मां के प्रेमी ने मासूम की ली जान: 6 साल के बच्चे की हत्या के बाद हाफ एनकाउंटर में गिरा क़ातिल ,चॉकलेट का लालच बना मौत का कारण, सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज

बी के झा

NSK

कानपुर /नई दिल्ली, 25 अक्टूबर

कानपुर में दिल दहला देने वाली वारदात बर्रा थानाक्षेत्र के हरदेव नगर इलाके में शुक्रवार शाम एक ऐसा अपराध हुआ जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया।

एक मां के प्रेमी ने 6 साल के मासूम बेटे की हत्या कर दी — और फिर शव को पांडु नहर के किनारे फेंक दिया।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की और देर रात मुठभेड़ के दौरान उसे पकड़ लिया। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

चॉकलेट का लालच बना काल

शुक्रवार दोपहर 3 बजे के करीब, 6 वर्षीय आयुष सोनकर घर के बाहर खेल रहा था।उसी वक्त पड़ोसी शिवम सक्सेना (22) उसे चॉकलेट और टॉफी का लालच देकर अपने साथ ले गया।सीसीटीवी फुटेज में दोनों को स्नेह चौराहे से अर्रा की ओर जाते देखा गया, लेकिन लौटते वक्त शिवम अकेला नजर आया।पुलिस ने फुटेज खंगालने के बाद पांडु नहर से मासूम का शव बरामद किया। आयुष की मां ममता और पिता माखन सोनकर का रो-रोकर बुरा हाल है।

सीसीटीवी ने खोला राज: मां का प्रेमी निकला हत्यारा डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि शिवम और ममता के बीच प्रेम संबंध थे।दोनों एक ही मकान में किराए पर रहते थे। इसी अवैध संबंध के कारण दोनों परिवारों में तनाव रहता था।पुलिस के अनुसार, ममता द्वारा दूरी बनाए जाने पर शिवम ने गुस्से में आकर यह अमानवीय कदम उठाया।

देर रात हाफ एनकाउंटर में हुआ गिरफ्तार पुलिस की तीन टीमें लगातार उसकी तलाश में लगी थीं। देर रात आरोपी शहर छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी बर्रा पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने उसे घेर लिया।

आरोपी ने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की, जिसके जवाब में की गई फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में इलाज के बाद जेल भेजा जा रहा है।

इलाके में मातम और आक्रोश

हरदेव नगर में गम और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आरोपी को फांसी देने की मांग की है।मोहल्ले के एक बुजुर्ग बोले, “जिसे परिवार समझा, वही दरिंदा निकला — अब किसी पर भरोसा करना मुश्किल है।”

समाज के लिए सबक और चेतावनीयह घटना इस बात की कड़ी चेतावनी है कि

अवैध संबंध सिर्फ परिवारों को नहीं तोड़ते, बल्कि मासूम ज़िंदगियाँ भी निगल लेते हैं।

भरोसे की नींव जब टूटती है, तब समाज की आत्मा भी घायल होती है।

अब वक्त है कठोर कानून का ऐसे अपराधों को रोकने के लिए अब समाज और सरकार को “अवैध संबंधों से उपजे अपराधों” पर विशेष कानून लाने की आवश्यकता है।ताकि किसी और मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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