बी के झा
NSK

नई दिल्ली/लखनऊ, 1 दिसंबर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन, के दौरान प्रदेश भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को साफ और सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की समस्याओं का समाधान “स्थानीय स्तर पर, समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से” होना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी मामले में पारदर्शिता से समझौता न हो।जनता दर्शन में 42 से अधिक फरियादी पहुंचे—
CM ने खुद सुनी समस्याएँ
सोमवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित जनता दर्शन में 42 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी ने हर फरियादी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा दिया।ज्यादातर मामले जमीनी विवाद, राजस्व प्रकरणों और पुलिस से संबंधित शिकायतों से जुड़े थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा—किसी भी पीड़ित को थाना–कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं ऐसे मामलों की निगरानी करें और न्याय सुनिश्चित कराएँ।”उन्होंने पुलिस आयुक्तों, एडीजी, एसएसपी और एसपी स्तर के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि हर शिकायत पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई हो।”हर पीड़ित की मदद के लिए सरकार प्रतिबद्ध” —
सीएम योगी जनता दर्शन में दो फरियादियों ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री योगी ने तुरंत दोनों को मदद का आश्वासन देते हुए कहा—सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है। विशेषकर चिकित्सा से संबंधित मामलों में हम नियमित रूप से सहायता प्रदान करते हैं।
आप अपना उपचार एस्टिमेट उपलब्ध कराएँ, सरकार सहायता देगी।उनके इस आश्वासन से जनता दर्शन में मौजूद लोगों के चेहरे खिल उठे।बच्चों से मुलाकात का मानवीय पक्ष जनता दर्शन में कई अभिभावक अपने बच्चों के साथ पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को गोद में उठाया, दुलारा और चॉकलेट भी दी। उन्होंने कुछ बच्चों से पढ़ाई के बारे में पूछा और उन्हें मन लगाकर पढ़ने व बड़े होकर नाम कमाने का आशीर्वाद दिया।मुख्यमंत्री का यह सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार जनता दर्शन में मौजूद लोगों के लिए प्रेरक क्षण बन गया।
योगी सरकार का संदेश स्पष्ट—पुलिस प्रशासन जवाबदेह और संवेदनशील बनें इस पूरे कार्यक्रम के केंद्र में था मुख्यमंत्री का यह स्पष्ट संदेश कि—कानून-व्यवस्था, पारदर्शिता, और पीड़ित केंद्रित व्यवस्था योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को न्याय के लिए भटकना न पड़े, और पुलिस कार्रवाई में देरी या पक्षपात की गुंजाइश न रहे। वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत निगरानी और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश देकर मुख्यमंत्री ने यह संकेत भी दिया कि प्रशासनिक ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
