बिहार चुनाव 2025: “किसके बाप के घर से पैसा लाओगे?” — मीसा भारती का एनडीए पर तंज, तो तेज प्रताप बोले “नाचने वाला नौकरी देगा क्या?”

बी के झा

पटना , 31 अक्टूबर

बिहार चुनाव 2025 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, सियासी पारा आसमान छूने लगा है। जुबानी जंग का दौर अब बेहद तीखा और दिलचस्प हो चुका है। एक तरफ एनडीए अपने “एक करोड़ नौकरियों” के वादे पर जनता को साधने में जुटा है, तो दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं के तंज़ इस वादे को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।

मीसा भारती का हमला: “किसके बाप के घर से लाओगे पैसा?”राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने एनडीए के संकल्प पत्र पर करारा हमला बोला।

उन्होंने कहा —एनडीए कहां से एक करोड़ नौकरी देगा? पैसा कहां से आएगा? किसके बाप के घर से लाओगे?”मीसा ने कहा कि राजद सरकार ने जब नौकरी देने का वादा किया था, तो उसे पूरा करके दिखाया।तेजस्वी ने कहा था कि 10 लाख सरकारी नौकरियां देंगे — और हमने दीं भी।

हमने तो बाप के घर से पैसा लाकर नहीं, बल्कि जनता के भरोसे से काम किया।

उन्होंने नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा —20 साल से मुख्यमंत्री हैं, लेकिन युवाओं के लिए कुछ नहीं किया। हमने पहली बार गांधी मैदान से मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र दिलवाया — वो तस्वीरें आज भी सबके पास हैं।

“तेल-पानी नहीं, मड्ढा पसंद है बिहारियों को”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया “तेल-पानी” वाले बयान पर भी मीसा भारती ने चुटकी ली।यहां के लोगों को तेल-पानी नहीं, मड्ढा पसंद है — दही में घुला चीनी और नमक उनकी असली पहचान है। भाजपा-जेडीयू को तेल-पानी पसंद है, बिहारियों को नहीं।उन्होंने मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब जनता पूछ रही है —ये जंगलराज है या मंगलराज?”

तेज प्रताप यादव का व्यंग्य: “खेसारीलाल कौन सी नौकरी देगा — नाचने वाला नौकरी देगा क्या?”राजद नेता और जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव ने भी अपने बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने एनडीए के घोषणापत्र पर कहा —चुनाव का मौसम है, सब वादा करेंगे।

अब देखना है कि होता क्या है।लेकिन जब उनसे राजद उम्मीदवार और स्टार प्रचारक खेसारीलाल यादव के बयान पर सवाल पूछा गया —

जिसमें खेसारी ने “दो करोड़ नौकरियां देने” की बात कही थी — तो तेज प्रताप ने व्यंग्य से जवाब दिया:खेसारीलाल कौन सी नौकरी देगा? नाचने वाला नौकरी देगा क्या?

उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और राजद खेमे में भी हलचल मच गई।

राहुल गांधी और छठ पर भी तंजतेज प्रताप यहीं नहीं रुके। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छठ पर्व पर दिए बयान को लेकर भी उन्होंने चुटकी ली।राहुल गांधी छठ किए हैं क्या? जो आदमी हर वक्त विदेश भाग जाता है, उसे छठ मईया के पर्व का क्या ज्ञान होगा?”

राहुल गांधी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी पर ‘छठ पूजा के मंचन’ का आरोप लगाया था —

जिस पर तेज प्रताप ने यह प्रतिक्रिया दी।

मुकेश सहनी पर गुस्से में बोले तेज प्रतापवीआईपी पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि “तेज प्रताप यादव कौन हैं, हम नहीं जानते,” तेज प्रताप आगबबूला हो गए।

पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने पलटवार किया —किसका नाम लिया आपने? मुकेश सहनी? मैं इस नाम के व्यक्ति को नहीं जानता।”

शिक्षाविद का तंज: “पहले अपने घर संभालो, फिर बिहार संभालना”इस बीच, एक स्थानीय शिक्षाविद ने तेज प्रताप और मीसा भारती दोनों के बयानों पर तंज कसा। उन्होंने कहा —तेजस्वी और मीसा भारती के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। अगर लालू यादव अपने परिवार को नहीं संभाल पा रहे हैं, तो पूरे बिहार को कैसे संभालेंगे? और कहां से लाएंगे इतनी सरकारी नौकरियां?”

विश्लेषण:

चुनावी बयानबाजी या सियासी रणनीति?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार चुनाव 2025 में रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है।

एनडीए “एक करोड़ नौकरियों” के वादे से युवाओं को आकर्षित करना चाहता है, वहीं आरजेडी अपने पिछले कार्यकाल की नियुक्तियों को गिनाकर भरोसा दिलाने में जुटी है।लेकिन बयानबाजी का यह स्तर बताता है कि अब बिहार की राजनीति केवल वादों पर नहीं, व्यंग्य और शब्दों के खेल पर भी टिकी है।

NSK

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