच्चे जैसा है जो बंदूक की जगह लकड़ी लेकर दहाड़ता है।

राजनयिकों की टिप्पणी—“जॉर्डन के सामने अपनी छवि चमकाने की कोशिश”

भारतीय विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि मुनीर का बयान असल में भारत के लिए नहीं था।यह जॉर्डन और खाड़ी देशों के सामने अपनी ‘सैन्य क्षमता’ दिखाने की कोशिश थी, क्योंकि पाकिस्तान इन दिनों रक्षा सहयोग के लिए किसी भी विदेशी निवेश के पीछे भाग रहा है।

डॉ. अम्बरीष तिवारी (विदेश नीति विशेषज्ञ)जॉर्डन से पाकिस्तान की सैन्य साझेदारी अहम है। मुनीर अपने देश के अंदर असंतोष को दबाने और बाहर अपनी ‘पावर इमेज’ बेचने के लिए ऐसे बयान देते हैं। भारत इन धमकियों का जवाब जमीन पर देता है—बयानबाजी से नहीं।

निष्कर्ष—

पाकिस्तान की बयानबाज़ी, भारत की चुप्पी और सच्चाई का आईना पाकिस्तान की ओर से इस तरह की बयानबाजी कोई नई बात नहीं है।आर्थिक कंगाली, राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ते आंतरिक विद्रोहों के बीच पाकिस्तानी सेना को यह दिखाना पड़ता है कि वह “अब भी relevant है”—

वरना जनता का भरोसा इससे उठ चुका है।भारत ने हमेशा संयमित लेकिन स्पष्ट नीति अपनाई है—

उकसावे का जवाब क्षमता से, और धमकी का जवाब चुप्पी से।

आसिम मुनीर की “मिट्टी मिसाइल बन जाती है” वाली टिप्पणी सुनकर भारतीय विशेषज्ञ बस इतना ही कहते हैं—

वक्तव्य चाहे जितने बड़े कर लो, हकीकत LOC पर लिखी जाती है—

और वहाँ हर बार सत्य भारत की ओर खड़ा होता है।

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