मोकामा में जन सुराज नेता की गोली मारकर हत्या, फिर गाड़ी से कुचल डाला — सियासी रणभूमि में गूंजी गोलियां

बी के झा

NSK

पटना / मोकामा / न ई दिल्ली, 30 अक्टूबर

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मोकामा एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला। गुरुवार को जन सुराज पार्टी के कद्दावर नेता दुलारचंद यादव की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। अपराधियों ने पहले उन्हें गोलियों से भून डाला और फिर निर्दयता की हद पार करते हुए गाड़ी से कुचल दिया।वारदात मोकामा के बसावनचक गांव की है, जहां दुलारचंद जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के साथ प्रचार में निकले थे।

घटनास्थल पर उनकी गाड़ी पर गोलियों के कई निशान मिले हैं। हत्या के बाद इलाके में तनाव फैल गया है।सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा।

आईजी रेंज जितेंद्र राणा ने बताया कि “स्थिति पर नियंत्रण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है और पुलिस हर कोण से मामले की जांच कर रही है।”

परिजनों का आरोप –

अनंत सिंह के इशारे पर हत्या-

”दुलारचंद यादव के परिजनों ने इस जघन्य हत्या का आरोप जेडीयू प्रत्याशी और बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह पर लगाया है।परिजनों ने कहा कि चुनावी माहौल में दुलारचंद लगातार मोकामा में जन सुराज के लिए जनसंपर्क कर रहे थे, जिससे विरोधी खेमे में खलबली थी।

फेसबुक लाइव पर फूट पड़ा गुस्सा — “हम गरीब हैं, मगर दबेंगे नहीं”वारदात के कुछ ही समय बाद जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव आकर खुलकर आरोप लगाया।

उन्होंने कहा —हमारी गाड़ी पर हमला किया गया, प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। गरीब दबने वाला नहीं है। दुलारचंद यादव को मारा गया है, लेकिन यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं। टाल हमारा इलाका है, गुंडागर्दी अब और नहीं चलेगी।पीयूष ने भावुक स्वर में कहा कि “जो हुआ उसका जवाब बहुत जल्द दिया जाएगा।

मोकामा बनी चुनावी अखाड़ा —

बाहुबली बनाम बाहुबलीइस बार मोकामा विधानसभा सीट बिहार की सबसे हॉट सीटों में गिनी जा रही है।यहां से एनडीए प्रत्याशी अनंत सिंह (जेडीयू) मैदान में हैं, जिनकी पहचान बिहार की सियासत में एक बाहुबली चेहरे के रूप में रही है।उनके खिलाफ महागठबंधन ने सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी (आरजेडी) को उतारा है।

वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से युवा चेहरा पीयूष प्रियदर्शी ताल ठोक रहे हैं।तीनों दलों की त्रिकोणीय लड़ाई के बीच अब हत्या की यह वारदात पूरे बिहार के राजनीतिक तापमान को और भड़का सकती है।

राजनीतिक हलचल तेज,

पुलिस के लिए बड़ी चुनौतीहत्या के बाद मोकामा और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।चुनावी रैलियों पर सख्ती और संभावित टकराव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, विपक्ष ने सवाल उठाया है कि “अगर चुनाव प्रचार के दौरान नेता सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा?”

जन सुराज की प्रतिक्रियाजन

सुराज प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा,हम लोकतंत्र की लड़ाई मैदान में लड़ रहे हैं। हमारे नेता की हत्या बिहार के चुनावी माहौल पर गहरा धब्बा है। अगर दोषियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया, तो जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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