्बी.के. झा
NSK

, पटना / न ई दिल्ली, 30 अक्टूबर
बिहार का सियासी पारा अब उबाल पर है। विधानसभा चुनाव के बीच आज का दिन बेहद अहम साबित होने वाला है, क्योंकि एक तरफ एनडीए अपना साझा घोषणा पत्र पेश करने जा रहा है, तो दूसरी ओर महागठबंधन भी मैदान में पूरी ताक़त से उतर चुका है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पटना में एनडीए का साझा संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) जारी करेंगे। पूरे बिहार की निगाहें इस पर टिकी हैं कि शाह इस बार बिहार के विकास, रोजगार, किसान, शिक्षा और उद्योग के मोर्चे पर क्या ठोस वादे करते हैं
— या यह भी एक बार फिर ‘चुनावी जुमलों’ की झड़ी बनकर रह जाएगा।
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार में दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरेंगे। पीएम मोदी की दो बड़ी जनसभाएं मुजफ्फरपुर और छपरा में निर्धारित हैं।
उम्मीद है कि इन सभाओं में वे केंद्र सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ बिहार में एनडीए सरकार की योजनाओं को जनता के सामने रखेंगे। मोदी का फोकस इस बार युवाओं, किसानों और गरीबों पर रहने की संभावना है।
वहीं दूसरी तरफ, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जोड़ी भी महागठबंधन की तरफ़ से पलटवार के मूड में है। राहुल आज नालंदा और शेखपुरा में रैलियां करेंगे। तेजस्वी यादव के साथ मंच साझा करते हुए राहुल गांधी रोजगार, भ्रष्टाचार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर एनडीए पर सीधा निशाना साध सकते हैं।
बिहार की राजनीति में इस वक्त माहौल पूरी तरह गरम है — एक ओर सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियां गिना रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष बेरोज़गारी, पलायन और महंगाई के मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज के दिन की हलचलें बिहार चुनाव का रुख़ तय करने में निर्णायक साबित हो सकती हैं।अब देखना दिलचस्प होगा कि गृह मंत्री अमित शाह का घोषणा पत्र बिहारियों के दिलों में उम्मीद जगाएगा या फिर पहले की तरह यह भी ‘वादों की राजनीति’ की एक और कड़ी ( चुनावी जुमला) बनकर रह जाएगा।
