बिहार चुनाव 2025: मोतिहारी में बाहुबली पति के खिलाफ मेयर पत्नी ने ठोकी ताल, एक ही सीट से दाखिल किया नामांकन — बना सियासी हॉटस्पॉट

बी के झा

NSK

मोतिहारी ( बिहार ) / नई दिल्ली, 22 अक्टूबर

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार रिश्तों की राजनीति का नया दिलचस्प मोड़ सामने आया है।

पूर्वी चंपारण जिले की मोतिहारी विधानसभा सीट पर पति-पत्नी के आमने-सामने आने से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। एक ओर हैं आरजेडी उम्मीदवार देवा गुप्ता, जिनकी छवि इलाके में एक बाहुबली नेता के रूप में जानी जाती है, वहीं दूसरी ओर उनकी पत्नी और मोतिहारी नगर निगम की मेयर प्रीति कुमारी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

पति आरजेडी के उम्मीदवार, पत्नी निर्दलीय मैदान में मोतिहारी विधानसभा सीट पर आरजेडी में टिकट को लेकर तीन दावेदारों के बीच रस्साकशी चल रही थी, मगर आखिरकार पार्टी नेतृत्व ने देवा गुप्ता पर भरोसा जताया।

देवा गुप्ता को टिकट मिलते ही क्षेत्र की राजनीति गर्मा गई — और इसी बीच उनकी पत्नी मेयर प्रीति कुमारी भी समाहरणालय पहुंचीं और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया।

हालांकि, उन्होंने साफ कहा —हम अपने पति के विरोध में चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। विरोधी कोई भी चाल चल सकते हैं, इसलिए हमने एहतियातन नामांकन किया है। हम पति का ही समर्थन करेंगी।उनका यह बयान चुनावी रणनीति जितना नहीं, उतना ही राजनीतिक संतुलन का प्रदर्शन भी माना जा रहा है।

नामांकन के दौरान तनाव, पुलिस की चहल-पहल बढ़ी

देवा गुप्ता के नामांकन के वक्त समाहरणालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए। बताया जाता है कि उन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उन्हें नामांकन के दौरान गिरफ्तारी की आशंका थी।

सूत्रों के मुताबिक, वह दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ समाहरणालय पहुंचे और नामांकन के बाद बैक डोर रास्ते से बाइक पर सवार होकर निकल गए।

मोतिहारी के छतौनी, नगर थाना और मुफस्सिल थाना इलाकों में पुलिस की गतिविधि बढ़ने से हलचल मच गई। इसी बीच पुलिस ने देवा गुप्ता के आवास पर छापेमारी की, जहां से उनके करीबी सुबोध यादव को गिरफ्तार किया गया।

एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि सुबोध यादव के खिलाफ दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस को उनकी लंबे समय से तलाश थी। हालांकि, छापेमारी के दौरान देवा गुप्ता और उनकी पत्नी प्रीति कुमारी घर पर नहीं मिले।

प्रीति बोलीं – “विरोधी हर बार साजिश रचते हैं”मोतिहारी नगर निगम की मेयर प्रीति कुमारी ने मीडिया से बातचीत में कहा,जब से मैंने मेयर पद की जिम्मेदारी संभाली है, विरोधियों ने लगातार हमारे खिलाफ साजिशें रची हैं। अब जनता सब समझ चुकी है। जनता ही जवाब देगी।

प्रीति कुमारी ने कहा कि उनका नामांकन विरोध नहीं, बल्कि “संभावित षड्यंत्रों से राजनीतिक सुरक्षा कवच” है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि पति-पत्नी के इस “दोहरा नामांकन” से विपक्षी खेमे में भ्रम की स्थिति बन गई है।

बाहुबली छवि और अपराध मामलों से घिरे देवा गुप्ता

मोतिहारी के चर्चित चेहरे देवा गुप्ता की पहचान एक प्रभावशाली लेकिन विवादित नेता की रही है।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, उनके खिलाफ दर्जन भर से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, हालांकि वे खुद को “जनता का प्रतिनिधि और गरीबों की आवाज़” बताते हैं।

उनके समर्थक मानते हैं कि “देवा की सख़्त छवि” ही उनकी ताकत है, जबकि विरोधी उन्हें “कानून से ऊपर मानने वाले नेता” बताते हैं।

पूर्वी चंपारण की 12 सीटों पर 11 नवंबर को वोटिंग पूर्वी चंपारण जिले की कुल 12 विधानसभा सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा। जिले में अब तक 142 नामांकन दाखिल हुए हैं।

लेकिन इन सबमें सबसे चर्चित सीट बन चुकी है — मोतिहारी, जहां अब हर मतदाता की ज़ुबान पर यही सवाल है:क्या बाहुबली पति और मेयर पत्नी एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में होंगे, या यह सियासी चाल किसी और रणनीति का हिस्सा है?

निष्कर्ष

मोतिहारी का यह चुनावी एपिसोड सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि रिश्तों की जटिलता और सत्ता की समीकरणों का प्रतीक बन गया है।एक ओर है आरजेडी की साख और संगठन, दूसरी ओर पति-पत्नी की साझा लेकिन जटिल चुनावी मौजूदगी।

अब जनता के फैसले का इंतज़ार है — कि वो किसे चुनेगी: दल को, दिल को या दम को?

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