बी के झा
NSK

नई दिल्ली , 27 अक्टूबर
भारत के निर्वाचन इतिहास में एक और अहम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को घोषणा की कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण मंगलवार से देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू होगा। इस घोषणा के साथ ही इन राज्यों की मतदाता सूचियों को आज आधी रात से फ्रीज कर दिया जाएगा।
कौन-कौन से राज्य शामिलदूसरे चरण में अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को शामिल किया गया है। इनमें से कुछ राज्यों — जैसे तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल — में वर्ष 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
पूरा टाइमलाइन — कब क्या होगामुख्य चुनाव आयुक्त ने विस्तृत कार्यक्रम जारी करते हुए बताया —28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025: मुद्रण और प्रशिक्षण कार्य4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025: घर-घर जाकर मतदाता गणना9 दिसंबर 2025: ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026: दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026: नोटिसों की सुनवाई और सत्यापन7 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
SIR का उद्देश्य क्या हैमुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि SIR (Special Intensive Revision) का मकसद सिर्फ मतदाता सूची को अपडेट करना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता को और मजबूत करना है।यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूटे नहीं, और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में बना न रहे,”— ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त
कैसे होती है SIR की प्रक्रियाSIR एक व्यापक और तकनीकी रूप से परिष्कृत प्रक्रिया है, जिसमें18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं को जोड़ा जाएगा,मृत या स्थानांतरित व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे,नाम, पता या पहचान संबंधी त्रुटियों को सुधारा जाएगा,और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) हर घर जाकर मतदाता की जानकारी सत्यापित करेंगे।इसके साथ ही राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी गई है।
वे BLO की सहायता से प्रत्येक मतदाता की उपस्थिति और पात्रता की पुष्टि करेंगे।
SIR का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्यआज़ादी के बाद से अब तक भारत में 8 बार SIR हो चुके हैं — सबसे हालिया 2002-04 के बीच। मौजूदा SIR इस शृंखला का नवां संस्करण है।चुनाव आयोग के अनुसार, यह कवायद लोकतंत्र की आधारशिला “मतदाता सूची की शुद्धता” को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।1951 से 2004 के बीच देश में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण ने कई सुधार लाए, परंतु अब डिजिटलीकरण और डेटा लिंकिंग के युग में SIR का स्वरूप और अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बना है।”— चुनाव आयोग का आधिकारिक बयान
लिंकिंग और मैचिंग पर विशेष जोरआयोग ने इस बार एक नई प्रणाली लागू की है — “लिंकिंग और मैचिंग”।इसके तहत 2004 की मतदाता सूची को आधार मानकर नामों का मिलान किया जाएगा। यदि किसी परिवार का एक सदस्य उस सूची में दर्ज है, तो बाकी सदस्यों को उसी लिंक से जोड़ा जाएगा। इससे दोहरे पंजीकरण और फर्जी नामों की संभावना कम होगी।
असम और पश्चिम बंगाल पर क्या कहाप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दो राज्यों को लेकर सबसे अधिक सवाल उठे — असम और पश्चिम बंगाल।असम को इस चरण में शामिल न करने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि वहाँ नागरिकता सत्यापन का कार्य सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहा है।असम के लिए अलग दिशा-निर्देश जारी होंगे, क्योंकि वहाँ नागरिकता से जुड़े प्रावधान विशिष्ट हैं।”
पश्चिम बंगाल में TMC की ओर से “ब्लडबाथ” जैसी धमकी दिए जाने पर CEC ने दृढ़ स्वर में कहा —चुनाव आयोग अपना कार्य संवैधानिक मर्यादा के तहत करता रहेगा। राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि कानून व्यवस्था बनाए रखे।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि और हलचलघोषणा से ठीक पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने 200 से अधिक वरिष्ठ अफसरों का तबादला कर दिया — जिनमें से कई आगामी SIR में नोडल भूमिका निभाने वाले थे। इस पर विपक्षी दल भाजपा ने आरोप लगाया कि यह कदम “प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास” है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे “नियमित प्रशासनिक फेरबदल” बताया।
SIR क्यों जरूरी हैचुनाव आयोग के अनुसार,लगातार पलायन और शहरीकरण से एक व्यक्ति के कई स्थानों पर नाम दर्ज हो जाते हैं,कई बार मृत व्यक्तियों के नाम सूची में बने रहते हैं,और घुसपैठ या फर्जी वोटिंग की शिकायतें मिलती रहती हैं।इन सबको ठीक करने और हर पात्र मतदाता को जोड़ने के लिए SIR आवश्यक है।
निष्कर्ष
SIR का दूसरा चरण केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक तंत्र की आत्मा को स्वच्छ रखने का प्रयास है।यदि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और दक्षता के साथ पूरी हुई, तो यह मतदाता सूची की शुचिता को नए मानक पर ले जाएगी —जहाँ हर नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में होगा, लेकिन कोई भी नाम दोहराया नहीं जाएगा।
