‘मेरी हत्या भी करा सकते हैं…’ सुरक्षा बढ़ने के बाद फटे तेज प्रताप के तेवर; राजनीति में उठी नई भूचाल

बी के झा

NSK

पटना/नई दिल्ली, 9 नवंबर

बिहार की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर में है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के मुखिया तेजप्रताप यादव ने रविवार को ऐसा बयान दिया जिसने चुनावी माहौल में भूचाल ला दिया। केंद्र सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद तेजप्रताप ने दावा किया कि “

मेरी जान को गंभीर खतरा है…

मेरी हत्या भी कराई जा सकती है।

कई लोग लगे हुए हैं।”सरकार की तरफ से तेजप्रताप को वाई कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की गई है। गृह मंत्रालय के आदेश पर सीआरपीएफ की एक विशेष टीम उनकी सुरक्षा में तैनात कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, इस श्रेणी की सुरक्षा में 11 कमांडो होते हैं—छह कमांडो तीन शिफ्टों में साथ चलने के लिए और पाँच कमांडो घर तथा आसपास के क्षेत्र में तैनात।तेजप्रताप ने सुरक्षा बढ़ाए जाने की पुष्टि करते हुए कहा,“हम लगातार कह रहे थे कि खतरा है। हमारी बात सुनी गई।

लेकिन ये खतरा टला नहीं है… ढेर सारे लोग लगे हुए हैं।”

पहले भी जता चुके हैं खतरा, चार-पांच लोगों पर उठाई थी उंगली यह पहली बार नहीं है जब तेजप्रताप ने खुद को निशाने पर बताया हो। इसी साल जून में भी उन्होंने एएनआई से कहा था—“मेरे चार-पाँच दुश्मन हमारे निजी जीवन को बर्बाद करने पर तुले हैं। हर तरफ से खतरा है।”तब भी उन्होंने आरोप तो लगाए, लेकिन नाम बताने से इंकार कर दिया था।

भाई तेजस्वी को दी जन्मदिन की बधाई—

परिवार में दूरी, पर भावनाओं में नहीं कमी

सियासी तूफान के बीच उन्होंने अपने छोटे भाई और महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव को जन्मदिन की बधाई भी दी।

तेजस्वी 37 वर्ष के हो गए और परिवार संग केक काटते दिखे।तेजप्रताप ने कहा—“

तेजस्वी को मेरा आशीर्वाद।

उसका भविष्य उज्ज्वल हो—यही दुआ है।”लालू परिवार में ‘दरार’ से निकला नया दल—और बदला पूरा समीकरणतेजप्रताप को इसी वर्ष अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी और परिवार दोनों से बाहर कर दिया गया था।अनुष्का यादव के साथ वायरल हुई तस्वीर के बाद लालू प्रसाद ने कड़ा कदम उठाया, जिसके बाद तेजप्रताप ने जनशक्ति जनता दल बनाकर सीधी चुनावी लड़ाई छेड़ दी।उनका आरोप है—“कुछ जयचंदों ने मेरे खिलाफ साजिश की। मुझे परिवार से अलग करवाया।

क्या केंद्र का ‘सियासी खेल’ शुरू?

विश्लेषकों की दो-टूक राय तेजप्रताप को अचानक वाई कैटेगरी सुरक्षा मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार चुनाव के दूसरे चरण से पहले ही ‘चाल’ चल दी है।

एक वरिष्ठ विश्लेषक का बयान—“पटना एयरपोर्ट पर रविकिशन और तेजप्रताप को साथ देखना एक संकेत था। अमित शाह ने वही खेल खेल दिया जो महाराष्ट्र में शरद पवार के खिलाफ अजित पवार के साथ खेला था। अब यह तीर लालू परिवार पर चल चुका है।”

एक शिक्षाविद ने तंज कसा—“क्या केंद्र ने तेजप्रताप को वाई कैटेगरी देकर उन्हें अपना प्यादा बना लिया?

क्या ये महाराष्ट्र वाला दोहराव है? सवाल उठना स्वाभाविक है।”

विशेषज्ञ मानते हैं कि जैसे ही तेजप्रताप ने सुरक्षा मिलने के बाद राहुल गांधी और RJD नेतृत्व पर हमला बोला, राजनीति की दिशा बदलने लगी।कुछ नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार यह दिखाना चाहती है कि लालू परिवार में दरार पड़ चुकी है और सत्ता समीकरण अब अलग दिशा में जा सकता है।

क्या भ्रष्टाचार केसों से बचाव का रास्ता?

चर्चा यह भी है कि सुरक्षा और राजनीतिक समीकरणों के बीच कहीं न कहीं तेजप्रताप को उन मामलों से ‘राहत’ मिलने का संदेश तो नहीं दिया गया जो लालू परिवार पर वर्षों से चल रहे हैं।

विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहा है—“क्या सुरक्षा के बदले राजनीतिक सौदेबाजी हो रही है?

”चुनावी महाभारत में तेजप्रताप—अब किस पाले में?

एक तरफ तेजप्रताप खुद को खतरे में मान रहे हैं, दूसरी तरफ बीजेपी के कुछ नेताओं से उनकी नजदीकियों की तस्वीरें चर्चाओं को हवा दे रही हैं।बिहार का चुनावी माहौल गर्म है और तेजप्रताप का यह बयान राजनीतिक तापमान को और कई डिग्री बढ़ाने वाला है।कुल मिलाकर, बिहार चुनाव 2025 में अब तेजप्रताप यादव सिर्फ एक उम्मीदवार नहीं—बल्कि वह ‘फैक्टर’ बन चुके हैं जिसकी दिशा और दशा तय करेगी कि इस चुनावी रणभूमि में कौन महाभारत जीतेगा और कौन हारेगा।

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