बी के झा
NSK

’ बैकुंठपुर (गोपालगंज)/ नई दिल्ली, 24 अक्टूबर
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के बरहिमा में भाजपा प्रत्याशी मिथिलेश तिवारी के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। अपने चिर-परिचित अंदाज में जोश और व्यंग्य से लबरेज भाषण देते हुए उन्होंने महागठबंधन और आरजेडी पर तीखे प्रहार किए।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा —महागठबंधन भस्मासुर की तरह है। अगर इन्हें वरदान मिल गया, तो यह बिहार की जनता को ही भस्म कर देंगे। बिहार को जलाकर राख कर देंगे।सभा में मौजूद लोगों की तालियों के बीच शिवराज सिंह बोले —आरजेडी और महागठबंधन आज भी नहीं बदले हैं। शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट देकर इन्होंने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखा दिया है। इन लोगों ने बिहार में माफिया राज, अपराध और आतंक का साम्राज्य खड़ा किया था। उस दौर में आम आदमी की जिंदगी नरक बन गई थी।”
‘इंडिया गठबंधन’ को बताया भस्मासुर, कहा — ‘जनता को जलाकर भस्म कर देंगे’केंद्रीय मंत्री ने इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) की तुलना पौराणिक कथा के राक्षस ‘भस्मासुर’ से करते हुए कहा —ये लोग सत्ता में आते ही जनता के अधिकारों को भस्म कर देंगे। जिस प्रकार भस्मासुर वरदान पाकर विनाश पर उतर आया था, उसी तरह ये लोग भी सत्ता पाकर जनता को बर्बाद कर देंगे।
उन्होंने जनता से अपील की —बिहार के भाइयों-बहनों! आरजेडी और महाठगबंधन के चक्कर में मत आना, ये वोट के लालच में बिहार बेच देंगे।”
‘जंगलराज नहीं, मंगलराज चाहिए’ — रामराज की परिभाषा दीएनडीए की नीतियों का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह ने कहा —इंडिया गठबंधन जंगलराज चाहता है, जबकि एनडीए मंगलराज चाहता है।
रामराज का मतलब है —हमारे बच्चे IIT और IIM में पढ़ें,गांवों में अच्छे स्कूल बनें,हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे,हर घर में बिजली हो,हर जिले में AIIMS जैसे अस्पताल बनें।
उन्होंने कहा —रामराज का अर्थ है — विकास, समृद्धि और सुरक्षा। यही हमारा लक्ष्य है।”
आरजेडी का फुल फॉर्म बताया — ‘रंगबाज, जंगलराज, डकैती’अपने व्यंग्यात्मक अंदाज में शिवराज सिंह ने आरजेडी पर कटाक्ष करते हुए कहा —राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की बारात ऐसी है, जिनके आधे बाराती जेल में हैं और आधे बेल पर। आरजेडी का मतलब है — रंगबाज, जंगलराज, डकैती।”सभा में ठहाकों के बीच उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में भाजपा और एनडीए की लहर चल रही है, जनता परिवर्तन के मूड में है।
“एनडीए सत्ता के लिए नहीं, जनता की जिंदगी सुधारने के लिए राजनीति करता है”केंद्रीय मंत्री ने कहा —हमारी राजनीति सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए है। गरीब, किसान, माताएं-बहनें, बेटा-बेटी — इनकी जिंदगी बदलना ही एनडीए का उद्देश्य है।”उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए एकीकृत खेती मॉडल लागू कर रही है ताकि छोटी जोत वाले किसानों को खेती के साथ अन्य रोजगार के अवसर मिलें।उत्पादन बढ़ाना है, लागत घटानी है और फसलों का उचित मूल्य दिलाना है,” उन्होंने कहा।
प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र — “कोई गरीब कच्चे घर में नहीं रहेगा”शिवराज सिंह चौहान ने कहा —प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिहार को अब तक 10 लाख से अधिक पक्के मकान दिए गए हैं। हमारा संकल्प है — बिहार की धरती पर कोई गरीब कच्चे घर में नहीं रहेगा। इसके लिए राज्यभर में सर्वे कराया गया है ताकि कोई पात्र परिवार छूट न जाए।”
बैकुंठपुर की सियासत — पुराना मुकाबला, नया माहौल बैकुंठपुर विधानसभा में इस बार भी 2020 जैसी ही टक्कर है। पिछली बार आरजेडी के प्रेम शंकर प्रसाद ने भाजपा के मिथिलेश तिवारी को 11,113 वोटों से हराया था। इस बार दोनों दलों ने फिर से अपने पुराने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प होगा, क्योंकि चिराग पासवान इस बार इंडिया गठबंधन के साथ हैं, जबकि 2020 में वे अलग थे।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया — “भस्मासुर बयान से पहले अपने घर देखिए”स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने शिवराज सिंह चौहान के ‘भस्मासुर’ बयान पर तीखा कटाक्ष किया।एक
वरिष्ठ नागरिक ने कहा —प्रधानमंत्री मोदी से लेकर भाजपा के सभी नेता महागठबंधन के नेताओं पर उंगली उठाते हैं, लेकिन क्या उन्होंने कभी अपने दल के आरोपित नेताओं पर कोई कार्रवाई की?
”उन्होंने सवाल उठाया —आरजेडी के शहाबुद्दीन और उसके बेटे पर तो हमला बोलते हैं, पर क्या भाजपा के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जिन पर नरसंहार के आरोप हैं, उन पर भी बोलेंगे?
पार्टी अध्यक्ष जयसवाल पर धर्म विशेष की जमीन कब्जाने का आरोप है, दरभंगा में भाजपा के एमएलसी पर पत्रकार की जमीन हड़पने का आरोप है — इन पर क्यों चुप्पी?लोगों ने यह भी आरोप लगाया किभाजपा गठबंधन के नेता सिर्फ हिंदू-मुसलमान और लालू के जंगलराज की बात करते हैं, जबकि असली मुद्दे — बेरोजगारी, शिक्षा, पलायन और भ्रष्टाचार — पर मौन साध लेते हैं।”
जनता का मूड — ‘इस बार बदलाव का संकल्प’बैकुंठपुर से लेकर पूरे बिहार में मतदाताओं का रुझान बदलता दिख रहा है।
कई स्थानीय मतदाताओं का कहना है —हर चुनाव में वही पुराना राग — जंगलराज बनाम सुशासन। लेकिन अब जनता जान चुकी है कि विकास सिर्फ भाषणों में नहीं, जमीन पर चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिहार में इस बार की लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, विश्वसनीयता की परीक्षा है।14 नवंबर को जब मतपेटियां खुलेंगी, तब तय होगा कि बैकुंठपुर की जनता शिवराज सिंह चौहान के ‘भस्मासुर’ वाले तर्क से सहमत होती है या परिवर्तन की राह चुनती है।
