बी के झा
NSK

अयोध्या / न ई दिल्ली, 29 अक्टूबर
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। रामलला के भव्य मंदिर के शिखर पर अब 25 नवंबर को पैराशूट फैब्रिक से निर्मित पवित्र भगवा ध्वज फहराया जाएगा — जो 205 फीट की ऊँचाई से पूरे विश्व को रामराज्य का संदेश देगा।
इस अद्वितीय ध्वजारोहण समारोह के मुख्य अतिथि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे।यह ध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा है, जिसका वजन 11 किलो बताया जा रहा है। इसके आरोहण के लिए नायलॉन की मजबूत रस्सी का उपयोग किया जाएगा।
ध्वजारोहण के दौरान भारतीय सेना के वीर जवान प्रधानमंत्री की सहायता करेंगे। विशेष तैयार की गई सेना की टीम ने सोमवार से ही इस ऐतिहासिक पल के लिए पूर्वाभ्यास प्रारंभ कर दिया है।
ध्वज पर रामराज्य के प्रतीकराम मंदिर के शिखर की ऊँचाई 161 फीट है, जिस पर 44 फीट का ध्वजदंड लगाया गया है। इस प्रकार मंदिर का कुल शिखर अब 205 फीट की ऊँचाई पर पहुँच गया है।
ध्वज में सूर्यवंश के प्रतीक भगवान सूर्य, समन्वय के प्रतीक ॐ, तथा रामराज्य के राजकीय चिन्ह कोविदार वृक्ष अंकित होंगे।
केसरिया रंग में सुसज्जित यह ध्वज पूर्णतः फायरप्रूफ और स्टॉर्म-रेज़िस्टेंट होगा।
वैज्ञानिकों की एक टीम प्रयोगशाला में इसकी क्षमता का परीक्षण कर रही है, जिसकी रिपोर्ट आगामी समिति बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।
8 हजार अतिथियों को आमंत्रणभवन-निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने बताया कि समारोह में लगभग 8,000 अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इन सभी से अनुरोध किया गया है कि वे एक दिन पूर्व अयोध्या पहुँच जाएँ और समारोह स्थल पर दो घंटे पहले अपनी उपस्थिति दर्ज करें।
प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की भाँति इस बार भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। विशेष यह कि इस बार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं की उपस्थिति सर्वाधिक रहेगी।
विवाह पंचमी पर होगा ध्वजारोहण —
रामलला के विवाहोत्सव से जुड़ेगा ऐतिहासिक पल 25 नवंबर को विवाह पंचमी का पावन पर्व भी है। इसी दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाहोत्सव का उत्सव अयोध्या के मंदिरों में परंपरागत रूप से मनाया जाता है। इस अवसर पर नगर में दर्जनों बारातें निकलती हैं और श्रद्धा-भक्ति का महासागर उमड़ पड़ता है।ऐसे शुभ अवसर पर ध्वजारोहण का आयोजन इस दिन को रामभक्तों के लिए अविस्मरणीय बना देगा।
ध्वजारोहण के अगले दिन से खुलेगा पूरा मंदिर परिसर
समिति ने यह भी घोषणा की है कि ध्वजारोहण के अगले दिन से श्रद्धालु रामलला के दर्शन के साथ-साथ मंदिर परिसर के अन्य छह मंदिरों —
शेषावतार, सप्त मंडपम, और कुबेर नवरत्न टीला —का भी दर्शन कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिदिन दर्शन की संख्या सीमित रखी जाएगी और पास प्रणाली लागू की जाएगी ताकि कोई भी भक्त असुविधा का सामना न करे।“
अयोध्या की धरती अब केवल भक्ति की नहीं, गौरव की प्रतीक बनेगी” —
नृपेन्द्र मिश्रभवन निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने कहा —
हमारी प्राथमिकता यह है कि अयोध्या आने वाला हर श्रद्धालु रामलला का दर्शन कर सके और इस पावन स्थल की भव्यता को निहार सके। यह केवल मंदिर नहीं, भारत की आत्मा का पुनर्जागरण है।
अयोध्या तैयार है – विश्व देखेगा भारत की आस्था का उत्कर्ष25 नवंबर को अयोध्या का आसमान भगवा रंग में रंग जाएगा, शंखनाद गूंजेंगे, जय श्रीराम के जयकारे उठेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के हाथों राम मंदिर के शिखर पर पवित्र ध्वज फहराकर भारत फिर से रचेगा भक्ति और एकता का इतिहास।यह दिन न केवल रामभक्तों के लिए बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए ‘आस्था और गौरव का स्वर्ण अध्याय’ बनकर अंकित होगा।
