बी के झा
NSK

पटना/बिहार, 6 नवंबर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग गुरुवार को जारी है। राज्य में 121 सीटों पर मतदान हो रहा है और कई दिग्गज नेताओं की किस्मत EVM में बंद हो चुकी है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मतदान करने के बाद अपने दोनों बेटों—तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव—को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
“बदलाव होगा… लोग करेंगे” — राबड़ी देवी की अपीलराबड़ी देवी ने बिहार वेटनरी कॉलेज ग्राउंड स्थित मतदान केंद्र पर सुबह-सुबह अपना वोट डाला।वोटिंग के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने जनता, खासकर महिलाओं और युवाओं से अपील करते हुए कहा—“घर से बाहर निकलें, मतदान केंद्र जाएं और वोट करें। लोकतंत्र में बदलाव जनता करती है… और बदलाव होगा, लोग करेंगे।”उनके शब्दों में उत्साह और भरोसा दोनों साफ झलक रहा था।
दो बेटों पर राबड़ी का भावुक बयान: “मैं मां हूं… दोनों मेरे लिए बराबर”जब पत्रकारों ने तेज प्रताप और तेजस्वी को लेकर सवाल किया तो राबड़ी देवी का चेहरा एक पल के लिए मां की ममता में बदल गया।उन्होंने कहा—“मैं बिहार के लोगों से अपील करती हूं कि वे अपने अधिकार को पहचाने और वोट करें। जहां तक मेरे बेटों की बात है—मैं उनकी मां हूं। दोनों मेरे लिए समान हैं। दोनों अपने पैरों पर खड़े होकर चुनाव लड़ रहे हैं। मेरी शुभकामनाएं दोनों के साथ हैं।”राबड़ी देवी की आवाज में भावुकता साफ महसूस हुई। राजनीतिक दूरी और अलग-अलग रास्ते चुनने के बावजूद राबड़ी देवी ने दोनों बेटों के लिए एक जैसी दुआ की।
तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच राजनीतिक दूरी पर भी बोलीं राबड़ी देवीमीडिया ने जब यह सवाल उठाया कि तेज प्रताप अब अपनी अलग पार्टी “जनशक्ति जनता दल” बनाकर चुनाव लड़ रहे हैं और RJD का हिस्सा नहीं हैं, तो राबड़ी देवी ने सहज लेकिन भावुक जवाब दिया—“मैं एक मां हूं… मेरे लिए सभी बच्चे एक समान होते हैं। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन मां का दिल अलग होता है। मैं भगवान से यही प्रार्थना करती हूं कि दोनों भाई चुनाव जीतें।”उनके इस जवाब ने माहौल को एक पल के लिए भावनात्मक बना दिया।साफ था कि राजनीति में चाहे टकराव हो, परिवार में चाहे दूरी, लेकिन मां राबड़ी देवी के दिल से दोनों बेटों के लिए दुआ कभी कम नहीं हुई।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: तेज प्रताप और तेजस्वी की अलग-अलग राहें हाल ही में लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को पार्टी से बाहर कर दिया था।इसके बाद तेज प्रताप ने नई पार्टी बनाकर खुद महुआ सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया।उनकी पार्टी कई सीटों पर उम्मीदवार उतार चुकी है।दूसरी ओर, तेजस्वी यादव राघोपुर से चुनाव लड़ रहे हैं और महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए राबड़ी देवी का यह बयान और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निष्कर्ष:
राजनीति अलग, मां का दिल अलग
तेजस्वी-तेज प्रताप की राजनीतिक राहें भले ही अलग हो चुकी हों, लेकिन राबड़ी देवी ने साफ कर दिया कि मां की नजर में दोनों बेटे बराबर हैं।उनका बयान न सिर्फ राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना, बल्कि इस चुनावी माहौल में एक भावनात्मक स्पर्श भी लेकर आया।दो भाइयों की चुनावी जंग के बीच एक मां की यह अपील बिहार की राजनीति में एक नरम लेकिन असरदार छाप छोड़ गई है।
