बी के झा
NSK

पटना / सारण / नई दिल्ली, 18 अक्टूबर
शनिवार।बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को बड़ा झटका लगा है। गठबंधन मढ़ौरा सीट पर ‘हिट विकेट’ आउट हो गया है।मढ़ौरा विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की उम्मीदवार और भोजपुरी अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया है।
शनिवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान यह फैसला लिया गया, जिससे चुनावी समीकरणों में अचानक हलचल मच गई। अब चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (आरवी) इस सीट पर बिना प्रत्याशी के रह गई है।
स्क्रूटनी में फेल हुआ पर्चा मढ़ौरा सीट पर शनिवार को पहले चरण के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की गई। इसी दौरान सीमा सिंह सहित चार उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दिए गए।इनमें बसपा के आदित्य कुमार, जदयू से बागी निर्दलीय अल्ताफ आलम उर्फ राजू, और निर्दलीय विशाल कुमार के नाम शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, सीमा सिंह के नामांकन पत्र में तकनीकी खामी या दस्तावेजी त्रुटि पाई गई, जिसके चलते रिटर्निंग ऑफिसर ने पर्चा खारिज कर दिया।अब इस सीट पर 6 नवंबर को मतदान होना है, लेकिन लोजपा (रामविलास) की तरफ से नया उम्मीदवार नहीं उतारा जा सकेगा, क्योंकि नामांकन की अंतिम तारीख बीत चुकी है।
‘फिल्मों की क्वीन’, राजनीति में हार गई बाज़ी प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली सीमा सिंह भोजपुरी सिनेमा की प्रसिद्ध डांसिंग क्वीन मानी जाती हैं।उन्होंने “निरहुआ रिक्शावाला” जैसी चर्चित फिल्मों में काम किया और अपने नृत्य प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीता।
नामांकन के बाद सीमा सिंह ने कहा था —मैंने 11 साल फिल्मों में राज किया, अब मढ़ौरा के लोगों के दिलों में जगह बनाना चाहती हूँ।बिहार के विकास में अपनी भूमिका निभाना मेरा सपना है।लेकिन राजनीति का यह पहला अनुभव उनके लिए झटका साबित हुआ।नामांकन रद्द होने के बाद उनके समर्थकों में निराशा छा गई है।
विपक्ष का तंज — “मोदी के हनुमान का पहला विकेट गिरा”महागठबंधन की ओर से इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज़ रही।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा —प्रधानमंत्री मोदी के ‘हनुमान’ की पार्टी का पहला विकेट छपरा में ही गिर गया।अब शायद इसका दोष भी किसी स्थानीय अधिकारी पर मढ़ दिया जाएगा।”
वहीं राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया बेहद जटिल होती है औरइस तरह की तकनीकी गलतियाँ कई बार अनुभवी नेताओं से भी हो जाया करती हैं।”
मढ़ौरा सीट का समीकरण सारण जिले की मढ़ौरा विधानसभा सीट इस बार चर्चाओं में रही।एनडीए में सीट लोजपा (रामविलास) के खाते में आई थी, जबकि जदयू और भाजपा ने इसे छोड़ दिया था।अब सीमा सिंह के बाहर होने से एनडीए को इस सीट पर सीधा नुकसान हुआ है, जबकि महागठबंधन खेमे में उत्साह है।
जांच के आदेश, पार्टी में हलचल चुनाव आयोग की ओर से फिलहाल नामांकन रद्द करने के कारणों की आधिकारिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
वहीं, लोजपा (आरवी) के सूत्रों के मुताबिक पार्टी कानूनी राय लेकर चुनाव आयोग से अपील करने की संभावना पर विचार कर रही है। हालांकि, नामांकन की अंतिम तिथि बीत जाने के कारण अब दोबारा प्रत्याशी उतारना लगभग असंभव माना जा रहा है।
निष्कर्ष
मढ़ौरा की यह घटना न केवल एनडीए के लिए चुनावी झटका है, बल्कि यह याद दिलाती है कि राजनीति में सिर्फ ग्लैमर नहीं, बारीकी भी ज़रूरी होती है।
जहाँ सीमा सिंह का सितारा परदे पर चमकता रहा, वहीं नामांकन की गलती ने उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत से पहले ही ‘कट’ बोल दिया।
