बिहार चुनाव 2025: दूसरे चरण का प्रचार थमा — अब मैदान जनता के हवाले; 20 जिलों की 122 सीटों पर कल मतदान

बी के झा

NSK

पटना, 9 नवंबर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के लिए चुनावी शोर रविवार शाम 6 बजे थम गया। धमाकेदार रैलियों, आरोप-प्रत्यारोप की बारिश और नेताओं की ताबड़तोड़ सभाओं के बाद अब चुनावी रणभूमि पूरी तरह मतदाताओं के हाथ में है।सोमवार, 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होगा, जो राज्य की सत्ता की दिशा तय करेगा।3.70 करोड़ से अधिक वोटर कल लिखेंगे सत्ता का फैसलादूसरे चरण में मतदान का दायरा विशाल है—

कुल वोटर: 3,70,13,556

कुल सीटें: 122•

101 सामान्य

19 SC• 2 ST हर बूथ पर औसतन 815 मतदाता दर्ज हैं, जिससे शांतिपूर्ण मतदान की संभावना मजबूत मानी जा रही है।पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर वोटरों का संतुलित अनुपात इस चरण को electoral battleground बना रहा है—

पुरुष: 1,95,44,041महिला: 1,74,68,572थर्ड जेंडर: 943युवा—चुनाव का निर्णायक चेहरायुवाओं की भूमिका इस चरण में निर्णायक कही जा रही है—18–29 वर्ष: 84.84 लाख30–40 वर्ष: 1.04 करोड़फर्स्ट टाइम वोटर: 7,69,356 — ये किसी भी सीट पर समीकरण बिगाड़ सकते हैं।इसके अलावा—एनआरआई वोटर: 43100+ आयु वर्ग: 6,25580+ आयु वर्ग: 4,87,219

दिव्यांग वोटर: 4,04,615सेवा मतदाता: 63,373ये सभी लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बनकर मतदान में हिस्सा लेंगे।

प्रचार का तूफानी फाइनल—मोदी, नीतीश, तेजस्वी, चिराग ने झोंका दमप्रचार के आखिरी दिन बिहार का राजनीतिक आकाश नेताओं के हेलीकॉप्टरों से भरा दिखा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महागठबंधन उम्मीदवार तेजस्वी यादव, और लोजपा (रामविलास) नेता चिराग पासवान—सभी ने अपने-अपने मोर्चे पर जमकर पसीना बहाया।

मोदी की रैलियों में भीड़ उमड़ी,नीतीश ने विकास कार्यों के “रिपोर्ट कार्ड” पेश किए,तेजस्वी ने रोजगार को चुनाव का सबसे बड़ा सवाल बना दिया,जबकि चिराग ने एनडीए के भीतर अपनी राजनीतिक पकड़ दिखाने की कोशिश की।

आखिरी दिन आरोप-प्रत्यारोप का सबसे तीखा दौर भी देखने को मिला—इसी झोंक में कई बयान विवादों का कारण बने, कई नारे नए ट्रेंड में आ गए।किस सीट पर कितनी टक्कर?दूसरे चरण में मैदान का तापमान हर सीट पर अलग है—सबसे भीड़ वाली सीटें (22–22 उम्मीदवार)चैनपुर (कैमूर)सासाराम (रोहतास)गया शहरयहां बहुकोणीय मुकाबला वोटरों की गणित को मुश्किल बना रहा है।सबसे कम उम्मीदवार वाली सीटें (5–5 प्रत्याशी)

लौरियाचन पटिया रक्सौल सुगौली त्रिवेणीगंज बनमनखीइन जगहों पर सीधी भिड़ंत की संभावना अधिक है।

45 हजार से अधिक बूथ—वेबकास्टिंग से चुनाव पर निगरानीमतदान के लिए राज्य में 45,399 बूथ तैयार किए गए हैं—595 महिला संचालित बूथ

91 दिव्यांग जन-चालित बूथ 316 मॉडल बूथसभी बूथ वेबकास्टिंग की निगरानी में रहेंगे, जिससे चुनाव आयोग का संदेश साफ है—

“निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं।

अब अंतिम फैसला जनता के हाथ दूसरे चरण का प्रचार भले ही थम गया हो, लेकिन राजनीतिक पारा अभी भी चरम पर है।11 नवंबर को होने वाला मतदान कई दिग्गज नेताओं की किस्मत का फैसला करेगा और चुनावी दिशा काफी हद तक तय कर देगा।

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