नवरात्र में महापाप: मुजफ्फरपुर में मेला से लौट रही 12 साल की नाबालिग से गैंगरेप, 4 आरोपी फरार, छात्रा SKMCH में भर्ती

बी के झा

NSK

मुजफ्फरपुर, बिहार / नई दिल्ली, 4 अक्टूबर

नवरात्रि के अवसर पर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक भयावह और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। करजा थाना क्षेत्र के एक गांव में मेला देखने गई 12 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता, जो छठी कक्षा की छात्रा है, मेला देखकर लौट रही थी, तभी दो बाइक पर सवार चार युवकों ने उसे रास्ते से उठाकर पास के जंगल की ओर ले गए और झाड़ी में बारी-बारी से दुष्कर्म किया।घटना का क्रम:घटना गुरुवार शाम की बताई जा रही है। छात्रा अपनी सहेलियों के साथ मेला देखने गई थी। लौटते समय रास्ते में चार युवकों ने उसे जबरन अपने कब्जे में ले लिया। युवकों ने उसे झाड़ी में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची बेहोश हो गई। सहेलियों ने भागकर अपने घर जाकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन और गांव के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन आरोपी पहले ही फरार हो चुके थे।पुलिस कार्रवाई और कानूनी पहल:सूचना मिलने के बाद करजा थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और छानबीन शुरू की। बच्ची को फौरन करजा पीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर रेफर किया। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।ग्रामीण एसपी राजेश सिंह ने बताया कि बच्ची के बयान के आधार पर FIR दर्ज कराई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्ची के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए महिला पुलिस अधिकारी को तैनात किया गया है। पीड़िता की हालत अभी नाजुक बताई जा रही है और डॉक्टरों द्वारा उसका इलाज चल रहा है।स्थानीय और राजनीतिक प्रतिक्रिया:घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बन गया। ग्रामीण और नागरिक समाज ने घटना की निंदा की।RJD प्रवक्ता कंचना यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए सरकार बेटियों और बहनों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देती। प्रधानमंत्री मोदी को अपने राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सिर्फ एक ही विषय हर चुनाव में रहते आया है हिन्दू मुसलमान, श्मशान और कब्रिस्तान उससे आगे उनके पास कोई और जुमला है ही नहीं उन्होंने चेताया कि अगर ऐसी घटनाओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी विधानसभा चुनाव में इसका प्रभाव पड़ सकता है।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस को ऐसे मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समाज की मासूम बेटियों के साथ इसी तरह की दरिंदगी होती रही, तो सरकार और पुलिस दोनों की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठ सकता है।पीड़िता का इलाज और सुरक्षा प्रबंध:पीड़िता को SKMCH में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अभी गंभीर है। मानसिक काउंसलिंग और सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं।विशेष टिप्पणी:घटना ने समाज और प्रशासन दोनों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग, नागरिक संगठन और राजनीतिक दलों ने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सभी आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे और कड़ी कार्रवाई होगी।

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