बी के झा
NSK

पटना / नई दिल्ली, 5 अक्टूबर
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कई बड़े ऐलान किए हैं, जिससे मतदान प्रक्रिया और भी आधुनिक, पारदर्शी और मतदाताओं के अनुकूल हो जाएगी।सबसे अहम बदलाव यह है कि अब वोटर मतदान केंद्र पर अपना मोबाइल फोन ले जा सकेंगे, हालांकि उन्हें मतदान कक्ष (Voting Room) में प्रवेश से पहले मोबाइल बाहर जमा कराना होगा।ज्ञानेश कुमार ने कहा,अब कोई भी अपना मोबाइल छोड़ना नहीं चाहता। लाइन में खड़े मतदाता मोबाइल की जरूरत महसूस करते हैं, इसलिए हमने यह व्यवस्था की है कि वे मतदान केंद्र तक मोबाइल ले जा सकेंगे, लेकिन वोट डालने से पहले बाहर जमा कर देंगे।”मतदान केंद्र पर मोबाइल रखने की होगी व्यवस्थाCEC ने बताया कि हर बूथ पर मोबाइल जमा कराने और सुरक्षित रखने की सुविधा होगी। मतदाता मतदान कक्ष के बाहर बने काउंटर पर मोबाइल जमा करेंगे, वोट डालने के बाद उसे वापस ले सकेंगे।यह सुविधा बिहार के सभी 90,000 मतदान केंद्रों पर लागू की जाएगी।यह कदम पिछले वर्ष कुछ राज्यों में प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया था, और सफल साबित होने के बाद अब बिहार में इसे पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है।100 मीटर तक प्रत्याशी खोल सकेंगे अपना सहायता केंद्रनिर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों को बड़ी राहत देते हुए यह भी घोषणा की है कि अब वे मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी तक अपना सहायता केंद्र (Help Desk) खोल सकेंगे।पहले यह सीमा अधिक दूर रखी जाती थी, जिससे प्रत्याशियों को मतदाताओं से संपर्क में कठिनाई होती थी।अब यह सुविधा उन्हें वोटिंग प्रक्रिया के दौरान अपने समर्थकों को दिशा-निर्देश देने में मदद करेगी।हर बूथ पर होगी 100% वेबकास्टिंगबिहार चुनाव में इस बार हर मतदान केंद्र पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जा रही है।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी।इसके अलावा, किसी भी मतदान केंद्र पर अब 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। पहले यह संख्या 1500 तक थी। इससे बूथ पर भीड़ घटेगी और मतदान प्रक्रिया अधिक सहज बनेगी।17 नवाचारों से बदलेगा मतदान अनुभवज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस बार बिहार चुनाव में कुल 17 नए नवाचार (Innovations) किए जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख हैं:ईवीएम पर प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीरें — ताकि पहचान में आसानी हो।बोल्ड फॉन्ट में प्रत्याशियों की क्रम संख्या — बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा के लिए।मतदाता पर्ची पर बूथ का नाम और पता बोल्ड अक्षरों में।बीएलओ (Booth Level Officer) को भी आई-कार्ड प्रदान किया जाएगा।15 दिनों में वोटर आईडी कार्ड वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।बीएलओ और पुलिस अधिकारियों को दिल्ली में विशेष प्रशिक्षण।इन सब उपायों का उद्देश्य यह है कि मतदान प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और मतदाता-केंद्रित बने।मतदान को उत्सव की तरह मनाने की अपीलसीईसी ज्ञानेश कुमार ने बिहार के मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव को लोकतंत्र के महापर्व के रूप में मनाएं, ठीक वैसे ही जैसे वे छठ या अन्य त्योहार मनाते हैं।उन्होंने कहा —लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब हर नागरिक अपने मताधिकार का उपयोग करेगा। हर वोट लोकतंत्र की ताकत है।”उन्होंने बिहार के मतदाताओं को मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और चुनाव आयोग के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।मुख्य बिंदु (Highlights):वोटर अब मोबाइल लेकर जा सकेंगे बूथ तक, पर मतदान कक्ष के अंदर नहीं।प्रत्याशी 100 मीटर की दूरी पर सहायता केंद्र खोल सकेंगे।हर बूथ पर 100% वेबकास्टिंग की व्यवस्था।1200 से अधिक मतदाता एक बूथ पर नहीं होंगे।ईवीएम पर प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीरें और बोल्ड फॉन्ट में क्रम संख्या।15 दिनों में वोटर कार्ड वितरण सुनिश्चित।चुनाव को लोकतंत्र का त्योहार बनाकर मनाने की अपील।
