बिहार में पहले चरण की वोटिंग से पहले नेताओं की बड़ी अपीलें: लोकतंत्र के पर्व पर जनभागीदारी बढ़ाने का संदेश

बी के झा

पटना/बिहार, 6 नवंबर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की 121 सीटों पर मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे शुरू हो गया। मतदान से पहले बिहार की राजनीति के शीर्ष चेहरे—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की जनता से मतदान के लिए अलग-अलग अंदाज़ में अपील की।लाखों मतदाताओं तक पहुँचे इन संदेशों ने चुनावी माहौल को और भी गरमा दिया है।

PM मोदी की अपील: “पहले मतदान, फिर जलपान!”देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरल, सकारात्मक और प्रेरणादायक शैली में बिहार के मतदाताओं को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा—“बिहार में आज लोकतंत्र के उत्सव का पहला चरण है। सभी मतदाताओं से आग्रह है कि पूरे उत्साह से मतदान करें। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को विशेष बधाई। याद रखना है—पहले मतदान, फिर जलपान!”पीएम मोदी का संदेश युवाओं को सीधे तौर पर जोड़ने वाला था। उन्होंने ‘उत्सव’ शब्द का इस्तेमाल कर चुनावी भागीदारी को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश की।

सीएम नीतीश कुमार की अपील: “मतदान अधिकार ही नहीं, दायित्व भी”मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मतदाताओं को ज़िम्मेदारी की याद दिलाते हुए कहा—“लोकतंत्र में मतदान हमारा अधिकार ही नहीं, दायित्व भी है। आज पहले चरण में सभी मतदाताओं से आग्रह है कि मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें और दूसरों को भी प्रेरित करें। पहले मतदान, फिर जलपान।”नीतीश का संदेश शांत, सुव्यवस्थित और परंपरागत शैली में था, जिसमें सामाजिक जागरूकता और व्यवस्था पर जोर था।

राहुल गांधी का तीखा वार: “बिहार के भविष्य को बचाने का दिन”कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सबसे लंबा और सबसे भावुक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने मतदाताओं—खासकर युवाओं और Gen-Z—को संबोधित किया। उन्होंने कहा—“कल का दिन सिर्फ मतदान का दिन नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की दिशा तय करने का दिन है। आपके वोट पर, आपके भविष्य पर नजरें गड़ी हुई हैं। बूथ पर हो रही हर साजिश पर सतर्क रहिए — जागरूक जनता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।”राहुल ने हरियाणा, महाराष्ट्र, MP और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया और महागठबंधन को वोट देने की अपील की। उनकी भाषा भावनात्मक, संघर्षपूर्ण और चुनावी हमले से भरी थी।

अमित शाह की अपील: “जंगलराज रोकिए, सुशासन को बनाए रखिए”केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा, स्थिरता और विकास को केंद्र में रखते हुए कहा—“बिहार के मतदाता विशेषकर युवा रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें। आपका वोट जंगलराज की वापसी रोकने और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। घुसपैठियों और नक्सलियों को संरक्षण देने वालों को सबक सिखाइए।”अमित शाह का संदेश तेज, आक्रामक और वैचारिक था, जिसमें सुरक्षा और राष्ट्रवाद प्रमुख थे।

तेजस्वी यादव का भावुक संदेश: “एक-एक वोट बदलेगा बिहार की नियति”तेजस्वी यादव ने बिहार के हर वर्ग—युवा, किसान, व्यापारी, महिला, बूढ़े, मरीज और प्रवासी—को संबोधित किया। उन्होंने कहा—“बिहार की आगे की नियति आपके एक बटन की ताकत तय करेगी। सभी से अपील है—हर हाल में मतदान जरूर करें। बिहार का हाल खुशहाल तभी होगा जब हर मतदाता अपने मत का प्रयोग करेगा। सबसे पहले मतदान, बाकी सब काम-काज बाद में।”तेजस्वी का संदेश जनता से भावनात्मक जुड़ाव और परिवर्तन की अपील पर आधारित था।

पहले चरण में 121 सीटों पर मुकाबला, 18 जिलों में वोटिंगमतदान इन जिलों में हो रहा है—मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर।दूसरा चरण: 11 नवंबरनतीजे: 14 नवंबर

चुनावी समीकरण और माहौल पहले चरण की वोटिंग से पहले नेताओं के संदेशों ने साफ संकेत दिया। BJP-NDA विकास, सुशासन और सुरक्षा का नैरेटिव मजबूत करने में जुटी है महागठबंधन युवाओं, रोजगार और “वोट चोरी” के मुद्दों पर लोगों को एकजुट करना चाहता हैमतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सभी नेताओं ने अलग-अलग अंदाज़ में भावनात्मक अपील की बिहार चुनाव का मूड आज इन अपीलों के बीच ही सेट होता दिखाई दे रहा है।

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