बिहार में रोजगार का ‘मेगा ड्राइव’: जनवरी 2026 में आएगा सालभर का भर्ती कैलेंडर, 1 करोड़ नौकरियों का मिशन शुरू

बी के झा

NSK

पटना, 27 नवंबर

बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोजगार मोर्चे पर अब तक की सबसे बड़ी पहल शुरू कर दी है। विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान किए गए वादे—“एक करोड़ नौकरी व रोजगार”—को गति देने के लिए सरकार ने सभी विभागों, आयोगों और जिलों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जनवरी 2026 में पहली बार पूरे वर्ष का ‘भर्ती कैलेंडर’ प्रकाशित किया जाएगा, जिसमें हर परीक्षा की विज्ञापन तिथि से लेकर रिज़ल्ट डेट तक का स्पष्ट उल्लेख होगा।सरकार का साफ निर्देश है कि किसी भी नियुक्ति में विज्ञापन से अंतिम परिणाम तक अधिकतम एक साल से अधिक का समय नहीं लगना चाहिए।रिक्तियों की पहचान 31 दिसंबर 2025 तक अनिवार्यमुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी प्रशासी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस मुख्यालयों व जिलाधिकारियों को कहा गया है कि वे 31 दिसंबर 2025 तक अपनी-अपनी रिक्तियों का विवरण सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को अनिवार्य रूप से सौंप दें।इसके बाद GAD इन अधियाचनाओं की तुरंत जांच कर नियुक्ति आयोगों को भेजेगा, ताकि 2026 की शुरुआत में सभी भर्तियों पर कार्रवाई शुरू हो सके।

साल 2026: कैलेंडर आधारित भर्ती का नया मॉडलराज्य के सभी नियुक्ति आयोग — BPSC, BPSSC, तकनीकी सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग—को जनवरी 2026 में एकीकृत भर्ती कैलेंडर जारी करना अनिवार्य होगा।इस कैलेंडर में शामिल होगा:विज्ञापन जारी होने की तिथिआवेदन की अंतिम तिथि संभावित परीक्षा अवधिअंतिम उत्तर कुंजी व रिज़ल्ट की तय समय सीमा सभी चरणों के लिए अधिकतम 1 वर्ष का टाइम फ्रेमसरकार का मानना है कि यह मॉडल भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता व देरी को खत्म करेगा।

परीक्षाओं में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकतामुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि सभी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती के साथ कराई जाएँ।इसके लिए:ऑनलाइन CBT परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगीनकल व अनुचित साधनों पर तुरंत कार्रवाई का आदेशअनियमितता पाए जाने पर दोषियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सजा दिलाने का निर्देश सरकार स्पष्ट रूप से यह संदेश देना चाहती है कि बिहार में किसी भी भर्ती प्रक्रिया को अब भ्रष्टाचार या देरी से बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

50 लाख से 1 करोड़ युवाओं तक—सरकार का बड़ा लक्ष्य सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020–2025 के बीच बिहार सरकार ने 50 लाख युवाओं को नौकरी व रोजगार उपलब्ध कराने का दावा किया है।अब 2025–2030 के लिए लक्ष्य एक करोड़ नौकरी व रोजगार का रखा गया है—जो बिहार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा रोज़गार अभियान है।

युवाओं के आत्मनिर्भर भविष्य पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि बिहार का युवा:दक्ष बनेरोजगार पाएआर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होव अपने भविष्य को सुरक्षित महसूस करेसरकार का दावा है कि यह मिशन इस दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।

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